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शेर

शेर

bunty singh
"हम दिल को कई रोज़ से बहलाये हुए हैं काग़ज़ के कबाड़ों से घबराये [...]

उसूल

डी. के. निवातिया
देखा, मुस्कुराये और चल दिये, भला ये भी कोई बात हुई ! ! मुहब्बत [...]

कानपुर के पास ट्रेन दुर्घटना पर शेर

डॉ मधु त्रिवेदी
देखा चिल्लाते लोगों को आँखे मेरी भर आई कोई जाने बुरी घड़ी [...]

सुबहो शाम फकीरों से घूमते है

डॉ मधु त्रिवेदी
सुबहो शाम फकीरों से घूमते है बाजार में मिलेगे तो कितने में [...]

मैं कब्र में सुकून से लेटा न रह सका वोटों से मेरी लाश के सौदे की बात सुन

Rakesh Dubey
मैं कब्र में सुकून से लेटा न रह सका वोटों से मेरी लाश के [...]

मुझमें न ढूँढ रोज़ फरिश्तों की सूरतें मेरा फ़लक से कोई मरासिम न था कभी

Rakesh Dubey
मुझमें न ढूँढ रोज़ फरिश्तों की सूरतें मेरा फ़लक से कोई [...]

कुछ शेर

मदन मोहन सक्सेना
कुछ शेर उसे हम दोस्त क्या मानें दिखे मुश्किल में मुश्किल [...]

सुनेगा कोई कहानी मेरी

Nitin Sharma
क्या कहानी थी मेरी किसको सुनाऊ दास्ताँ गर सुने कोई उसे वो [...]

मसहूर दीवाना

gautam verma
"चाहत ने तेरे मुझे इतना मजबूर कर दिया कि आशिकों के नाम में [...]

[[ खो गई नीद आँखों से माँ बाप की ]]

Nitin Sharma
खो गई नीद आँखों से माँ बाप की घर में जब से हुई है जवां [...]

शायरी

विनोद कुमार दवे
ये मौसम बदलता जा रहा है रंग अपना, और वो अपनी बात पर कायम [...]

जिये जो शान से

डॉ मधु त्रिवेदी
जिये जो शान से हम जिन्दगी वो जिन्दगानी है वही तो इस जमाने में [...]

आऊंगा इक रोज

Kapil Kumar
आऊंगा मै इक रोज तेरा दर्द पूछने ख़ुदा जो दे गर मुझे मेरा दर्द [...]

36 का आंकड़ा

Kapil Kumar
36 का आंकड़ा जो रखे उनसे है प्यार मुझे बनाते हैं वही तो अक्सर भी [...]

इल्जाम ऐ बेवफाई—शेर —डी के निवातियाँ निवातियाँ

डी. के. निवातिया
ऐ जिंदगी किस मोड़ पर तू ले आयी ना मैं खुद का रहा न किसी और का [...]

सिद्धान्तों की कीमत पर जीना मंजूर नही मुझे

MridulC Srivastava
समझौतों में स्वार्थ और लाचारी की बू आती है, आत्म-सम्मान [...]

मै बेअदब हूँ

Kapil Kumar
मै हूँ बेअदब मगर अदब मे रहता हूँ बाते करता हूँ, मगर हद मे रहता [...]

मै इन्तजार में हूँ

Kapil Kumar
अब ये मेरी उसकी मुहब्बत की आजमाइश है मै इंतजार मे हूँ उसकी न [...]

दिवाली और मेरे शेर

मदन मोहन सक्सेना
दिवाली और मेरे शेर दिवाली का पर्व है फिर अँधेरे में हम [...]

है सोच बुलँद अपनी

Kapil Kumar
मेरी सोच........................ आपकी नजर है सोच बुलँद अपनी नजरिया भी न तंग [...]

“शहर को दुआ देते हैं”

Shri Bhagwan Bawwa
किसी के आसूंओं को पोंछ कर, हंसा देते हैं ! इस बार, दिवाली कुछ इस [...]

हम उफ़ भी नही करते

Kapil Kumar
हम उफ़ भी नही करते उनकी आह जारी है वोह कुछ भी नही करते हमारी [...]

हम उफ़ भी नही करते

Kapil Kumar
हम उफ़ भी नही करते उनकी आह जारी है वोह कुछ भी नही करते हमारी [...]

शायरी भाग 1

Sonika Mishra
मेरी ज़िंदगी की तन्हाई का, कोई रास्ता नहीं है | हर पल एक चोट सी [...]

चाँद करवा चौथ का तब खास हो गया

Kapil Kumar
चाँद करवा चौथ का तब खास हो गया चाँद देख उनका, जब आभास हो [...]

शायरी- अँधेरा

विनोद कुमार दवे
इतना तो दर्द लाज़िम है 'दवे'बेलौस जवानी में, बारिश हो अश्क़ों [...]

शेर

Mohsin Aftab Kelapuri
वफ़ा का दर्द ज़बाँ से बयाँ नहीं होता। ये ऐसी आग है जिस का धुँआ [...]

शेर

डॉ मधु त्रिवेदी
दर्द सबका बाँट लेना साथियों हर कदम पर साथ रहना साथियों पेट [...]

झूठ का पुलिंदा

Kapil Kumar
झूठ का पुलिंदा जो मिला फ़िदा हो गया मै खुद पे सच का आइना जो [...]

आज कह रहा हु तू ज़िन्दगी है मेरी

zahatana zahatana
आज कह रहा हु तू ज़िन्दगी है मेरी ना ना न कर,कह दे मै भी हु [...]