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शेर

बडे राज

Vindhya Prakash Mishra
बडे ही राज रक्खे है दिलों मे दबा करके कभी कह दो बहाने से मौका [...]

*ये आँखें तेरी कत्लखाने से कम नहीं*

भूरचन्द जयपाल
18.8.17 **** प्रातः **** 7.58 ये आँखे तेरी किसी कत्लखाने से कम नहीं है [...]

*** मत पूछ ***

भूरचन्द जयपाल
मत पूछ मुझे महोबत ने क्या क्या दिया बहुत से जख्म दिए कुछ और [...]

**** आपका अंदाज ****

भूरचन्द जयपाल
खूबसूरत-ए-शोभा नहीं शरीर की आभा जनाब । शोभा-ए-खूबसूरत [...]

देश के नाम चार शेर

Onika Setia
१, ऐ वतन ! मुझे तुम पर नाज़ है , की तुम्हारी सर ज़मीं पर [...]

फुर्सत

रवि रंजन गोस्वामी
जब महफिल उठ गयी तो घर याद आया है । किस कामयाबी पर नाज़ करें [...]

*** मेरे पसंदीदा शेर ***

भूरचन्द जयपाल
मैं मशगूल था अपने ही ख्यालों में कब मशहूर हो गया क्या पता [...]

*** धीमा जहर ***

भूरचन्द जयपाल
ना जाने कौन सा धीमा जहर मेरे सीने में उतर आया है ना चैन से [...]

राह

रवि रंजन गोस्वामी
जाने किस राह जाते हैं वो, राह में मिलते नहीं हैं वो । मुझे [...]

आज ,कल ,कभी

रवि रंजन गोस्वामी
आज उसने बहुत बातें की , क्या न कहने की कोशिश की? सालों तक लटका [...]

शायरी अंदाज़……….

Radhey shyam Pritam
तुम्हारी हँसी दर्द में भी हँसा जाती है। जैसे कली फूल बन [...]

*** चंद शेर ***

भूरचन्द जयपाल
कशमकश दिल में जुबां पे तुम्हारा नाम आया भरी महफ़िल में फिर [...]

चंद शेर…..अर्ज हैं

Radhey shyam Pritam
टूटा साख से पत्ते करते हैं,हम तो स्वयं एक पेड हैं भैया। सागर [...]

शायरी

वेदप्रकाश रौशन
कभी नैन तरसते थे किसी के दीदार को, अरसे बीत गए, लोग भी बदल [...]

*जिंदगी* (शायरी)

Neelam Ji
खूबसूरत है जिंदगी खूबसूरत ये डगर , मगर बिन साथी के कटता नहीं [...]

==* जहाँ मैं खड़ा था *== (गजल)

SHASHIKANT SHANDILE
नजारा नशीला जहाँ मैं खड़ा था गवारा नही लौटना मैं खड़ा था नदी [...]

==* याद मे ये नैन रोये यार आजा *==

SHASHIKANT SHANDILE
(गजल ) वृत्त: मंजुघोषा गालगागा गालगागा गालगागा याद तेरी रोज [...]

*** शेर ***

भूरचन्द जयपाल
कत्ल करके पूछते हो दर्द हुआ या नहीं मुहब्बत करके देखो पता चल [...]

मजलूमों की,कबर

Surya Karan
जिन्हें मुफ़लिसी की, ना ज़रा सी खबर चले मजलूमों की, आवाज़ बनने [...]

आदाब अर्ज़ है

ishwar jain
अब मैं समझा तेरे रूठने का सबब। अदाएं वो महज थीं, मेरे कत्ल की [...]

हमें मंजूर तो है…..

seervi prakash panwar
कोई लिख रहा हैं हमकों, हमे मंजूर तो हैं... थोड़े पागल थोड़े मासूम [...]

**** मरने से कौन डरता है ****

भूरचन्द जयपाल
मरने से कौन डरता है कमबख्त यहां तो जीने से ही तंग आ गए [...]

कुछ पलो की नाराजगी को…

seervi prakash panwar
कुछ पलो की नाराजगी से तुम खुद पर दाग मत समझना, जो ना मिलु पल भर [...]

ढूंढ़ रहे…

seervi prakash panwar
बे वक्त के इन परिंदों को देख़ो....कही आशियाना ढूंढ़ रहे, बे वजह [...]

जिया की बात

Neelam Sharma
चलो फिर आज हम तुमसे जिया की बात कहते हैं सनम सिर्फ आप ही [...]

हकीकत

Neelam Sharma
⛅हकीकत ⚡ हकीकत में हकीकत से न वास्ता है ज़माने का फक़त बस [...]

अहसास

aparna thapliyal
जुबाँ खा़मोश रहकर भी सभी कुछ बोलती है मगर बस शर्त ऐसी है कि [...]

*** शेर ***

भूरचन्द जयपाल
कश्तियां डूबी है बीच मझधार जाकर हाथ से छूटा अब जो प्यार [...]

मुझको हरेक खेत ही जलता दिखाई दे- कुछ शेर

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
ऐसी लगी है आग सियासत की आजकल मुझको हरेक खेत ही जलता दिखाई दे [...]

चंद शेर

Brijpal Singh
बड़ा अज़ीब मिज़ाज़ है इन शहरों का हवा आती नहीं, साँस ले नहीं [...]