Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Settings
Aug 14, 2016 · 1 min read

आओ स्वतंत्रता दिवस मनाएं

आओ स्वतंत्रता दिवस मनाएंआओ स्वतंत्रता दिवस मनाएं
लालकिला पर तिरंगा फहराएं
मातृ भूमि पर हो गए शहीद जो
वीर सपूतों की गाथा को गायें
झाँसी की रानी वो मस्तानी
मंगल पाण्डे की अमर कहानी
नाना तांत्या के बलि वेदी पर
आज श्रद्धा के सुमन चढ़ाएं
आओ स्वतन्त्रता———-
ओढ़ बसन्ती टोला निकले जो
हंसकर फंदे में झूल गए जो
भगत,सुखदेव राजगुरु इंकलाबी
शंख वन्देमातरम का बजाएं
आओ स्वतंत्रता——-
हुए शहीद विपिन दा, बोहरे जी
रो न सकी वो दुर्गा भाभी थी
अशफ़ाक़ की राष्ट्र भक्ति का
फिर से यश गान हम गायें
आओ स्वतंत्रता———–
तुम खून दो मैं आज़ादी दूंगा
आज़ाद हिन्द ही फ़ौज रखूँगा
नहीं देश को झुकने अब दूंगा
सुभाष चन्द्र का स्वप्न सजाएं
आओ स्वंत्रता———
विस्मिल,लहिरी,और रौशन सिंह
चौरचोरी फिर काकोरी के सिंह
जोगेश चटर्जी अनजान दीवाने
लाला लाजपतराय को गायें
आओ स्वतंत्रता——–
तिलक,गोखले गांधी आंदोलन
जाग उठा भारत का जन जन
गूंज उठा घर घर जन गण मन
नवयुग का नव बिगुल बजाएं
आओ स्वतंत्रता———-
बल्लभ पटेल,अब्दुल हमीद से
रखी अखण्डता अपने दम से
बने भयंकर शिव शंकर से
आओ उन्हें सम्मान दिलाएं
आओ स्वतंत्रतदिवस——-
अंत आवाहन ये युवा पीड़ी से
राणाप्रताप बन हुंकार लो फिर से
मुक्त करो राष्ट्र को राष्ट्रद्रोह से
अपने कश्मीर को सजाएं फिर से
आओ स्वतंत्रता———-
वन्देमातरम

9 Comments · 300 Views
You may also like:
उनकी यादें
Ram Krishan Rastogi
रिश्तों की डोर
मनोज कर्ण
*!* दिल तो बच्चा है जी *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
बुआ आई
राजेश 'ललित'
पिता के रिश्ते में फर्क होता है।
Taj Mohammad
बंदर भैया
Buddha Prakash
जय जय भारत देश महान......
Buddha Prakash
कण-कण तेरे रूप
श्री रमण 'श्रीपद्'
मैं तो सड़क हूँ,...
मनोज कर्ण
A wise man 'The Ambedkar'
Buddha Prakash
हे पिता,करूँ मैं तेरा वंदन
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
कैसे गाऊँ गीत मैं, खोया मेरा प्यार
Dr Archana Gupta
बुध्द गीत
Buddha Prakash
"याद आओगे"
Ajit Kumar "Karn"
पिता आदर्श नायक हमारे
Buddha Prakash
बिटिया होती है कोहिनूर
Anamika Singh
कौन दिल का
Dr fauzia Naseem shad
पिता
Shankar J aanjna
पिता हैं धरती का भगवान।
Vindhya Prakash Mishra
आइना हूं मैं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
तुम हमें तन्हा कर गए
Anamika Singh
वो बरगद का पेड़
Shiwanshu Upadhyay
हम सब एक है।
Anamika Singh
हम भटकते है उन रास्तों पर जिनकी मंज़िल हमारी नही,
Vaishnavi Gupta
गिरधर तुम आओ
शेख़ जाफ़र खान
नर्मदा के घाट पर / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
"आम की महिमा"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
छीन लिए है जब हक़ सारे तुमने
Ram Krishan Rastogi
काश....! तू मौन ही रहता....
Dr. Pratibha Mahi
उतरते जेठ की तपन / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
Loading...