Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
11 Apr 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-547💐

अब कुछ नहीं बचा है तुम पयाम भेजते रहो,
हवा भी नहीं है यहाँ तुम ख़्याल भेजते रहो,
यह सब ख़त्म होगा यहाँ बहुत जल्द ख़त्म,
मेरी दुआओं के लिए तुम इनाम भेजते रहो।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
180 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Follow our official WhatsApp Channel to get all the exciting updates about our writing competitions, latest published books, author interviews and much more, directly on your phone.
You may also like:
तेरे होकर भी।
तेरे होकर भी।
Taj Mohammad
लोग आते हैं दिल के अंदर मसीहा बनकर
लोग आते हैं दिल के अंदर मसीहा बनकर
कवि दीपक बवेजा
★प्रकृति: तथा तत्वबोधः★
★प्रकृति: तथा तत्वबोधः★
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
आप और हम
आप और हम
Neeraj Agarwal
कुछ प्यार है तुम्हारा
कुछ प्यार है तुम्हारा
Dr fauzia Naseem shad
(3) कृष्णवर्णा यामिनी पर छा रही है श्वेत चादर !
(3) कृष्णवर्णा यामिनी पर छा रही है श्वेत चादर !
Kishore Nigam
अज़ब सा हाल तेरे मजनू ने बना रक्खा है By Vinit Singh Shayar
अज़ब सा हाल तेरे मजनू ने बना रक्खा है By Vinit Singh Shayar
Vinit kumar
"जिस में लज़्ज़त वही लाजवाब।
*Author प्रणय प्रभात*
11कथा राम भगवान की, सुनो लगाकर ध्यान
11कथा राम भगवान की, सुनो लगाकर ध्यान
Dr Archana Gupta
सच्चाई ~
सच्चाई ~
दिनेश एल० "जैहिंद"
बारिश की बौछार
बारिश की बौछार
Shriyansh Gupta
*रामपुर दरबार-हॉल में वाद्य यंत्र बजाती महिला की सुंदर मूर्त
*रामपुर दरबार-हॉल में वाद्य यंत्र बजाती महिला की सुंदर मूर्त
Ravi Prakash
तीखा सूरज : उमेश शुक्ल के हाइकु
तीखा सूरज : उमेश शुक्ल के हाइकु
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
खुशियों का बीमा
खुशियों का बीमा
Dr. Pradeep Kumar Sharma
स्याही की मुझे जरूरत नही
स्याही की मुझे जरूरत नही
Aarti sirsat
ऐ वतन
ऐ वतन
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
राम-राज्य
राम-राज्य
Shekhar Chandra Mitra
हम भारतीयों की बात ही निराली है ....
हम भारतीयों की बात ही निराली है ....
ओनिका सेतिया 'अनु '
गुरु नानक का जन्मदिन
गुरु नानक का जन्मदिन
सत्य भूषण शर्मा
जीवन
जीवन
Monika Verma
“जिंदगी की राह ”
“जिंदगी की राह ”
Yogendra Chaturwedi
#अज्ञानी_की_कलम
#अज्ञानी_की_कलम
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
बना कुंच से कोंच,रेल-पथ विश्रामालय।।
बना कुंच से कोंच,रेल-पथ विश्रामालय।।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
2491.पूर्णिका
2491.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
फितरत
फितरत
दशरथ रांकावत 'शक्ति'
हो गए
हो गए
सिद्धार्थ गोरखपुरी
The right step at right moment is the only right decision at the right occasion
The right step at right moment is the only right decision at the right occasion
DR ARUN KUMAR SHASTRI
वह है बहन।
वह है बहन।
Satish Srijan
खुशियों की रंगोली
खुशियों की रंगोली
Saraswati Bajpai
हुस्न वालों से ना पूछो गुरूर कितना है ।
हुस्न वालों से ना पूछो गुरूर कितना है ।
Prabhu Nath Chaturvedi
Loading...