साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

और क्या

Pradeep Bhatt गज़ल है वफा यार इसके सिवा और क्या दूर तू है मगर ना जुदा और क्या हर घड़ी याद बन कर रहे साथ मे प्यार इसके सिवा है भला और क्या गुफ्तगू ना सही [...]

Read more

हकीकत

Amaresh Mishra
किस्मत के हाथो वही मजबूर होते है हकीकत से जो दूर होते है सजा आज [...]

खामोश अकसर जब भी मैं रहता हूँ

kamni Gupta
खामोश अकसर जब भी मैं रहता हूँ। तुम समझते हो मैं चुप ही रहता हूँ। हर [...]

शेर

kamni Gupta
बाँट सकूं गम तुम्हारे बस इतनी सी तमन्ना है! खुशियों में गर शामिल न [...]

कुछ पाने की तमन्ना में हम खो देते बहुत कुछ है

मदन मोहन सक्सेना
अँधेरे में रहा करता है साया साथ अपने पर बिना जोखिम उजाले में है रह [...]

जिस दिन सरहद पर जाऊंगा

kamni Gupta
बाल कविता बन सिपाही जिस दिन सरहद पर जाऊंगा! दुशमन को फिर उस रोज़ [...]

राष्ट्रीय ध्वज.. मन की बात…!!

Pankaj Gupta
मैं आपका राष्ट्रीय ध्वज हूँ.. आज आप मेरे भी मन की बात सुनिए. लगता है [...]

झूठ

Amaresh Mishra
न जाने कितनी अनकही बाते कितनी हसरते साथ ले जाएँगे लोग झूठ कहते है [...]

दिल ने रोका चलने को

Yashvardhan Goel
तुझे खोने के ढूंढे थे पाने के रास्ते मिले दिल ने रोका चलने को [...]

अधूरी सी कहानी तेरी मेरी – भाग ७

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
अधूरी सी कहानी तेरी मेरी – भाग ७ गतांक से से ............ सोहित और तुलसी [...]

एक सुबह

dr. pratibha prakash
एक सुबह देखी मैंने खंजन तरुवर साख पे वो बैठी थी नैन बसी कोई [...]

अगर भगवान तुम हमको, कही लड़की बना देते

शिवदत्त श्रोत्रिय
अगर भगवान तुम हमको, कही लड़की बना देते जहाँ वालों को हम अपने, इशारो [...]

जिस रोज बनी दुर्गा मेरे मुल्क की माँ बहने

Kapil Kumar
जिस रोज मेरे मुल्क का बाशिंदा जाग जायेगा उस रोज मेरे मुल्क का [...]

न पाल जमाने के गम

Kapil Kumar
न पाल जमाने के गम उससे कया होगा आज नहीं कल तू खुद से ही खफा [...]

*रहमत*

Dharmender Arora Musafir
छाया है इक समां सुहाना  आया लब पर एक तराना  हँसवाहिनी की रहमत [...]

मुस्कुराएंगे तो…

Dinesh Sharma
सोचा था तुम्हारे आने से खुशियाँ आएगी मुस्कुराएंगे खुशियां आयी [...]

ॐ नमः शिवायः (दोहे)

Dr Archana Gupta
1. सावन में जपते रहो,शिव शंकर का नाम करने से शिव अर्चना,बनते बिगड़े [...]

हम इतने दीवाने निकले

आनंद बिहारी
लोग हमें समझाने निकले हम इतने दीवाने निकले नज़रें मिली,बात इतनी [...]

बदला नही बदल दो**

Dinesh Sharma
बदला लेने की ख़ुशी दिल में एक बार तो उठी अगले ही पल दिल के कोने से [...]

सावन

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*कुंडलिनी छंद* सावन आया देखकर, दादुर भरी छलांग। पोखर के तट ध्यान [...]

ग़ज़ल (निगाहों में बसी सूरत फिर उनको क्यों तलाशे है )

मदन मोहन सक्सेना
कुछ इस तरह से हमने अपनी जिंदगी गुजारी है जीने की तमन्ना है न मौत [...]

“स्मृति”

Dr.Nidhi Srivastava
वासन्ती पुष्पों ने फिर से, लायी भीनी -भीनी सी सुगंध, अमवा की डाली से [...]

“जीवन की परिभाषा”

Dr.Nidhi Srivastava
जीवन की परिभाषा , धुमिल होती जाती है | अधियारा उजाले पर , हर [...]

ग़ज़ल

Deepesh Dwivedi
वो कहते हैं हम तो ख़ुदा हो गए हैं ख़ुदा जाने वो क्या से क्या हो गए [...]

ज़िन्दगी हमको बिताना आ गया

Mahesh Kumar Kuldeep
ज़िन्दगी हमको बिताना आ गया रोते रोते मुस्कुराना आ गया ज़ख्म देने [...]

“पिता”

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
सदोका रचनायें "पिता" (१) वट का वृक्ष पिता की [...]

बाग़ को फिर आज महका दीजिये

Dinesh Dave
बाग़ को फिर आज महका दीजिये बिन पिलाये मीत बहका दीजिये ।।1 आग सावन ने [...]

कौन अपने- कौन गैर

Dinesh Sharma
दिल में याद बना लेते है गैर भी... अपने भी... कुछ चुभते है कुछ यादगार [...]

यारब

avadhoot rathore
उस रब को तू याद कर , सुबह रहे या शाम। राम नाम सुरसरि बहे, प्रभु जी [...]

संकल्प

Neha Agarwal Neh
बहुमजिंला इमारत की मुडेंर पर खडी थी वो, अपने दोनों हाथों को फैलाये [...]

कहाँ अब वो मौसम पुराना रहा है

Kapil Kumar
कहाँ अब वो मौसम पुराना रहा है नही तेरा मेरा अब जमाना रहा [...]