Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Jun 29, 2022 · 1 min read

आओ तुम

आओ तुम

आओ तुम ……….!
अपनी सारी नसीहतें
ढ्योढी पर छोड़ कर
मुक्त मन का वही
दर्पण संग लेकर
निहारेंगे उस दर्पण में
सरल हो जाएंगे
अपना अक्स
तुम सा कर जाएंगे
आओ तुम ………..!
छुटपन सी सुझबूझ
अबूझ पहेलियों के
झमेले लेकर ।
झमेले के झोले में
उपकरण औजार होंगे ।
विरक्त निस्तेज
अवसन्न के मखरज पर
मुकुलित मुस्कान जड़ देंगे।
विषम विकीर्ण
मानस पटल
समदर्शी तासीर से
तर कर देंगे।
आओ तुम……….. !
निश्छल लड़कपनी
उड़न खटोले
पर बैठकर।
संगीता बैनीवाल

10 Likes · 7 Comments · 592 Views
You may also like:
✍️जरूरी है✍️
Vaishnavi Gupta
समय को भी तलाश है ।
Abhishek Pandey Abhi
बरसात की छतरी
Buddha Prakash
वेदों की जननी... नमन तुझे,
मनोज कर्ण
झुलसता पर्यावरण / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
✍️बारिश का मज़ा ✍️
Vaishnavi Gupta
सुन्दर घर
Buddha Prakash
कोई हमदर्द हो गरीबी का
Dr fauzia Naseem shad
बस एक निवाला अपने हिस्से का खिला कर तो देखो।
Gouri tiwari
Green Trees
Buddha Prakash
बेटियों तुम्हें करना होगा प्रश्न
rkchaudhary2012
"समय का पहिया"
Ajit Kumar "Karn"
ब्रेकिंग न्यूज़
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
उसे देख खिल जातीं कलियांँ
श्री रमण 'श्रीपद्'
पिता
Kanchan Khanna
ये शिक्षामित्र है भाई कि इसमें जान थोड़ी है
आकाश महेशपुरी
काश मेरा बचपन फिर आता
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
इज़हार-ए-इश्क 2
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
अनामिका के विचार
Anamika Singh
मेरी तकदीर मेँ
Dr fauzia Naseem shad
रुक-रुक बरस रहे मतवारे / (सावन गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
दहेज़
आकाश महेशपुरी
यादें
kausikigupta315
✍️आशिकों के मेले है ✍️
Vaishnavi Gupta
भोर का नवगीत / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
"रक्षाबंधन पर्व"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
तू कहता क्यों नहीं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
ग़ज़ल /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
छोड़ दो बांटना
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
मेरी लेखनी
Anamika Singh
Loading...