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शेर

चाहते हो खुश रहना तो

Kapil Kumar
चाहते हो खुश रहना तो इक वादा कीजिये वादा आज से शुरू ख़ुद से [...]

दर्पण की तरह सुनने का हुनर

कृष्ण मलिक अम्बाला
अर्ज किया है -- हम दर्पण की तरह सुनने का हुनर रखते हैं बशर्ते [...]

तजुर्बे

NIRA Rani
जिन्दगी की राह में तज्जुर्बे हजार होते है कभी हालात कभी [...]

ये है मुहब्बत का बैंक

Kapil Kumar
आने वाली बुक ,इश्क़ मुकम्मल, से एक शेर आपकी नजर है ये मुहब्बत [...]

करना चाहते हैं बहुत कुछ जिंदगी में

कृष्ण मलिक अम्बाला
करना चाहते हैं बहुत कुछ जिंदगी में सोचते हैं शुरुआत कहाँ से [...]

ठानी है अगर किस्मत ने अंगारे बरसाने की

कृष्ण मलिक अम्बाला
अर्ज किया है ठानी है अगर किस्मत ने अंगारे बरसाने की ठानी है [...]

शे’र

Nazir Nazar
मेरे मालिक तिरा मुझपे एहसान है मैं था मिट्टी मुझे कूज़ागर [...]

तन्हाईयों का सूरज

कृष्ण मलिक अम्बाला
मेरी तन्हाईयो का सूरज कभी चढ़ता तो कभी डूबा जाता है क्योंकि [...]

आंसुओं की सूई लेकर

कृष्ण मलिक अम्बाला
अर्ज किया है- कई दाग लिए जीता हूँ । घूँट दर्द के पीता हूँ [...]

मियाँ सब कुछ गवारा हो रहा है

Nasir Rao
मियाँ सब कुछ गवारा हो रहा है बहुत कम मैं गुज़ारा हो रहा [...]

ग़ुनाह

Kapil Kumar
रोज तोबा करके फिर गुनाह करता है शायद अब गुनाह वो बेपनाह करता [...]

आबो दाना

Kapil Kumar
ख़ुदा ने लिख दिया जब तेरा आबो दाना तेरे हक़ का तुझको मिलेगा [...]

वक़्त और मैं

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
वक़्त और मैं १. अधूरी ख्वाहिशें पूरा करने की बारी है वक़्त [...]

लाजबाब हो गयी

शिवदत्त श्रोत्रिय
चाहने वालो के लिए एक ख्वाब हो गयी सब कहते है क़ि तू माहताब हो [...]

कविता या कहानी नहीं

kamni Gupta
कैसे कह दूं मैं कोई कहानी। न मैं कोई कवि न मैं कोई [...]

मेरा वतन

kamni Gupta
1-सरहद पर जब जब दुशमन ने वीरों को ललकारा है। बड़ते रहे कदम [...]

बेटी (शायरी)

डॉ सुलक्षणा अहलावत
देवालय में बजते शंख की ध्वनि है बेटी, देवताओं के हवन यज्ञ की [...]

जुबां इश्क़ की

Kapil Kumar
दास्ताँ क्या पूछते हो बेजुबां इश्क़ की होके फना ही आती है [...]

उन्हें बसाया दिल में

rajkishor mishra'raj' pratapgadhee
धरा अपनी कभी सोना, कभी चाँदी उगलती थी / गजनबी लंग जाफ़र के [...]

दो आफ़ताब (शायरी)

डॉ सुलक्षणा अहलावत
आज दो गुलाब एक साथ देखे, इतने हसीं ख्वाब एक साथ देखे। दिल की [...]

कह न पाए

kamni Gupta
१-वो बातें अकसर घायल करती रही! चाह कर भी न कह पाए जो हम [...]

गम ये नही कि वो हमसे किनारा कर गया

Kapil Kumar
एक पुराना और पसंदीदा मेरा शेर...............आपकी नजर ये गम नही कि वो [...]

मुसीबत

Amaresh Mishra
सामान बाँध लिया है ए खुदा, बस अब वो जगह तो बता दे कहाँ रहते हैँ [...]

तुम

Amaresh Mishra
मरने की कोई ख्वाहिश नही मेरी, लेकिन बेबस हैँ ए जिन्दगी, कि [...]

एक दुआ ये भी

डॉ सुलक्षणा अहलावत
हे मेरे मालिक मेरे हिन्दुस्तान पर ऐसी दया दृष्टि बनाये [...]

ऊपर वाला

डॉ सुलक्षणा अहलावत
उस ऊपर वाले से बड़ा कोई बाज़ीगर नहीं, कब, क्या कर दे वो किसी को [...]

नरमी

Manjeet Bhola
नरमी तू अपने बयानों में रख तलवार को भी मयानों में रख कश्ती को [...]

मित्र दिवस की बधाई

Kapil Kumar
इक पल भी तुम बिन न गुजारा है दोस्तों हाल जो है तुम्हारा वही [...]

सितमगरों की लिखी,

ashfaq rasheed mansuri
सितमगरों की लिखी दास्तान बोलेंगे। हमारे घाव के जिस दिन [...]

हकीकत

Amaresh Mishra
किस्मत के हाथो वही मजबूर होते है हकीकत से जो दूर होते है सजा [...]