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पत्थरो से कैसे सिकवा

Awneesh kumar पत्थरो से कैसे सिकवा , चोट तो आनी ही थी उसने नहीं कहा दिल लगाओ छोड़ तो जानी ही थी किसी से वफ़ा की उम्मीद मत रखना, दिल की जगह पत्थर लिए फिरते [...]

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“माँ कृपालिनी”

Santosh Barmaiya
माँगता आशीष माँ , मानव उद्धार के लिए। कृपा करो कृपालिनी , सुंदर [...]

** मण्डप में पहुंचने से पहले **

भूरचन्द जयपाल
1991 में दहेज प्रथा पर लिखी कविता मण्डप में पहुंचने से पहले [...]

प्यार अभी बाकी है

RASHMI SHUKLA
गर आज भी उनकी बातों में जिक्र हो मेरी फ़िक्र का, तो समझ लेना की प्यार [...]

साहब जी हैं व्यस्त

बसंत कुमार शर्मा
इतना भी क्या दे रहे, इन मूंछों पर ताव थोड़ा सा तो दीजिये, प्रेम भाव को [...]

** कैसी ख़ामोशी **

भूरचन्द जयपाल
मैं खामोश हूं, पर जुबां बोलती है जुबां जो कहती है,वह मन की आवाज नहीं [...]

माँ

अनिल कुमार मिश्र
माँ!तेरा स्नेह मिले प्रतिपल जीवन को आलोकित कर दो मानव सच्चा बन [...]

** प्रिया **

भूरचन्द जयपाल
प्रिया चली गयी,कहां गई ? क्यों चौंकता है तूं ? हां यहीं है खोल कमल [...]

* यही है क्या तुम्हारा समाज *

भूरचन्द जयपाल
जिसे तुम कहते हो समाज पर वो नहीं है सम आज दीवारें खींच दी है जिसने [...]

*** बाल गीत **

भूरचन्द जयपाल
प्यारा चंदा प्यारे तारे आसमान में चमके सारे । सूरज के आने से [...]

*** मेघा ना हीँ बरसे ***

भूरचन्द जयपाल
मेघा ना हीं बरसे अंखियां बरसे मोरी पिया घर ना आये अंखियां पूछे [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
कभी राहे-जिन्दगी में बदल न जाना तुम! कभी गैर की बाँहों में मचल न [...]

भारतीय नव वर्ष की शुभकामनाएँ

कमलेश यादव
(१) नया वर्ष, नया हर्ष नयी उम्मीद, नयी सीख नयी ख़्वाहिशें, नयी [...]

शुभकामना

डॉ तेज स्वरूप भारद्वाज
नव संबत 2074 एवं नवदुर्गा आगमन पर शुभकामना - [...]

गज़ल :– अब हमारे दरमियां भी फासला कुछ भी नहीँ ।।

Anuj Tiwari
तरही गज़ल :-- 2122--2122--2122--212 आसरा कुछ भी नहीँ है वासता कुछ भी नहीँ । ज़िंदगी [...]

दीवाने दिल की दास्तां

Pramod Raghuwanshi
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 यूं ही ना लगाना दिल कहीं [...]

** मोरों दे बिच **

भूरचन्द जयपाल
बैठी मोरों दे बिच गोरी हाथ में लेके मोर पंख ** सोचन लागी मन में [...]

तट की व्याकुलता

डॉ०प्रदीप कुमार
तट की व्याकुलता -------------- कभी व्यथित देखा है ? नदी के तट को ! हाँ !!! [...]

मंगलकारी नवरात्रि

सुनील पुष्करणा
चैत्र मास की वासन्तिक मंगलकारी नवरात्रि आदिशक्ति माता का पदार्पण [...]

जब से देखा तुमको

Anuj yadav
जब से देखा तुमको मेरा दिल मचल सा गया है तेरे चेहरे का नूर मेरी आंखों [...]

रोटियों से भी लड़ी गयी आज़ादी की जंग

कवि रमेशराज
कुछ कांग्रेस के पिट्टू इतिहासकार आज भी जोर-शोर से यह प्रचार करते [...]

पढ़े चलो पढ़े चलो

Anuj yadav
पढ़े चलो पढ़े चलो आगे तुम बढ़े चलो अंधकार की छाया से उजियारे की ओर [...]

नवगीत

शिवानन्द सिंह 'सहयोगी'
लौट रहा है दिन घर की छत पर लिये चाँदनी उतर रहा है चाँद जाग रहा है [...]

भारत का नव वर्ष

RAMESH SHARMA
चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा,करे सतत उत्कर्ष ! आता है इस रोज ही,भारत का [...]

!!`~प्रभु तेरी लीला देखी ~!!

अजीत कुमार तलवार
ऊपर वाले मैने कभी तेरी सूरत नहीं देखी न ही वो तेरी सुहानी सी सीरत [...]

सच्चाई दिखलाता हूँ

डी. के. निवातिया
नित्य कर्म की तरह सुबह कार्यशाला के लिए प्रस्थान करने से पहले [...]

तुम्हे तुम्हारी मगरूरियत मुबारक …..

Awneesh kumar
तुम्हे तुम्हारी मगरूरियत मुबारक मुझे हमारी इन्सानियत मुबारक मैं [...]

मेरी नानी माँ

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹🌹🌹 माँ तो प्यारी है मुझको पर माँ से प्यारी नानी माँ माँ ने [...]

नवदुर्गा आगमन पर शुभकामना – सन्देश

डॉ तेज स्वरूप भारद्वाज
मेरे घर आजा मैया अबके नौदुर्गों में , मै पड़ा रहूँ मैया तेरे ही [...]

प्रतिपदा प्रपंच

मधुसूदन गौतम
अकडूमल एवं झगडूमल आज सुबह नाई की दुकान पर मिले। अभिवादन हुआ। अकडू [...]