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शेर

दो गज जमीन—शेर—डी के निवातियाँ

डी. के. निवातिया
लोग कहते है दो गज कफ़न के साथ दो गज जमीन काफी है मरने के बाद । [...]

कौन उजाला लाएगा

विनोद कुमार दवे
वतन को रिश्वतों के रिवाज़ में जकड़ बैठे है, कैसे ज़ाहिल लोग [...]

घाव

विनोद कुमार दवे
नाम लिखते है मिटाते है, अपने ही नाम से अपना दिल बहलाते है, [...]

यूं जीना

preeti tiwari
असल मजा आरहा है जीने मे....... मुस्कान बिखेरने और अश्क पीने [...]

शायरी

विनोद कुमार दवे
फूल देखकर जिसकी याद आती थी, आज न जाने क्यों वो शख़्स कांटो सा [...]

उसे गुरूर है

विनोद कुमार दवे
उसे गुरूर है अपने चेहरे की मासूमियत पर उसने मेरी आँखों की [...]

अशहार”

रजनी मलिक
"सब को अपने जैसे रखना, होंठों पे मत शिकवें रखना,। ************** लौट [...]

अकेलापन

डी. के. निवातिया
लोग कहते है अकेलेपन में वीरानापन महसूस होता है ! कमबख्त एक [...]

सच का प्याला……….( निवातिया डी के )

डी. के. निवातिया
सच का प्याला निरा कडवा लगे, सरलता से उतरे ना कंठ के पार ! झूठ [...]

शेर

डॉ मधु त्रिवेदी
लाल माँ के मार दीये कायरों से आज फिर छीन ली मुसकाँ जवानों के [...]

हालात

NIRA Rani
अपने हालात की नुमाइश अच्छी नही होती क्यूकि हर रिश्ते की खनक [...]

इश्क़ का अंज़ाम

विनोद कुमार दवे
आँखों में समन्दर और लबों पर तिश्नगी है, जैसी भी है यार, बड़ी [...]

गुलाब

avadhoot rathore
अश्को से सींचोगे दहकेंगे , यादों के गुलाब। यादों से सींचोगे [...]

सजा दें

डॉ मधु त्रिवेदी
मुहब्बत दिखा जब किसी से फँसा है कभी क्यों न उसको जरा सी सजा [...]

” बस यूँ ही” (शायरी)

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
(१) जुल्फें तेरी बिखरी हैं काली घटाओं सी, देखो कही आज आसमान न [...]

उन्हें इश्क़ है हमसे

विनोद कुमार दवे
उसका कुछ नही बिगड़ा 'दवे' तेरी नाराजगी देख कर भी, मेरे आंसुओं [...]

मिरी ख़ुश्बू

Rajan Kaushik (Yagya)
रखना सहेज कर उसे जिसको संवारो तुम, हर किसी को हमसा बिखेरा [...]

ईमान

डी. के. निवातिया
कही मिले तो थोड़ा सा ईमान खरीद लाना ! सुना है दिल के कारोबार [...]

अजीब से हालात हैं

विनोद कुमार दवे
अजीब से हालात है मेरी जिंदगी के,,, दिन ढलता भी नहीं और रात होती [...]

मेरे साथ चलता नही

शिवदत्त श्रोत्रिय
मंज़िल पर मिलने वाले बहुत है यहाँ क्यो कोई रास्तो पर नही [...]

उस बेवफ़ा की तरह

विनोद कुमार दवे
ये वक़्त भी गुजर गया बातोँ बातोँ मेँ,,,,,,,,, दुरियाँ बदल न सकी [...]

घर

Rekha Rani
जला कर ग़ैरों के घर ख़ुश होते थे बहुत ही, बिजली ने जलाया घर तो [...]

सपनों के महल को अपना घर बता रहे हैं

NIRA Rani
क्या खो रहे है क्या पा रहे है अनजानी सी होड मे बस दौडे जा रहे [...]

हर दफ़े तु………..

SHASHIKANT SHANDILE
हर दफ़े तु मेरी निगाहों में शामिल होती है ! ये जो चाहते है मेरी [...]

प्रेम

डी. के. निवातिया
प्रेम आओे करे प्रेम इस जग में चाँद और सूरज जैसा तू ढूंढे बन [...]

शराब ,साकी और गम

रवि रंजन गोस्वामी
साकी था खूबसूरत । शराब भी कमाल थी । और बहाने मुश्किल थे [...]

काश

डी. के. निवातिया
काश काश तेरे दिल की बात इन हसीन लबों तक आ जाए l जो छुपा है [...]

शायरी से आज

नीलोफ़र नूर
शिकवे हज़ार करने हैं हमको किसी से आज मन्सूब इसलिए हुए हम [...]

नसीब……………..

डी. के. निवातिया
छोडो ये रूठने मनाने की गुस्ताखियां नफरत की आग में कही खुशियो [...]

कैसे कह दू

डी. के. निवातिया
कैसे कह दू कैसे कह दू उसको मै बेवफा, नब्ज चलती है हर पल मेरी [...]