Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
10 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-394💐

अगर कोई हक़ीक़त उनकी हमसे पूँछ लेगा,
कोई दूरी नहीं और दूरी भी है वो पूँछ लेगा,
ये चाँदनी रोशनी इनायत ये राहें वही तो हैं,
तो ये सवालनामे वो क्यूँकर हमसे पूछ लेगा

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
183 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
पुत्र एवं जननी
पुत्र एवं जननी
रिपुदमन झा "पिनाकी"
बेटियाँ
बेटियाँ
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
मुस्कुराते रहे
मुस्कुराते रहे
Dr. Sunita Singh
💐प्रेम कौतुक-467💐
💐प्रेम कौतुक-467💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
नेह धागों का त्योहार
नेह धागों का त्योहार
Seema gupta,Alwar
ईश्वर की परछाई
ईश्वर की परछाई
AMRESH KUMAR VERMA
*कभी बरसात है (घनाक्षरी)*
*कभी बरसात है (घनाक्षरी)*
Ravi Prakash
आख़िरी मुलाक़ात
आख़िरी मुलाक़ात
N.ksahu0007@writer
तुम क्या हो .....
तुम क्या हो ....." एक राजा "
Rohit yadav
स्थायित्व (Stability)
स्थायित्व (Stability)
Shyam Pandey
सावन
सावन
Mansi Tripathi
छोड़ जाएंगे
छोड़ जाएंगे
रोहताश वर्मा 'मुसाफिर'
✍️अनचाहे शोरगुल✍️
✍️अनचाहे शोरगुल✍️
'अशांत' शेखर
शब्दों की अहमियत को कम मत आंकिये साहिब....
शब्दों की अहमियत को कम मत आंकिये साहिब....
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
मित्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
Dr Archana Gupta
■ अनुभूति
■ अनुभूति
*Author प्रणय प्रभात*
🪔🪔दीपमालिका सजाओ तुम।
🪔🪔दीपमालिका सजाओ तुम।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
#विषय --रक्षा बंधन
#विषय --रक्षा बंधन
rekha mohan
*नाम है इनका, राजीव तरारा*
*नाम है इनका, राजीव तरारा*
Dushyant Kumar
देने तो आया था मैं उसको कान का झुमका,
देने तो आया था मैं उसको कान का झुमका,
Vishal babu (vishu)
पढ़ना सीखो, बेटी
पढ़ना सीखो, बेटी
Shekhar Chandra Mitra
प्रकृति और कोरोना की कहानी मेरी जुबानी
प्रकृति और कोरोना की कहानी मेरी जुबानी
Anamika Singh
दिल पे पत्थर
दिल पे पत्थर
shabina. Naaz
मुक्तक
मुक्तक
AJAY PRASAD
मन
मन
Sûrëkhâ Rãthí
--फेस बुक की रील--
--फेस बुक की रील--
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
साहस
साहस
डॉ.श्री रमण 'श्रीपद्'
तुम मेरे बादल हो, मै तुम्हारी काली घटा हूं
तुम मेरे बादल हो, मै तुम्हारी काली घटा हूं
Ram Krishan Rastogi
जब तुम आए जगत में, जगत हंसा तुम रोए।
जब तुम आए जगत में, जगत हंसा तुम रोए।
Dr MusafiR BaithA
मित्र भाग्य बन जाता है,
मित्र भाग्य बन जाता है,
Buddha Prakash
Loading...