II तेरी याद भी…..II

संजय सिंह

रचनाकार- संजय सिंह "सलिल"

विधा- गज़ल/गीतिका

तेरी याद भी न बहलाए मुझे अब l
तेरे बिन दुनिया न भाए मुझे अब ll

रुलाने को दुनिया ही जब मुकम्मलl
तेरी याद फिर क्यों सताए मुझे अबll

जमाने से कह दो के कांटे बहुत हैंl
खुद ना चला वो बताए मुझे अब ll

कहां से मैं लाऊं अपनी हंसी फिर l
खुशी कोई ऐसी लुभाए मुझे अब ll

"सलिल" उम्र सारी ही जीना पड़ेगा l
जिंदगी जरा भी न भाए मझे अब ll

संजय सिंह "सलिल"
प्रतापगढ़ ,उत्तर प्रदेश l

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संजय सिंह
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मैं ,स्थान प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश मे, सिविल इंजीनियर हूं, लिखना मेरा शौक है l गजल,दोहा,सोरठा, कुंडलिया, कविता, मुक्तक इत्यादि विधा मे रचनाएं लिख रहा हूं l सितंबर 2016 से सोशल मीडिया पर हूं I मंच पर काव्य पाठ तथा मंच संचालन का शौक है l email-- sanjay6966@gmail.com, whatsapp +917800366532

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