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12 May 2022 · 1 min read

अभी बचपन है इनका

शीर्षक – अभी बचपन है इनका
———————————————–
अभी बचपन है इनका।
नहीं बनाओ मजदूर इनको।।
उम्र पढ़ने की है इनकी।
अभी पढ़ने दो इनको।।
अभी बचपन है—————–।।

हाथ कोमल है इनके।
मासूम चेहरे है इनके।।
शरीर नाजुक है इनका।
खेलने दो अभी इनको।।
अभी बचपन है —————–।।

मत डालो इनपे ,भार परिवार का।
सपना चुनने दो इनको,इनके संसार का।।
मजदूरी के लायक, ये अभी नहीं।
इनकी मंजिल, चुनने दो इनको।।
अभी बचपन है ———————–।।

बाल मजदूरी, एक महापाप है।
बालविवाह भी , एक अभिशाप है।।
इन फूलों को , अभी खिलने दीजिए।
गृहस्थी में , नहीं बांधों इनको।।
अभी बचपन है ——————–।।

साहित्यकार एवं शिक्षक-
गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)
मोबाईल नम्बर- 9571070847

Language: Hindi
Tag: गीत
213 Views
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