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मानव की मनमानी का

Santosh Barmaiya प्रकृति चिट्ठा खोल रही यहाँ, है मानव की मनमानी का। धूप की तपन, बढ़ती गर्मी, असर है ये बेइमानी का।। उमर कम , झड़ते सफेद [...]

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बेख़बर

himanshu mittra
नही बदलने वाला ये दृश्य मित्रा यदि तू यों घर पर ही बैठा रहेगा । लूट [...]

अठखेलियां

himanshu mittra
ये जो तुम्हारा उभयचर व्यक्तित्व. कभी तो अठखेलियाँ करता है कभी जगा [...]

प्रश्नोत्तर

himanshu mittra
प्रश्नोत्तर ( काल्पनिक ) उसी बूढ़े बरगद पर मेरा नाम पुनः लिख सकते [...]

मुक्तक

Pritam Rathaur
गर ये दिल लापता नहीं होता दर्द का सिलसिला नहीं होता हम जमाने की [...]

आज तक चाहा जो मिला ही नही

Pritam Rathaur
2122/1212/22 जिंदगी से -------हमें गिला ही नही आज तक चाहा जो मिला ही नही [...]

तेरे गुनाहों पे अब पर्दा कितना है

Pritam Rathaur
ग़ज़ल --------- गुरबत में वो देखो रोता कितना है बिन पैसे के चहरा [...]

फिर कली आज कोई महकी है

Pritam Rathaur
कितनी प्यारी सरस ये हिन्दी है काव्य के माथे की ये बिन्दी है [...]

ये मोक्ष धाम

Santosh Barmaiya
विधा - हाइकु सुंदर मन। हरे भरे है वन। स्वस्थ जीवन।। भौतिक [...]

गज़ल

Neelam Sharma
आज का हासिल मिसरा- तुम हकीकत नहीं हो हसरत [...]

वीरव्रती बंटी

राष्ट्रकवि आलोक पान्डेय
तू मानवता के मूर्त्तमान, हे धर्मवीर ! तुझसे सम्मान प्रकृति के सदय [...]

गजल

Rishav Tomar (Radhe)
आज चाँदनी रात में अंधियारी छा रही है लगता है वो छत पर बाल सूखा रही [...]

“मनभावन” श्रृंगार रस प्रधान कह मुकरी छंद/पहेलियाँ

Dr.rajni Agrawal
विधा- कविता/पहेली "मनभावन" श्रृंगाररस प्रधान (कह मुकरी छंद) निरखत [...]

गजल

Rishav Tomar (Radhe)
जमी से उस आसमाँ तक हर जगह देखलो जहाँ कोई दिल की सुनता हो उसको [...]

माँ

sunita saini
हूँ मै खुद के साथ या हूँ तेरे साथ इसका मुझे पता नहीं | रहती हूँ, जहाँ [...]

कैसे बने रईस

RAMESH SHARMA
उनके चेहरों पर दिखे, एक अजब सी खीस ! टीवी पर चिल्ला रहे ,..ऐसे खबर नवीस [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
जब भी यादों की तस्वीर नजर आती है! तेरे ख्यालों की जागीर नजर आती [...]

किताबी ग्यान के साथ -साथ नैतिक और व्यवहारिक ग्यान भी जरूरी है

रागिनी गर्ग
📖 किताबी ग्यान के साथ साथ नैतिक और व्यवहारिक ग्यान भी ज़रूरी है [...]

“सच की गुंजाईश “

राजेश शर्मा
आजकल सच को भी अपनी "सत्यता" की गवाही तलाशनी पड़ती है।सत्य के अवसर [...]

*****भीगे नयन सांझ संग****

Neeru Mohan
१. अंबुज पत्र तन्हा मन आँख में आँसू जलधि नम २. [...]

कुछ शब्द~१४

कमलेश यादव
(१) तेरी रिफ़ाक़त की ख़्वाहिश लिए जीते है अगर ये पूरी हो जाए तो जाने [...]

चाह

Santosh Khanna
चाह मेरे ह्रदय का हिमालय बार बार उठ खड़ा होता है वह फैल जाना चाहता [...]

सभ्यता

Santosh Khanna
नहीं बनाई जा सकती कोई भी सभ्यता ईंट और गारे से लौहे और औजारोंं [...]

सभ्यता

Santosh Khanna
नहीं बनाई जा सकती कोई भी सभ्यता ईंट और गारे से लौहे और औजारोंं [...]

शृंगार ….

sushil sarna
शृंगार .... बीतता है क्षण जो प्रतीक्षा के अंगार में ...बदल जाता है [...]

बस क़लम वही रच जाती है…

अरविन्द दाँगी
रस-छंद-अलंकारों की भाषा मुझको समझ नही आती है... जो होता है घटित सामने [...]

यादों का सफ़र।

Neelam Sharma
यादों का सफ़र यादों का तेरी इस कदर छाया उन्माद है, वो मीठी [...]

क्यों मेघ ये बरसते हैं।

Neelam Sharma
बादल देखो मेघ घन,जलधर,वारिद, की आंखों से क्यों आंसू छलके? क्या [...]

सूर्य चालीसा

sunny gupta
जय जय जय हे दिनकर देवा। नित निःस्वार्थ हो करते सेवा।।1।। तुम ने ही [...]

प्रेम

Neelam Sharma
प्रेम विद्या- छंद मुक्त तेरे हृदय प्रेम का प्याला, अब तक खाली [...]

रमेशराज के प्रेमपरक दोहे

कवि रमेशराज
तुमसे अभिधा व्यंजना तुम रति-लक्षण-सार हर उपमान प्रतीक में प्रिये [...]