साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

शेर

शेर

bunty singh
बद्दुवा मुझे दो शर्माना नहीं दिली बात अब तुम छुपाना नहीं [...]

शेर

bunty singh
मिलो न मिलो तुम जताना नहीं किया प्यार हमने दिखाना नहीं [...]

शेर

bunty singh
यहीं दोजख ज़न्नत है जाना नहीं किया जो करम तुम भुलाना नहीं [...]

शेर

bunty singh
कभी आप खुद से सताना नहीं दुखी हो गये तो फ़साना नहीं मेरी याद [...]

कुछ शब्द~८

कमलेश यादव
(१) क्यूँ हर शाम अब सुनी-सी है? कभी जहाँ हम साथ हँसा करते [...]

प्यार भरी शायरी

लक्ष्मी सिंह
💓💓💓💓 जिन्दगी में प्यार का होना जरूरी है, बिना प्यार के [...]

कुछ शब्द~७

कमलेश यादव
(१) मरकज़-ए-दिल में हुँ, मुझे बाहर ना कर तलाश। साथ तब भी हुँ जब [...]

कुछ शब्द~६

कमलेश यादव
(१) मन को खाली कर देना अच्छा होता है कोई समझे या ना समझे कह [...]

** आरजू **

भूरचन्द जयपाल
आरजू दिल की है तमन्ना शब-ए-रोज की है ऐ जिंदगी तूं तो बस कुछ [...]

कुछ शब्द~५

कमलेश यादव
(१) एक चाह थी फलक की कभी वो तवक़्क़ो अभी भी बाक़ी [...]

शेर

Pritam Rathaur
(1) कितनी नफ़रत थी बुलंदी से उनको परिंदे को पकड़ा और पर क़तर [...]

शेर

Pritam Rathaur
(1) आएगी एक दिन वो मेरे ख़ाबों की मल्लिका ये सोच कर तमाम उम्र [...]

शेर

Pritam Rathaur
क्यूँ नफ़रत के बीज दिल में बोया है आपने हमें अश्कों के समंदर [...]

कुछ शब्द-४

कमलेश यादव
(१) ‪तेरे प्यार के घेरे में, एक बार क्या आये‬ फ़िर कभी हमें, [...]

कुछ शब्द-३

कमलेश यादव
(१) बड़े व्यस्त हैं सभी, ज़िंदगी के मेले में वक़्त नहीं, अपने [...]

मोहब्बत

लक्ष्मी सिंह
(1)🌹🌹🌹🌹 एक फूल मोहब्बत का खिलायेगें हम....... हमारे दरमिया ना [...]

मेरी कलम से ….

Akhilesh Kumar
१.उसका दिल, दिल नहीं, रेत का मैदान निकला। कई बार लिखा नाम [...]

कुछ शब्द-२

कमलेश यादव
(१) एक चाह थी फ़लक की कभी। वो उम्मीद अभी भी बाक़ी हैं।। (२) इन [...]

!! शायरी !!

अजीत कुमार तलवार
बड़ी तारीफ़ करते हैं लोग तेरी ख़ूबसूरती की न जाने क्या क्या बात [...]

** अदालत-ए-इश्क **

भूरचन्द जयपाल
मुवक्किल थे हम उनके अदालत-ए-इश्क में पैरवी कुछ इस तरह की [...]

कुछ शब्द

कमलेश यादव
(१) ‪शफ़क-ए-शाम आसमाँ में अभी भी हैं।‬ तेरे इंतज़ार में बैठा [...]

शायरी

Anuj yadav
वक्त पर ना फिसले तो फिसलना बेकार है जवानी निकल गई फिर घर से [...]

गज़ल

ANURAG Singh Nagpure
कैसी समस्या है कि कोई हल नही निकलता क्यों अर्जुन के तीर से भी [...]

शेर

Geetesh Dubey
[8/2 00:06] Geetesh dubey " GEET ": 🎄🎄चंद शेर 🎄🎄 निकले थे घर से, तेरी जुस्तजू को [...]

गजल..

ANURAG Singh Nagpure
जिन्दा रहने के लिये कौन सा शहर अच्छा है, जलता हो आसमां तो कौन [...]

श्‍ोर ए दर्द

bharat gehlot
जीवन के एक मोड में कुछ अग्‍यार मिल जाते है जो अपने बन जाते है , [...]

“तुझसे मिलने के बाद”(शेर-ओ-शायरी)

ramprasad lilhare
"तुझसे मिलने के बाद" (शेर-ओ-शायरी) तु मिली मुझसे ये खुदा का रहम [...]

!! शायरी !!

अजीत कुमार तलवार
सही काम करने वाले के दुश्मन हो जाते हैं लोग न जाने क्या क्या [...]

थर गया हूँ

Adarsh Tiwari
थक गया हूँ लिखकर गज़ल ए मोहब्बत, सोचता हूँ फुर्सत मिले तो [...]