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तेवरी

उल्लाला छंद

Neelam Sharma
उल्लाला छंद मृगनयनी है राधिका,मोहन चंचल मन अधीर। लाज हया सब [...]

|नये शिल्प में रमेशराज की तेवरी

कवि रमेशराज
हम चोर लुटेरों ने घेरे हर सू है चीख-पुकार | इस बार || हम घने [...]

नये शिल्प में रमेशराज की तेवरी

कवि रमेशराज
कोई तो किस्सा पावन हो, वृन्दावन हो अब चैन मिले मन को कुछ तो [...]

रमेशराज की एक तेवरी

कवि रमेशराज
दारू से कुल्ला बम भोले अब खुल्लमखुल्ला बम भोले | ईमान बेचकर [...]

तीन मुक्तकों से संरचित रमेशराज की एक तेवरी

कवि रमेशराज
जनता पर वार उसी के हैं चैनल-अख़बार उसी के हैं | इसलिए उधर ही [...]

मुक्तक-विन्यास में रमेशराज की तेवरी

कवि रमेशराज
पीयें ठर्रा-रम बम भोले हम सबसे उत्तम बम भोले | जनता से नाता [...]

मुक्तक-विन्यास में एक तेवरी

कवि रमेशराज
मैं तो हूँ पावन बोल रहा अब पापी का मन बोल रहा | नित नारी को [...]

तेवरी

कवि रमेशराज
हिंसा से भरा हुआ नारा अब बोले धर्म बचाना है हर ओर धधकता [...]

तेवरी

कवि रमेशराज
जिनको देना जल कहाँ गये सत्ता के बादल कहाँ गये ? कड़वापन कौन [...]

तेवरी

कवि रमेशराज
गुलशन पै बहस नहीं करता मधुवन पै बहस नहीं करता जो भी मरुथल [...]

ना करो ऐतबार

Yash Tanha Shayar Hu
ना करो ऐतबार सनम इस दिल का, दिल की सरहद पर लिखा बग़ावत है, [...]

|| तेवरी ||

कवि रमेशराज
सूखा का कोई हल देगा मत सोचो बादल जल देगा | जो बृक्ष सियासत ने [...]

तेवरी

कवि रमेशराज
उसकी बातों में जाल नये होने हैं खड़े बवाल नये | बागों को उसकी [...]

तेवरी

कवि रमेशराज
खुशियों के मंजर छीनेगा रोजी-रोटी-घर छीनेगा | है लालच का ये [...]

तेवरी

कवि रमेशराज
मैं भी अगर भाट बन जाता गुण्डों को सेवक बतलाता | कोयल के बदले [...]

रमेशराज की पद जैसी शैली में तेवरियाँ

कवि रमेशराज
रमेशराज की पद जैसी शैली में तेवरी....1. ----------------------------------------------- कैसे [...]

किसानों की दुर्दशा पर एक तेवरी-

कवि रमेशराज
सरकारी कारण लुटौ खूब कृषक कौ धान रह गयौ बिना रुपैया, धान कौ [...]

लोकशैली में तेवरी

कवि रमेशराज
नारे थे यहाँ स्वदेशी के हम बने विदेशी माल , सुन लाल ! अपने हैं [...]

वर्णिक छंद में तेवरी

कवि रमेशराज
गण- [राजभा राजभा राजभा राजभा ] छंद से मिलती जुलती बहर –फ़ायलुन [...]

लोकशैली में तेवरी

कवि रमेशराज
सडकों पै मारपिटाई करते बर्बर आतताई होते सरेआम उत्पात दरोगा [...]

रमेशराज की तेवरी

कवि रमेशराज
जनता की थाली बम भोले अब खाली-खाली बम भोले | श्रम जिसके [...]

जनक छंद में तेवरी

DrRaghunath Mishr
छंद विधान: मापनी: हर प्रथम पंक्ति में मात्राएँ 22 22 212 =13 हर [...]

तेवरी

DrRaghunath Mishr
मौजूदा दशा आज का राजनेता 12 अमीरों को ही सदा देता 16 गरीबों से [...]

डॉ.रघुनाथ मिश्र ‘सहज’ की तेवरी

DrRaghunath Mishr
तेवरी काव्य डॉ.रघुनाथ मिश्र ‘सहज’ की तेवरी : 000 हमने सब [...]

जनक छंद में तेवरी

DrMishr Sahaj
तेवरी काव्य जनक छंद में तेवरी –एक कोशिश [...]

तेवरी। नोट के बदलते तेवर।

रकमिश सुल्तानपुरी
तेवरी ।नोट के बदले तेवर ।। राजनीति है झूठ की । आँधी आयी लूट [...]

संघर्ष एक इतिहास

MridulC Srivastava
जुल्म_ए_खाकी या जुल्म_ए_खादी अधिकार के संघर्ष का तो इतिहास [...]

रमेशराज की जनकछन्द में तेवरियाँ

कवि रमेशराज
|| जनकछन्द में तेवरी || ---1. ……………………………………………………… हर अनीति से [...]

‘ सर्पकुण्डली राज छंद ‘ में 14 तेवरियाँ +रमेशराज

कवि रमेशराज
‘ सर्पकुण्डली राज छंद ‘ में तेवरी....1. ------------------------------------------ हर पल [...]

देश प्रेम

MridulC Srivastava
करने दो हुंकार अब,बस मातृभूमि का सत्कार अब बजने दो मृदंग,कर [...]