Sep 24, 2016 · 1 min read

अशहार”

“सब को अपने जैसे रखना,
होंठों पे मत शिकवें रखना,।
**************
लौट सभी आयेंगे अपने,
खुले हुए दरवाजे रखना।
************
बस न जाये फ़ज़ा में पतझर,
हरी भरी कुछ शाखें रखना।
*****************
नाचे सदा मयूरा मन का,
कुछ भीगी बरसातें रखना।
***************
हँसा सको तुम उदासियों को,
पास में कुछ मुस्काने रखना।
*****************
#रजनी

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