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Sahitya

पार लगाना है नोका

Archana Singh
स्वर्ण रश्मियों संग भास्कर,दूर छितिज में ढलता जाये। मझधार [...]

ग़ज़ल।लगा है दाग़ दामन में दिखाई तो नही देता ।

रकमिश सुल्तानपुरी
गज़ल। लगा है दाग़ दामन में दिखाई तो नही देता ।। यहा इंसान है [...]

कफ्न की कीमत चुकानी रह गयी

sachin vyas
कर्ज वो सारा चुकाकर मर गया कफ्न की कीमत चुकानी रह गयी कर के [...]

बच्चे नहीं जानते अभी

Savita Mishra
बच्चे नहीं जानते अभी कि कैसे फूटती हैं यादें मील के पत्थरों [...]

.🌻 बसंती ओढ़कर चूनर , धरा ससुराल जाती है “

Kavi DrPatel
**************************************** गगन के संग मगन देखो, बड़ी खुशहाल जाती है [...]

प्यार की दुनिया बसानी रह गई

Dr Archana Gupta
बात जो दिल की बतानी रह गई प्यार की दुनिया बसानी रह गई चाँद [...]

माँ कैसी हो तुम ?

Abha Saxena
कहानी माँ कैसी हो तुम ? आभा सक्सेना देहरादून कल ही मैं [...]

दोस्ती

Savita Mishra
आओ जिंदगी से दोस्ती कर लें फिर से जी भर कर बतियायें रूठने पर [...]

ग़ज़ल :– तुझे पाने की चाहत में !

Anuj Tiwari
ग़ज़ल :-- तुझे पाने की चाहत ! गजलकार :– अनुज तिवारी तुझे पाने [...]

मिला है दर्द जो तेरे निगाहों का असर है ये।

शुभम् वैष्णव
मिला है दर्द जो तेरे निगाहों का असर है वो। पता मुझको नहीं था [...]

अनुत्तरित प्रश्न

Abha Saxena
कहानी अनुत्तरित प्रश्न.... ऽ आभा सक्सेना देहरादून [...]

कसम…………

डी. के. निवातिया
तेरे किये वादे के हम कायल हो गये बिना किसी वार के ही घायल हो [...]

मैं खामोश रहती हूँ

Annu Singh
मैं बस खामोश रहती हूँ तुम्हे क्या फर्क पड़ता है ज़बाँ क़ाबू [...]

स्लेट-बत्ती सी जिन्दगी

Dr ShivAditya Sharma
होती जिन्दगी स्लेट-बत्ती सी तो जीना कितना आसान होता। गलती [...]

कान्हा-व्यथा

Rajeev 'Prakhar'
कान्हा बोले यूँ मैया से, "क्यूँ कलियुग में जाऊँ मैं l जो माखन [...]

जीने की वजह…………..

डी. के. निवातिया
तुम्हारी नजरो में जो तस्वीर उभर कर आती है उस तस्वीर में मुझे [...]

यादो का गुलिस्ताँ……….

डी. के. निवातिया
तुम चले तो गये अजनबी बनकर मगर यादो का गुलिस्ताँ अभी मेरे पास [...]

किस्सा फिर वही पुराना………………

डी. के. निवातिया
नया नया था अपना याराना, हुआ बहुत पुराना सा लगता है कल तक [...]

” काबिल “

Brijpal Singh
फज़ूल में बखान न करना अपनी काबलियत का दोस्तो, जिस दिन तुलना [...]

मगर

Brijpal Singh
लाख कोशिशे भी चाहे कर लो समझने और समझाने की ))))) मगर((((( कुछ [...]

“वो चिडिया “

Brijpal Singh
__________________________________ घर वो वैसा ही है आँगन भी वही मगर, वो चिडिया अब [...]

*पहचान*

Dharmender Arora Musafir
खुद को जिसने जाना है ! खुदा को उसने जाना है !! अपना सबको माना [...]

राज दिल में हमें ये छुपाना पड़ा

Dr Archana Gupta
राज दिल में हमें ये छुपाना पड़ा याद को आशियाना बनाना पड़ा [...]

ग़ज़ल।दिवाने को नही मालुम।

रकमिश सुल्तानपुरी
ग़ज़ल।निगाहें ढूढ़ती बेबस दिवाने को नही मालुम । वफ़ा में जख़्म [...]

” जिनके खून पसीने से यह सारी दुनिया चलती है “

Kavi DrPatel
न्वादू******************************************** जिनके खून पसीने से यह सारी दुनिया [...]

मजहब हिन्दुस्तान

Dr ShivAditya Sharma
ना मैं सिख ना मैं ईसाई, ना ही हिंदू मुसलमान हूं मैं। ना मैं [...]

किया है ज़िन्दगी(?), एक नाम है ज़िन्दगी (!)

zahatana zahatana
किया है ज़िन्दगी(?), एक नाम है ज़िन्दगी (!) कैसे जीए तेरे बगैर(?), [...]

दोहा

Vinod Kumar
लालच की होती नहीं,जग में कोई थाह। जो इसमें जितना गया,उतना हुआ [...]

दोहे

Deepshika Sagar
शब्द शब्द मुखरित हुआ, छंद छंद नव गीत, मन वीणा बजने लगी, [...]

मुक्तक

Deepshika Sagar
बुलन्दी की शिखा तक मैं, शिखा बन आस की चलती, नयन में या किसी के [...]