Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#26 Trending Author

अरविंद सवैया छन्द।

– अरविंद सवैया छन्द।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

धन-धान मिला बहु मान मिला, पर छूट गया हमसे शिव धाम।
जब जीवन युद्ध बना तब तो, बस नित्य किये हम काम हि काम।
हम यौवन के मद चूर हुए, अरु भूल गए हिय से प्रभु नाम।
जब बृद्ध हुए बलहीन हुए, तब याद रहा नित राम हि राम।।

✍️ संजीव शुक्ल ‘सचिन’

2 Likes · 92 Views
You may also like:
गन्ना जी ! गन्ना जी !
Buddha Prakash
*सदा तुम्हारा मुख नंदी शिव की ही ओर रहा है...
Ravi Prakash
यादों से दिल बहलाना हुआ
N.ksahu0007@writer
सुन्दर घर
Buddha Prakash
माँ तुम्हें सलाम हैं।
Anamika Singh
सट्टेबाज़ों से
Suraj Kushwaha
शीतल पेय
श्री रमण
मुट्ठी में ख्वाबों को दबा रखा है।
Taj Mohammad
जैसा भी ये जीवन मेरा है।
Saraswati Bajpai
बस तुम्हारी कमी खलती है
Krishan Singh
बड़े पाक होते हैं।
Taj Mohammad
ये लखनऊ है मेरी जान।
Taj Mohammad
¡~¡ कोयल, बुलबुल और पपीहा ¡~¡
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
मिठास- ए- ज़िन्दगी
AMRESH KUMAR VERMA
भारतीय युवा
AMRESH KUMAR VERMA
संविधान विशेष है
Buddha Prakash
तेरा प्यार।
Taj Mohammad
कर्म ही पूजा है।
Anamika Singh
वाक्य से पोथी पढ़
शेख़ जाफ़र खान
" मां भवानी "
Dr Meenu Poonia
प्रकृति और कोरोना की कहानी मेरी जुबानी
Anamika Singh
ज़िंदगी का हीरो
AMRESH KUMAR VERMA
ग़म की ऐसी रवानी....
अश्क चिरैयाकोटी
जी हाँ, मैं
gurudeenverma198
इलाहाबाद आयें हैं , इलाहाबाद आये हैं.....अज़ल
लवकुश यादव "अज़ल"
कल खो जाएंगे हम
AMRESH KUMAR VERMA
परशुराम कर्ण संवाद
Utsav Kumar Aarya
जीने की वजह तो दे
Saraswati Bajpai
“माटी ” तेरे रूप अनेक
DESH RAJ
जिंदगी
AMRESH KUMAR VERMA
Loading...