Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

अजनबी सी हवा की लहर हो गयी।

*गीतिका*
अजनबी -सी हवा की लहर हो गई।
कुछ खफा आज शामो-सहर हो गई।

एक वो बेखबर है मेरी प्रीत से।
और पूरे जहां को खबर हो गई।

वो सुनते नहीं है मेरे दिल की लय।
जाने कैसी उनकी नजर हो गई।

उनमें बसी है सुकूं रात सा।
और दिल में हमारे गदर हो गई।

हम उल्फत में काफी बेचैन हैं अब।
ये चर्चाऐं गावों – शहर हो गई।
*इषुप्रिय शर्मा’अंकित’*

1 Like · 143 Views
You may also like:
अग्निवीर
पाण्डेय चिदानन्द
वृक्ष थे छायादार पिताजी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
चिन्ता और चिता में अन्तर
Ram Krishan Rastogi
मुस्कुराइये.....
Chandra Prakash Patel
सरस्वती कविता
Ankit Halke jha Official's
In my Life.
Taj Mohammad
बख्स मुझको रहमत वो अंदाज़ मिल जाए
VINOD KUMAR CHAUHAN
(स्वतंत्रता की रक्षा)
Prabhudayal Raniwal
तुम चली गई
Dr.Priya Soni Khare
क्या होता है पिता
gurudeenverma198
बुन रही सपने रसीले / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
जीने की चाहत है सीने में
Krishan Singh
हिंदी
Pt. Brajesh Kumar Nayak
✍️बुलडोझर✍️
"अशांत" शेखर
मैं पिता हूं।
Taj Mohammad
ऊँच-नीच के कपाट ।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
श्रमिक
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
निशां मिट गए हैं।
Taj Mohammad
खुदा ने जो दे दिया।
Taj Mohammad
एक पनिहारिन की वेदना
Ram Krishan Rastogi
सुभाष चंद्र बोस
Anamika Singh
बिछड़न [भाग ३]
Anamika Singh
सर्वप्रिय श्री अख्तर अली खाँ
Ravi Prakash
माटी का है मनुष्य
"अशांत" शेखर
शर्म-ओ-हया
Dr. Alpa H. Amin
श्रीयुत अटलबिहारी जी
Pt. Brajesh Kumar Nayak
पत्नियों की फरमाइशें (हास्य व्यंग)
Ram Krishan Rastogi
Two Different Genders, Two Different Bodies And A Single Soul
Manisha Manjari
*!* सोच नहीं कमजोर है तू *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
दर्द भरे गीत
Dr.sima
Loading...