साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

शेर

होली के रंग।

Rishikant Rao
उन गुलाबी चाँद के चेहरे पे थोड़ी रंग लगा देते, आइ्ये घनी [...]

सेहरा — शेरो शायरी

डी. के. निवातिया
लो सज गए वो फिर से पहनकर सेहरा भी, अरे कोई तो जाकर उन्हें [...]

@@ शायरी @@

अजीत कुमार तलवार
जिस्म की तलाश में. गुजार गया वो राते अपनी कभी कोठे पर और कभी [...]

होली

राजेन्द्र कुशवाहा
रुठे यारो के लिये पते की एक बात लाया हु। छोङा नहीं मैने सब एक [...]

कुछ शेर

shyam Vyas
दोस्त मिलते है दिल नहीं मिलते। ज़िन्दगी में हम सफर नहीं [...]

*****होली के रंग***** मंगल मिलन के संग**

Neeru Mohan
१. होली त्यौहार है मंगल मिलन का वैमस्य त्यज सुखद अनुभव [...]

बुलन्द अशआर

महावीर उत्तरांचली
ज़िन्दगी हमको मिली है चन्द रोज़ मौज-मस्ती लाज़मी है चन्द [...]

💜 मुहब्बत से पहले 💜

Govind Kurmi
रंज ओ गम थे 💐🥀🌺🌹🌷फिरभी कम थे अकेले तन्हा 🌷🌹🌺🥀💐जब [...]

जब काल आया सामने, तब समझा,सब अज्ञान था|

Brijesh Nayak
संसार में भटके बहुत,आनंदधन नाहीं मिला | आया बुढ़ापा, ढल चला, [...]

तमन्ना

Bodhisatva kastooriya
तेरी नफ़रतें अब मुझे रास आने लगी हैं, दूर भी रहे ,तेरी हसरतें [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
सच्चे रिश्तों के लिए किसी प्लाट की जरूर कभी नहीं पड़ती, वहां [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
बलात्कार करते हो, देश में, मौज कर रहे हो , विदेश में, क़त्ल कर [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
मरना है तो मरो वतन के लिए खुद ख़ुदकुशी करने से क्या मिलेगा नाम [...]

शेर

सत्य प्रकाश
कुछ दर्द ऐसे भी है जिन्हें कोई बांट नहीं सकता दाँतविहीन [...]

जिंदा रहते हैं कमाल करते हैं

रवि रंजन गोस्वामी
छोड़िये ये बेकरारी, बेसबब , लोग चिल्लाते हैं बेमतलब, जिंदा [...]

बड़ो से कर ली दोस्ती, तो कोई बड़ा नहीं होता

आलोक प्रतापगढ़ी
बड़ो से कर ली दोस्ती, तो कोई बड़ा नहीं होता। मुकद्दर बदलने के [...]

खुबसूरत नजारे हैं

राजेन्द्र कुशवाहा
इतने खुबसूरत ये जो नजारे है। बताओ इन्हे कैसे संवारे है। जी [...]

कोई गैर

RASHMI SHUKLA
बेशक वो गैर हैं हमारे लिए, मगर अपनों ने भी कहाँ सहारा दिया [...]

जोश मिल गया

राजेन्द्र कुशवाहा
दुनिया को बदल कर रख दूगा वह जोश मिल गया मुझको । लहु उबाल भरेगा [...]

पण्य धरा

राजेन्द्र कुशवाहा
शुरवीरो की पुण्य धरा को यादो से आचमन करले। मात्र भूमि का [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
अगर सच हो जाते सब के ख्वाब तो क्या काम था सपनो का यूं ही लोग [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
मोहोब्बत करने वालों को लोग अब लैला और मजनू का नाम नहीं [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
कभी आज तक न कोई तोड़ के लाया है , आसमान से तारे फिर क्यूं, ऐसे [...]

राज

Anil Commando
किसी के गीत को दर्द ना समझो उसे राग ही रहने दो, बंद आँखों में [...]

जिम्मेदारी

राजेन्द्र कुशवाहा
कदम ये चलते चलते रुक जाते हैं। जिम्मेदारीयो का बोझ उठाते [...]

घर

राजेन्द्र कुशवाहा
आधियो में दीपक जलाना आसान नही होता । दरिये मे तैर के जाना [...]

शेर

bharat gehlot
वो जो मेरे दर्द ए दि‍ल का पारखी है , जि‍से यह जहाॅ माॅ कहता [...]

* चार शेर *

भूरचन्द जयपाल
जीना चाहा था मगर जिंदगी ना मिली । मौत भी अब हमसे अपना दामन [...]

प्रीतिमय अंकुर न फूटा ,कहें कैसे प्रात है/ स्वयं को पहचान लो, तब दिव्यता अनुराग है

Brijesh Nayak
भाव तज, वह ज्ञान कौआ बन गए,क्या बात है ? प्रीतिमय अंकुर न फूटा, [...]

हिंद का दिल रो रहा है, हँस रहे हम शूर बन/ हिंद कब तक ढोएगा दुख-बेबसी की गर्द को

Brijesh Nayak
बालश्रम करते दिखे हैं, कई तन मजबूर बन| हिंद का दिल रो रहा है, [...]