II मां II

संजय सिंह

रचनाकार- संजय सिंह "सलिल"

विधा- गज़ल/गीतिका

मां को समर्पित—-

डांटती है कभी मनाती है l
तल्ख बातों में प्यार शामिल हैll

आज सबकुछ मेरा दिया तुझको l
कौन कहता करार शामिल है ll

मां ने तुमको बड़ा किया फिर भी l
छोटे रहने में प्यार शामिल है ll

कर्ज तू कैसे चुकाएगा उसका l
अपनेपन का उधार शामिल है ll

घर की चीजे अभी सभी की हो l
उनमें आज तेरा प्यार शामिल है ll

संजय सिंह "सलिल"
प्रतापगढ़ ,उत्तर प्रदेश l

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संजय सिंह
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मैं ,स्थान प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश मे, सिविल इंजीनियर हूं, लिखना मेरा शौक है l गजल,दोहा,सोरठा, कुंडलिया, कविता, मुक्तक इत्यादि विधा मे रचनाएं लिख रहा हूं l सितंबर 2016 से सोशल मीडिया पर हूं I मंच पर काव्य पाठ तथा मंच संचालन का शौक है l email-- sanjay6966@gmail.com, whatsapp +917800366532
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