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26 Jun 2022 · 1 min read

अगर नशा सिर्फ शराब में

अगर नशा सिर्फ शराब में होती तो तेरे दर क्यों आतें साकी
जो जाम आंखों से तुमने पिलाया था उसकी कसक आज़ भी हैं बाकी।।

अब तो चाहत हैं तेरे दर पे मिट जाना
चाहे जाम समझकर तुम खुद पी जाना
तेरा दिलवर नहीं,तेरे नशें का गुलाम बोल रहा हैं
अगर जाम को ज़हर कहके पिलाओगी तब भी आज ये दिलबर पी जाएगा।।

Language: Hindi
Tag: ग़ज़ल
2 Likes · 2 Comments · 121 Views
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