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कातिल तेरी मुस्‍कान यह अजब खेल कर गई , हर लिया हमारा दिल क्‍या गजब खेल वह कर गर्इ,

bharat gehlot कातिल तेरी मुस्‍कान यह अजब खेल कर गई , हर लिया हमारा दिल क्‍या गजब खेल वह कर गई , मुस्‍कुरा कर हमारे लिए मुश्‍किले पैदा कर गई , अपने अजब गजब [...]

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उलझनें दिल की

डॉ सुलक्षणा अहलावत
मेरे दिल की उलझनें कम नहीं हो रही हैं। ये मेरी आँखें नहीं ये मेरी [...]

एक शख्स यह भी ( कहानी )

Brijpal Singh
एक शख्स यह भी" __________ रोज़ाना की तरह मैं उस दिन भी सुबह की सैर करके घर [...]

गीतिका- हँसना तो एक बहाना है

आकाश महेशपुरी
गीतिका- हँसना तो एक बहाना है ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ हँसना तो एक बहाना है। गम का भी [...]

कुंडलिया

Mahatam Mishra
चित्र अभिव्यक्ति- “कुंडलिया” बर्फ़ीले पर्वत धरें, चादर अमल सफ़ेद [...]

तेरे हुसन की लालिमा(गज़ल)

Mandeep Kumar
तेरे हुसन की लालिमा/मंदीप देख तेरे हुसन की लालिमा से सारी फिजा [...]

हसरते दिल की(गज़ल)

Mandeep Kumar
हसरते दिल की/मंदीप हर किसी की मुस्कुराहट सच्ची होती नही, बिना [...]

तेरे हुसन का जादू(गज़ल)

Mandeep Kumar
तेरे हुसन का जादू/मंदीप तेरा हुसन का जादू मुझ में समाता जाये, जहाँ [...]

हर फसाना आजकल……..

Ramesh chandra Sharma
ग़ज़ल अश्क में डूबा हुआ है हर फ़साना आजकल, मुस्कुराए हो गया है इक [...]

अंतर्वेदना

Rita Singh
बहुत रोई थी उस दिन मेरी संवेदना जब मेरी माँ ने मेरी होने वाली बहन [...]

हिंदी के उत्थान से…….

Ramesh chandra Sharma
हम कबीर की कलम उठाके निकले स्वाभिमान से , छंदों की स्याही भर ली है [...]

आज जो यु मिले हो तुम , थोडा अपने से लगे हो तुम

pratik jangid
आज जो यु मिले हो तुम , थोडा अपने से लगे हो तुम ये ख़ामोशी कुछ कहना चाह [...]

शराब मत पीना

डॉ सुलक्षणा अहलावत
कोय दारु ना पियो भाइयों या स घणी खोटी। छुड़वा दे स या दारु भाइयों [...]

इस दिल को आराम नहीं हैं

बसंत कुमार शर्मा
यूँ तो हम गुलफाम नहीं हैं लेकिन हम गुमनाम नहीं हैं आदत है [...]

ग़ज़ल- बंजर में जैसे फूल निकलते कभी नहीं

आकाश महेशपुरी
ग़ज़ल- ये स्वप्न... मापनी- 221 2121 1221 212 ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ ये स्वप्न मेरे' स्वप्न हैं' [...]

हर सुबह को आता है नींद से जगा देना

डॉ मधु त्रिवेदी
हर सुबह को आता है नींद से जगा देना सत्य को भी आता इंसान को सजा देना [...]

जी” का काव्य में प्रयोग

डॉ मधु त्रिवेदी
‘ तुम आवाज दे बुलाते सूनो जी मैं जबाब देती जी कहती बोलो जी कितना [...]

पितरो का श्राद्ध कर्म

डॉ मधु त्रिवेदी
श्राद्ध कर्म क्या है ----- ---------------------- "दीयते यत्‌ , तत्‌ [...]

जारी है

डॉ मधु त्रिवेदी
अस्मत इनकी तार -तार करना जारी है रूह इक पर अनगिनत जिस्म पुजारी [...]

विधुर बाप

डॉ मधु त्रिवेदी
विधुर बाप विधुर बाप निर्बल ,असहाय बेचारा सा होता है है अगर छोटी [...]

मान नहीं

डॉ मधु त्रिवेदी
यार नही तो मान नहीं है प्यार नहीं तो शान नहीं है प्रिय मेरा साथ न [...]

जानते है

डॉ मधु त्रिवेदी
मुहब्बत को जताना जानते है तुझे दिल में छिपाना जानते है कभी कहना न [...]

आसमां बुलाता है

डॉ मधु त्रिवेदी
आसमां बुलाता करता, हमें इशारे भी छोड़ के जमीं को आ , लोक यह पुकारे [...]

चाह

डॉ मधु त्रिवेदी
चाह है आज कुछ लिखूँ तुम पर पर क्या कविता ,छन्द या दोहा कविता से भी [...]

मुहब्बत है

डॉ मधु त्रिवेदी
सलोने ख्याव को हर पल सजाये मुहब्बत है तभी तों जिन्दगी में बस [...]

आने से

डॉ मधु त्रिवेदी
आ गई ये बहार आने से अब मिली है खुशी हँसाने से फूल मुसकाँ सजा रहे [...]

कभी

डॉ मधु त्रिवेदी
वक्त वापस वो चला आया कभी घाव सारे दे गया ताजा कभी फिर चमन तुमसे [...]

चाहते है

डॉ मधु त्रिवेदी
सभी रिश्ते निभाना चाहते है तुझे अपना बनाना चाहते कदम तेरा हमेशा [...]

पितृ पक्ष

डॉ मधु त्रिवेदी
हाइकू पक्ष पितृ में याद उनको आप कर लीजिये 2 क्वार माह में आये [...]

अलविदा कह के रुलाकर चल दिए

Dr Archana Gupta
फैसला अपना सुनाकर चल दिए अलविदा कह के रुलाकर चल दिए खुद निभा पाये [...]

जी दुखता है

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*लावणी छंद* जी दुखता है मरते देखा, जब जब सैनिक सीमा पर। धधक रही है [...]