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आए कोई पास मेरे, अपना बनाने आए !

आए कोई पास मेरे, अपना बनाने आए !
खोलकर अपनी उनीदी पलकें,
अपने ख्वाबों को मेरे दिल में सजाने आए
राह कट जाएगी यूँ ही चलके
दो कदम जो वो मेरे साथ बढ़ाने आए
आए कोई पास मेरे, अपना बनाने आए !
तुम भी एक रोज़ चलो कोई बहाना कर के ,
तुम से मिलने को हमें लाख बहाने आए
मेरी हसरत के खिले फूल ये मुरझा कर के,
कैसे आँखों में ये दो बूँद सुहाने आए
आए कोई पास मेरे, अपना बनाने आए !

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