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शेर

मुझको हरेक खेत ही जलता दिखाई दे- कुछ शेर

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
ऐसी लगी है आग सियासत की आजकल मुझको हरेक खेत ही जलता दिखाई दे [...]

चंद शेर

Brijpal Singh
बड़ा अज़ीब मिज़ाज़ है इन शहरों का हवा आती नहीं, साँस ले नहीं [...]

शेर

Brijpal Singh
कभी पास आकर सुन लो मेरे दर्द की आह.. यूँ मीलों दूर से पूछोगे तो [...]

माना जायेगा

रवि रंजन गोस्वामी
न भागना ,न कोई बहाना काम आयेगा । मुश्किलों से सिर्फ टकराना [...]

आदाब अर्ज़ है

ishwar jain
दरिया ए अश्क़ काफी हैं बहने के लिए - दास्तां ए इश्क काफी हैं [...]

अशीर्षक

रवि रंजन गोस्वामी
कुछ मेरे पास हो जो दे सकूँ मैं , अना कम हो तो कुछ ले सकूँ मैं । [...]

अदा

डी. के. निवातिया
अदा +++++++++++++++ मुझसे मुहब्बत भी बेपनाह करता है फिर भी मेरी हर बात [...]

किसी ने बुरा जाना किसी ने भला जाना

MridulC Srivastava
किसी ने बुरा जाना किसी ने भला जाना, मैं जो खुद को जान न सका [...]

स्टेटस

Suneel Rathore
मैं खुश हूँ कि कोई मेरी बात तो करता है...! बुरा कहता है तो क्या [...]

पर्यावरण बचा लो,कर लो बृक्षों की निगरानी अब

बृजेश कुमार नायक
पर्यावरण बचा लो, कर लो बृक्षों की निगरानी अब | प्रकृति-प्रेम [...]

बदलता वक़्त

Abhinav Saxena
बदलते वक्त का शेर है कि, अच्छा या बुरा वक्त आता है बदल जाने के [...]

‘मुक्त’

Khoob Singh 'Vikal'
आज कर दिया तुम्हें अपनी 'कैद' से 'मुक्त'। 'भविष्य' बना सको तुम, [...]

चापलूसी

Khoob Singh 'Vikal'
चापलूसी में चापलूसों को कर दिया कुछ ने फेल। सत्ता प्राप्ति [...]

‘इश्क’

Khoob Singh 'Vikal'
'इश्क' में फना होना भी आसान नहीं 'विकल'। जिंदगी को 'इश्क' समझ जी [...]

कुछ शब्द~१४

कमलेश यादव
(१) तेरी रिफ़ाक़त की ख़्वाहिश लिए जीते है अगर ये पूरी हो जाए [...]

कारवां जिंदगी का।

Neelam Sharma
कुछ इस तरह बढ़ता रहा कारवां जिंदगी का, न तुमने याद किया और न [...]

*** कुछ शेर ***

भूरचन्द जयपाल
हक़ीक़त में सम्भव नहीं उनको रुलाना क्यों न तसव्वुर में ही [...]

“नूर-ए-दीदार”

आनन्द कुमार
पिय को अपने प्रेम की चाहत है, मेरे यार को मेरे इन्तजार की [...]

,,,,मेरे दिल के अल्फाज,,,,

मानक लाल*मनु*
,,,,मेरे दिल के अल्फाज,,,, 1-कभी हम ने वक़्त को न समझा,,,, आज वक़्त [...]

कुछ शब्द ~१४

कमलेश यादव
(1) तेरे प्यार में मौक़ूफ़ बैठे थे आँख बंद किये आँख खोली तो [...]

मतला और कुछ शेर

Abhinav Saxena
जब उन्हें इश्क़ न हुआ तो हमने बहाना कर लिया, अपनी तरफ उन्हें [...]

कुछ शब्द~१३

कमलेश यादव
(१) तुम ढूँढते रहे ख़ुद को मेरी कविता में तुम बसे थे [...]

मतला और एक शेर

Abhinav Saxena
आसमानों के ऊपर भी कहीं कुछ जमीं है क्या, तुम्हारी आँखों में [...]

दीये के उजाले तो तमाम से हो गए ….

Awneesh kumar
दीये के उजाले तो तमाम से हो गए दिल के अँधेरे तो आम से हो [...]

कुछ शब्द~११

कमलेश यादव
(१) हर शाम ले आती है याद तेरी तू नहीं आता किसी एक शाम (२) मैं [...]

नाकाम ग़ज़ल के कुछ शेर

Abhinav Saxena
सन्नाटों भरी ये रात भी है यादों वाली बरसात भी है। नफ़रत [...]

कुछ शब्द~१०

कमलेश यादव
मैंने माँगी थी थोड़ी-सी ख़ुशी तुमने ग़मों से भर दी [...]

कुछ मुक्तक

gopal pathak
तेरे इस अहसास को अहसान बना लू तुझको जिन्दगी का महमान बना लू [...]

कुछ शब्द~९

कमलेश यादव
(१) तू मुझसे ना अब कोई गिला रख टूटे हुए रिश्तों से ना आसरा [...]

कुछ शब्द~८

कमलेश यादव
(1) बरसात है, चाँदनी है, फ़िराक़ सहे कैसे। तुम्हीं से मिला [...]