Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Sep 8, 2017 · 1 min read

अत्याचारी

अत्याचारी!तुम लाख करो अत्याचार
नहीं टूटेगी हमारी सहने की डोर,
हमारे खुन का एक कतरा भी
तुम्हारे खिलाफ नहीं मचाएगा शोर ।

अत्याचारी!चाहे जितना भी हो कठोर
प्यार-जज्बात नहीं आँखों में तुम्हारी,
फिर भी हमे विश्वास है पुरी
करेंगे एक दिन चूर अहम तुम्हारी ।

अत्याचारी!खत्म करो अब अत्याचार
बन जाओ इंसान फिर एक बार,
आओ मिलजुलकर हम सजाएँ
शांतिमय एक नया संसार ।

297 Views
You may also like:
रिश्तों में बढ रही है दुरियाँ
Anamika Singh
द माउंट मैन: दशरथ मांझी
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
पीयूष छंद-पिताजी का योगदान
asha0963
अनमोल राजू
Anamika Singh
पाँव में छाले पड़े हैं....
डॉ.सीमा अग्रवाल
रावण - विभीषण संवाद (मेरी कल्पना)
Anamika Singh
पिता - जीवन का आधार
आनन्द कुमार
✍️लक्ष्य ✍️
Vaishnavi Gupta
गुमनाम मुहब्बत का आशिक
श्री रमण 'श्रीपद्'
पिता:सम्पूर्ण ब्रह्मांड
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
.....उनके लिए मैं कितना लिखूं?
ऋचा त्रिपाठी
वरिष्ठ गीतकार स्व.शिवकुमार अर्चन को समर्पित श्रद्धांजलि नवगीत
ईश्वर दयाल गोस्वामी
उफ ! ये गर्मी, हाय ! गर्मी / (गर्मी का...
ईश्वर दयाल गोस्वामी
प्यार की तड़प
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
आज मस्ती से जीने दो
Anamika Singh
बुन रही सपने रसीले / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता
नवीन जोशी 'नवल'
बाबासाहेब 'अंबेडकर '
Buddha Prakash
मेरी लेखनी
Anamika Singh
ऐसे थे पापा मेरे !
Kuldeep mishra (KD)
माँ (खड़ी हूँ मैं बुलंदी पर मगर आधार तुम हो...
Dr Archana Gupta
आई राखी
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
【6】** माँ **
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
पितृ-दिवस / (समसामायिक नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
आह! भूख और गरीबी
Dr fauzia Naseem shad
फहराये तिरंगा ।
Buddha Prakash
किसकी पीर सुने ? (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
ठोकर खाया हूँ
Anamika Singh
बरसाती कुण्डलिया नवमी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
तुम्हीं हो मां
Krishan Singh
Loading...