Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Feb 2023 · 1 min read

🌾☘️वनस्पति जीवाश्म☘️🌾

अनेक पेड़-पौधे जीव जंतु आदि लाखों बरसों से भूकंप आदि के कारण चट्टानों व पत्थरों के बीच दवे रहते हैं समय बीतने पर धीरे-धीरे इनकी छाप इन पत्रों तथा चट्टानों पर पड़ जाती है इसी बनावट के छुपे हुए पत्थरों को कौशल्या जी वचन कहते हैं विज्ञान की पूरा वनस्पति विज्ञान शाखा के अंतर्गत इन जीवाश्म का अध्ययन किया जाता है अध्ययन द्वारा पता लगाया जाता है कि हजारों लाखों वर्ष पूर्व पेड़ पौधे या जंतु किस प्रकार के थे तथा और समय की भूवैज्ञानिक परिस्थितियां कैसी थी हमारे दैनिक जीवन की चीजों की मिट्टी का तेल कोयला खनिज आदि की खोज में भी जीवश्रम अध्ययन सहायक होते हैं…✍️💯🧑‍⚖️

Language: Hindi
Tag: लेख
1 Like · 45 Views
Join our official announcements group on Whatsapp & get all the major updates from Sahityapedia directly on Whatsapp.
You may also like:
समय सीमित है इसलिए इसे किसी और के जैसे जिंदगी जीने में व्यर्
समय सीमित है इसलिए इसे किसी और के जैसे जिंदगी जीने में व्यर्
Shashi kala vyas
#डॉअरुणकुमारशास्त्री
#डॉअरुणकुमारशास्त्री
DR ARUN KUMAR SHASTRI
इंसान हूं मैं आखिर ...
इंसान हूं मैं आखिर ...
ओनिका सेतिया 'अनु '
*रंग बदलते रहते मन के,कभी हास्य है-रोना है (मुक्तक)*
*रंग बदलते रहते मन के,कभी हास्य है-रोना है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
बिगड़े रईस
बिगड़े रईस
Satish Srijan
मस्ती का त्यौहार है,  खिली बसंत बहार
मस्ती का त्यौहार है, खिली बसंत बहार
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
कोशिशें हमने करके देखी हैं
कोशिशें हमने करके देखी हैं
Dr fauzia Naseem shad
बरसात (विरह)
बरसात (विरह)
लक्ष्मी सिंह
"गूंगी ग़ज़ल" के
*Author प्रणय प्रभात*
सुन लो मंगल कामनायें
सुन लो मंगल कामनायें
Buddha Prakash
Deepak Kumar Srivastava
Deepak Kumar Srivastava "Neel Padam"
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
💐अज्ञात के प्रति-145💐
💐अज्ञात के प्रति-145💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
तुमसे अब मैं क्या छुपाऊँ
तुमसे अब मैं क्या छुपाऊँ
gurudeenverma198
तुम मेरे बादल हो, मै तुम्हारी काली घटा हूं
तुम मेरे बादल हो, मै तुम्हारी काली घटा हूं
Ram Krishan Rastogi
*बीमारी न छुपाओ*
*बीमारी न छुपाओ*
Dushyant Kumar
"नवसंवत्सर सबको शुभ हो..!"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
लॉकडाउन के बाद नया जीवन
लॉकडाउन के बाद नया जीवन
Akib Javed
“पतंग की डोर”
“पतंग की डोर”
DrLakshman Jha Parimal
Phoolo ki wo shatir  kaliya
Phoolo ki wo shatir kaliya
Sakshi Tripathi
उम्मीदें
उम्मीदें
Dr. Kishan tandon kranti
तुझे कैसे बताऊं तू कितना खाश है मेरे लिए
तुझे कैसे बताऊं तू कितना खाश है मेरे लिए
yuvraj gautam
कुछ तो नशा जरूर है उनकी आँखो में,
कुछ तो नशा जरूर है उनकी आँखो में,
Vishal babu (vishu)
दोहा-*
दोहा-*
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
2282.पूर्णिका
2282.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
रातो ने मुझे बहुत ही वीरान किया है
रातो ने मुझे बहुत ही वीरान किया है
कवि दीपक बवेजा
बहुत कुछ था कहने को भीतर मेरे
बहुत कुछ था कहने को भीतर मेरे
श्याम सिंह बिष्ट
*
*
Rashmi Sanjay
दोस्त का प्यार जैसे माँ की ममता
दोस्त का प्यार जैसे माँ की ममता
प्रदीप कुमार गुप्ता
मैं राहुल गांधी बोल रहा हूं!
मैं राहुल गांधी बोल रहा हूं!
Shekhar Chandra Mitra
दुनिया का क्या दस्तूर बनाया, मरे तो हि अच्छा बतलाया
दुनिया का क्या दस्तूर बनाया, मरे तो हि अच्छा बतलाया
Anil chobisa
Loading...