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3 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-322💐

आज अंजुमन फिर फ़ीकी है,
क्या वो कोई आवाज़ न देंगे,
क्यों उनकी बे-रुख़ी तीखी है,
तो वो मेरा सलाम भी न लेंगे।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
76 Views
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