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20 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-483💐

अक्सर मैंने उन्हें भुलाया,उन्होंने मुझे याद किया,
अभी भी बता रहा हूँ, फिर उन्होंने मुझे याद किया,
चलता रहे ऐसे भी यह इक तसल्ली हैं उनकी मिरी,
कहने में भी कुछ जाता है क्या,उन्होंने मुझे याद किया।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
73 Views
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