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May 30, 2022 · 1 min read

अगर तुम खुश हो।

सुना है बड़े मकान है तुम्हारें इस शहर में।
सब मकान ही है या कोई घर भी है इन सबमें।।

मैं ग़लत हो सकता हूँ तुम्हारी यूँ नज़र में।
अगर तुम खुश हो तो खुश रहो इसी वहम में।।

✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️

2 Comments · 112 Views
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