Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Aug 11, 2016 · 1 min read

आजादी

एक हकीकत है,
कोई कहानी नहीं।
आजादी के लिए,
बहा था लहू,
की नादानी नहीं।

सिंहासन डोला था,
वीरों की हुंकार पर।
मरना धा मंजूर,
झुकना गवारा नहीं।।

ना धा मंजूर,
तन को देना।
चाहे जोहर में,
कूद जाना था।।

मजाक बना रखा है,
चंद कुर्सी के लोभियों ने।
अब उन्हें सहन करना,
हमें गवारा नहीं।।

नीलाम ना होने देंगे,
ए धरती माँ तुझे।
गद्दारों के इरादे,
हमें अब सहना नहीं।।

जय हिंद जय भारत…….

3 Comments · 166 Views
You may also like:
पिता एक विश्वास - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
बुद्ध या बुद्धू
Priya Maithil
गीत
शेख़ जाफ़र खान
पिता - जीवन का आधार
आनन्द कुमार
प्रेम में त्याग
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
पिता मेरे /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
कर्ज भरना पिता का न आसान है
आकाश महेशपुरी
काश मेरा बचपन फिर आता
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
*"पिता"*
Shashi kala vyas
भगवान हमारे पापा हैं
Lucky Rajesh
मेरी तकदीर मेँ
Dr fauzia Naseem shad
इश्क
Anamika Singh
बरसात की झड़ी ।
Buddha Prakash
.....उनके लिए मैं कितना लिखूं?
ऋचा त्रिपाठी
ख़्वाहिशें बे'लिबास थी
Dr fauzia Naseem shad
जैवविविधता नहीं मिटाओ, बन्धु अब तो होश में आओ
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
जीवन संगनी की विदाई
Ram Krishan Rastogi
सिर्फ तुम
Seema 'Tu haina'
मौन में गूंजते शब्द
Manisha Manjari
ग़ज़ल
सुरेखा कादियान 'सृजना'
बारिश की बौछार
Shriyansh Gupta
यकीन कैसा है
Dr fauzia Naseem shad
पिता की व्यथा
मनोज कर्ण
हे तात ! कहा तुम चले गए...
मनोज कर्ण
कभी वक़्त ने गुमराह किया,
Vaishnavi Gupta
कूड़े के ढेर में भी
Dr fauzia Naseem shad
ईश्वरतत्वीय वरदान"पिता"
Archana Shukla "Abhidha"
बरसात की छतरी
Buddha Prakash
ज़िंदगी से सवाल
Dr fauzia Naseem shad
तू नज़र में
Dr fauzia Naseem shad
Loading...