Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#16 Trending Author
Jun 16, 2022 · 1 min read

अस्मतों के बाज़ार लग गए हैं।

अस्मतों के बाजार लग गए है।
जिस्म ए इंसा खुशियों के सामान बन गए है।।1।।

हुस्न के इन जलते चरागों में।
जाने कितने ही घरों के अरमान जल गए है।।2।।

बड़ा आलिम है वो शहर का।
उसके कहे हर अल्फाज़ फरमान बन गए है।।3।।

मुहब्बत पे कैसे करें अकीदा।
दिल्लगी जिससे की दुश्मने जान बन गए है।।4।।

जिन्दगियां हिदायत पा गयी।
वो सारे कलमा पढ़के मुसलमान बन गए है।।5।।

अब क्या कोई जुदा करेगा।
हम एक-दूसरे के जमीं आसमान बन गए है।।6।।

ताज मोहम्मद
लखनऊ

2 Comments · 57 Views
You may also like:
बताओ मुझे
Anamika Singh
मेरी नेकियां।
Taj Mohammad
The moon descended into the lake.
Manisha Manjari
फ़ौजी
Lohit Tamta
ग्रहण
ओनिका सेतिया 'अनु '
रुक क्यों जाता हैं
Taran Singh Verma
लघुकथा: ऑनलाइन
Ravi Prakash
गज़ल सी रचना
Kanchan Khanna
तमन्ना ए कल्ब।
Taj Mohammad
मोहब्बत ही आजकल कम हैं
Dr.sima
ये दूरियां मिटा दो ना
Nitu Sah
सावन में एक नारी की अभिलाषा
Ram Krishan Rastogi
अंधेरी रातों से अपनी रौशनी पाई है।
Manisha Manjari
हम पर्यावरण को भूल रहे हैं
VINOD KUMAR CHAUHAN
तेरी याद में
DR ARUN KUMAR SHASTRI
बरसात की झड़ी ।
Buddha Prakash
कुण्डलिया
Dr. Sunita Singh
हमको आजमानें की।
Taj Mohammad
प्रयोजन
Shiva Awasthi
" शौक बड़ी चीज़ है या मजबूरी "
Dr Meenu Poonia
मुक्तक
AJAY PRASAD
जात पात
Harshvardhan "आवारा"
कोई ठांव मुझको चाहिए
Saraswati Bajpai
"फौजियों की अधूरी कहानी"
Lohit Tamta
कच्चे धागे का मूल्य
Seema Tuhaina
✍️शराब का पागलपन✍️
'अशांत' शेखर
किसको बुरा कहें यहाँ अच्छा किसे कहें
Dr Archana Gupta
हम समझते हैं
Dr fauzia Naseem shad
💐 गुजरती शाम के पैग़ाम💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
ईश्वर ने दिया जिंन्दगी
Anamika Singh
Loading...