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शेर

प्रीतिमय अंकुर न फूटा ,कहें कैसे प्रात है/ स्वयं को पहचान लो, तब दिव्यता अनुराग है

Brijesh Nayak
भाव तज, वह ज्ञान कौआ बन गए,क्या बात है ? प्रीतिमय अंकुर न फूटा, [...]

हिंद का दिल रो रहा है, हँस रहे हम शूर बन/ हिंद कब तक ढोएगा दुख-बेबसी की गर्द को

Brijesh Nayak
बालश्रम करते दिखे हैं, कई तन मजबूर बन| हिंद का दिल रो रहा है, [...]

इश्क मुहब्बत

बसंत कुमार शर्मा
इस इश्क मुहब्बत ने, सबको ही रुलाया है हैं लोग अगर पागल, कुछ [...]

गरीबों की झोपड़ी बेमोल अब भी बिक रही / निर्धनों की झोपड़ी में सुप्त हिंदुस्तान है

Brijesh Nayak
गरीबों की झोपड़ी बेमोल अब भी बिक रही| कहूंँ कैसे हिंद चोटी [...]

गजल :सीख ले ले यार

Radhey shyam Pritam
"प्रीतम"मिशाल खुद के तजरूबे की दीजिए। गैरों से तो हमने है [...]

II दर्द मुफलिसी का II

संजय सिंह
ना कोई दोस्त अपना, न पहचान कोई l जिस पर बीते वह ही जाने ,दर्द [...]

II सजा दिल लगाने II

संजय सिंह
साथ मेरे मिली उसको, सजा दिल लगाने कीl मुझको पता उसने मुझसे, यह [...]

एहसास-ऐ-गैर

डी. के. निवातिया
मुहब्बत के नाम का पाठ वो दिन रात रटता है। जरा सा छेड़ दो तो [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
बेदर्द जमाने में दर्द बहुत हैं पर मैंने तो देखा [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
धनवान तो जरूर बन जाना पर हैवान न कभी बन जाना दोस्तों यह फितूर [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
अभी फुर्सत नहीं है, कि कह सकूं कुछ तुझको में अपने अरमानो की [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
चन्द लफ़्ज़ों में बयां कर दिया क्या यह काफी नहीं समझने को फिर [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
अपना दिल काबू में हो बस चाहे बेवफा रोज मिले लिखा है, हमारे इक [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
जिस्म की गहरईओं में तो डूबता है जिस्म दिल को जरा सोच कर ही [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
जिस्म की गहरईओं में तो डूबता है जिस्म दिल को जरा सोच कर ही [...]

II मेरा फैसला II

संजय सिंह
यूं तो मिलती मुझे ,दुनिया की नियामतें सारी l साथ तंगहाली का [...]

शायर

Anil Commando
चाहत की तलाश मे ना जाने कँहा से चलकर आया हूँ मैं , हर एक इंसान [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
जिस्म पर खाए हुए निशान तो चले जायेंगे पर दिल पर जो चोट लगी [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
मोहोब्बत निभानी हो तुम को मुझ से, तो शर्तो को छोड़ देना मुझे [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
तेरी महफ़िल में आते हैं कुछ तुझ को और कुछ तेरी आदाओं को देख कर [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
अभी तो मंजिल नहीं आयी, आप ने हाथ छुड़ा लिया यह आपने कैसा हम हो [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
तेरी नजर में शायद ममैं बुरा सही, हो सकता है मैने अपनी नजरों को [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
जी न पाओगी तुम मेरे बिना ध्यान रखना रोज रोज मुझे याद न किया [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
अच्छे वक्त की तलाश होती है सबको बुरे के आने से घबरा जाते हैं [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
जिन्दगी अब तक तेरे सवालो को पास किया है मैने फिर भी गमो के साथ [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
हमने तो बहुत पुकारा तेरा नाम , दिल को समझा के पर वो कहता था, गलत [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
प्यार ने बहुत तडपाया और रुलाया इन आँखों ने कभी हम ने इनको [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
मैने नहीं की शिकायत कभी कि तुम मुझ से दूर हो पर वो दिल की धड़कन [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
तुम्हारी दूरिओं से शिकवा नहीं करता करता हूँ उस दूरी से बस जो [...]

शायरी

अजीत कुमार तलवार
वो महफ़िल नहीं कुछ काम की, जहाँ तेरा जिक्र न हो में बैठा रहू [...]