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देश पूँछता कहाँ विभीषण

Laxminarayan Gupta छाती सह्ती नित पद प्रहार होती सहिष्णुता तार तार हम बन कर गांधी बार बार लुटने देते हैं नंदन वन, देश पूछता कहाँ विभीषण ? रावण की सत्ता बनी [...]

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भुजंगी छन्द

kamni Gupta
करें वायदा तो निभाएं वहीं भले साथ कोई चले या नहीं खुशी ही मिलेगी [...]

तकदीर

MANINDER singh
बहकते है मेरे पाँव बहकने दे यार, गिरता हु आज, मुझे गिरने दे यार,, पी [...]

गरीब का दुःख (कविता)

suresh chand
गरीब के श्रम से बनी है दुनिया और उनके दुःख से चलती है देश की [...]

ऐ चाँद

MANINDER singh
ऐ चाँद जब भी देखा तुझे, अकेला ही मिला तू मुझे,, हर तारे का, कोई ना कोई [...]

मैं छोटा सही मुझको आता बहुत है

Salib Chandiyanvi
मैं छोटा सही मुझ को आता बहुत है कि जीने का मुझको सलीक़ा बहुत [...]

मैं कभी चाँद पर नहीं आता

Salib Chandiyanvi
दिल पे कोई असर नहीं आता याद तू इस क़दर नहीं आता रात आती है दिन भी [...]

जागते जागते दोपहर हो गयी

Jitendra Jeet
ना रही ये खबर कब सहर हो गयी जागते जागते दोपहर हो गयी ... तर्बियत [...]

“भारत की नारी”

डी. के. निवातिया
“भारत की नारी” हे भारत की नारी क्या दशा हुई तुम्हारी II तेरे आने की [...]

क्या है किस्मत?

शिवदत्त श्रोत्रिय
किस्मत क्या है, आख़िर क्या है किस्मत? बचपन से एक सवाल मन मे है, जिसका [...]

कलम का कमाल

डी. के. निवातिया
कलम का कमाल क्या कहु इस कलम को जाने ये क्या कर जाए, हाथ लगी जैसी [...]

नसीब……………..

डी. के. निवातिया
छोडो ये रूठने मनाने की गुस्ताखियां नफरत की आग में कही खुशियो के पल [...]

कुछ तो कमी सी है ….

डी. के. निवातिया
कुछ तो कमी सी है …. क्यू लगे रुखा सा कुछ तो कमी सी है ! जिंदगी में [...]

मै सिस्टम लाचार मुझे लाचार रहने दो……………..

डी. के. निवातिया
मै सिस्टम लाचार मुझे लाचार रहने दो दुनिया कहे बीमार मुझे बीमार [...]

कुछ है जो…

Dinesh Sharma
कुछ है जो घूरते है आँखों में छिपी काली आँखों से, आँखों में शर्म [...]

नायलॉन का मोजा/या एक साधारण ग्रहणी

NIRA Rani
सुबह सुबह आठ बजे घंटी बजी ..जाकर दरवाजा खोला तो देखा सफाई वाला मजदूर [...]

कौन हूँ मैं

डॉ सुलक्षणा अहलावत
कौन हूँ मैं लाडली बेटी के रूप में मेरी माँ ने जनी। मैं किसी की बहन [...]

बुढ़ापे के जवान जज्बात

डॉ सुलक्षणा अहलावत
ऐ दोस्त! उम्र मेरी साठ साल पार हो गयी पर दिल मेरा जवां रहा, आँखों पर [...]

उतर कर आ

डॉ मधु त्रिवेदी
प्रभो फिर से धरा पर तू उतर आ , कष्ट हरने को यहाँ चहु ओर बैठे नाग काले , [...]

वक्त ✍✍

डॉ मधु त्रिवेदी
***वक्त तुझे रास ना आया मेरा मुस्कराना इठलाना जब भी मिला कोई [...]

मुहब्बत

डॉ मधु त्रिवेदी
प्यार पर तो जड़ा न ताला है ये मुहब्बत वहीं तो प्याला है आज लगते [...]

साँवरे

डॉ मधु त्रिवेदी
साँवरे सूरति पर बारम्यार ,बलिहारी जाऊँ मैं चुरा-चुरा माखन खाय ,,देख [...]

जन्माष्टमी पर्व: प्रासंगिकता ——————- —————

डॉ मधु त्रिवेदी
किसी भी वस्तु , तथ्य या बात की प्रासंगिकता इस बात पर निर्भर करती है [...]

कान्हा

डॉ मधु त्रिवेदी
देवकी का पुत्र था नन्द का वो प्यार भी वासु ने उसको दिया था एक नव [...]

अंगदान

डॉ मधु त्रिवेदी
चूसता खून इन्सान इन्सान का आज वो रूप रखता है शैतान का डस रहा [...]

​साहित्य सृजन में फेसबुक की भूमिका ✍✍✍✍✍✍✍✍✍✍✍✍✍✍

डॉ मधु त्रिवेदी
मन के भावों ,विचारों का शब्दों में संगुम्फन असम्भव नहीं तो दुरूह [...]

माना मै मर रहा हूँ

शिवदत्त श्रोत्रिय
बेटो के बीच मे गिरे है रिश्‍तो के मायने कैसे कहूँ कि इस झगड़े की वजह [...]

बढ़ रही हैं जो दिलों में दूरियाँ

Dr Archana Gupta
बढ़ रही हैं जो दिलों में दूरियाँ शोर अब करने लगी खामोशियाँ देख [...]

अगरचे मैला साधू संत का किरदार हो जाये—- गज़ल

निर्मला कपिला
अगरचे मैला साधू संत का किरदार हो जाये तो मजहब धर्म सब उसके लिये [...]

मैं आज़ाद नहीं

MANINDER singh
मैं आज़ाद नहीं, अपनी सोच का गुलाम हु, अन्धविश्वाश, रीतिरिवाज़ों [...]

वो क्या करेगा कोई गिला मुझसे

Kapil Kumar
क्या करेगा वो कोई गिला मुझसे जो बेमतलब , रहा ख़फ़ा [...]