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शेर

***द्विपदी ***

Sureshpal Jasala
(१) जिन्दादिली के साथ जीना ही जिन्दगी है , वरना मुर्दों की कमी [...]

चेहरे का नहीं करते नाज हम

कृष्ण मलिक अम्बाला
अर्ज किया है चेहरे का नहीं करते नाज हम ये तो खुदा की [...]

शायरी – नहीं हूँ शायर अव्वल दर्जे का

कृष्ण मलिक अम्बाला
मेरी इस चमक कर उभरती वेब साईट पर पहली शायरी की रचना " नहीं [...]

शेर

kamni Gupta
टूटने लगी हैं सभी जंजीरे अब यूं भी, परिंदों के पर काट कर भी [...]

कसम हिंदुस्तान की

Kapil Kumar
जब तलक आतंक की फसल वो बोते जाएंगे कसम हिंदुस्तान की नस्ले [...]

लिख कुछ ऐसे…….

Kapil Kumar
लिख कुछ ऐसे आसमां पर कि जमीं भी तेरे पैरों में [...]

एक लफ्ज

Kapil Kumar
कहा था किसी ने कभी कोई इक लफ्ज बेवजह ढूंढता है आज भी मेरा दिल [...]

चाहत

shuchi bhavi
18.07.16 तुम्हें टूट कर चाहने की सजा पाये हैं अब भुला कर तुम्हें, [...]

शायरी –

पुष्पराज यादव
ये मेरी बेबसी है या मेरी गुरूरदारी है ; चंद लम्हों की जिन्दगी [...]

तीन शेर***

पुष्पराज यादव
ठुकरा दिये उसके दिये सारे तख्तो ताज हमने ; मुझको मालूम था तब [...]

सुर ! इक साज का मोह ………..

Sagar Saini
मै तेरी मौहब्बत के ख़याल से किनारा तो कर लू मगर तेरी हर अदा [...]

शैर

Khumar Dehlvi
तरक़्क़ियों के नशे में ख़ुदी को भूल गया., जो रहनुमा था, [...]

शेर :– बहुत हुआ समझौता अब ऐ पाक तुम्हारी बारी है !!

Anuj Tiwari
पाक तुम्हारी बारी है ......!! बहुत हुए समझौते अब सुन पाक तुम्हारी [...]

एक शेर

Surendra Shrivastava
ज़माने भर की मुश्किल हैं मगर कब दिल समझता है ये खुद को प्यार के [...]

शेर :– तड़फ़ मुहब्बत की जब ……….!!

Anuj Tiwari
तड़फ़ मुहब्बत की जब ,……[शेर] तड़फ मुहब्बत् की जब ,दिल बेकरार [...]

पिता

Suman Kumar Ahuja
Father Day को समर्पित ना मुझे तंग करते है, ना मुझसे तकरार करते है [...]

आसमां शरारत पे उतरा , जमीं को गिला कर दिया

Yashvardhan Goel
आषाढ़ की धूप को ढककर बादल ने नशीला कर दिया आसमां शरारत पे उतरा [...]

चंद शेर आपके लिए

मदन मोहन सक्सेना
चंद शेर आपके लिए एक। दर्द मुझसे मिलकर अब मुस्कराता है जब [...]

वक्त बक्त की बात (मेरे नौ शेर )

मदन मोहन सक्सेना
(एक ) अपने थे , वक़्त भी था , वक़्त वह और था यारों वक़्त पर भी नहीं [...]

यूँ ही कभी कभी

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
१. दिले-ऐ-नादान को सुकून की तलाश है जो बंद है तेरे चन्द [...]

नजरें करती हैं साज़िश सताने की मुझको,

Yashvardhan Goel
नजरें करती हैं साज़िश सताने की मुझको, ये ना जानें मेरा हाल [...]

ख़्याल होता नही ख़्याल का, कौन सा लिखना है!

Yashvardhan Goel
ख़्याल होता नही ख़्याल का, कौन सा लिखना है! हाल होता नही हाल का, [...]

कीमत-ऐ-इंतज़ार

डी. के. निवातिया
कीमत-ऐ-इंतज़ार उन महबूब से पूछो कीमत ऐ इंतज़ार जो साल भर सब्र [...]

ईद का चाँद …….

डी. के. निवातिया
ईद का चाँद ……. चाँद दिखे न दिखे इस बार तुम जरूर आ जाना, क्योकि [...]

हुनर

डी. के. निवातिया
हुनर गूंथे जाते है माला में पुष्प वही हर मौसम में खिलने का [...]

शेर

Dr ShivAditya Sharma
।।फर्जी दुनिया।। बनते हैं शहंशाह, कहते हैं हम किसी से कम [...]

क्यों अधूरी ये कहानी रह गई।

शुभम् वैष्णव
क्यों अधूरी ये कहानी रह गई। क्यों अधूरी जिंदगानी रह [...]

मिला है दर्द जो तेरे निगाहों का असर है ये।

शुभम् वैष्णव
मिला है दर्द जो तेरे निगाहों का असर है वो। पता मुझको नहीं था [...]

जीने की वजह…………..

डी. के. निवातिया
तुम्हारी नजरो में जो तस्वीर उभर कर आती है उस तस्वीर में मुझे [...]

” काबिल “

Brijpal Singh
फज़ूल में बखान न करना अपनी काबलियत का दोस्तो, जिस दिन तुलना [...]