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अँधेरा बन के बैठा है

किसी षड्यंत्र का मजबूत घेरा बन के बैठा है,
उजाला नाम है उसका अँधेरा बन के बैठा है।
लुटे हो पर नहीं जाना वहाँ तुम न्याय की खातिर,
वो पहरेदार है लेकिन लुटेरा बन के बैठा है।

– आकाश महेशपुरी
दिनांक- 07/05/2022

5 Likes · 7 Comments · 274 Views
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