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Sahitya

रेखाओं के खेल

Sharda Madra
लक्ष्मण रेखा तोड़कर सिया के उर थी पीर रेखाओं के खेल ये कौन [...]

दाना पानी के सिलसिले

Sharda Madra
दाना-पानी के सिलसिले परदेश में ले जाते बच्चे माँ-बाप से बिछड़, [...]

कलम का वार तीखा हो

Sharda Madra
डुबोने नाव भारत की कई गद्दार बैठे हैं मिटाने राष्ट्र गरिमा [...]

भोला भाला रूप

Sharda Madra
भोला-भाला रूप बना कुछ साधू फैंके जाल कथा-कहानी सुनके जनता [...]

हाथ में इक खत पुराना आ गया।

pradeep kumar
हाथ में इक खत पुराना आ गया। याद फिर गुजरा जमाना आ गया।। [...]

तो याद करना

अमरेश गौतम
कोई दर्द, कोई चुभन जब हद से गुजर जाए,तो याद करना, जिन्दगी में [...]

बन्दरबांट

Rajeev 'Prakhar'
मित्रो, प्रस्तुत है मेरी एक पुरानी व्यंग्य रचना, शीर्षक है - [...]

सहिष्णु

pradeep kumar
एक मुक्तक। कल तक तो इन सबको देखो होती चिंता भारी थी। बात बात [...]

लूट

pradeep kumar
मुक्तक। राष्ट्रवाद का झंडा कुचला, नेताओं ने लातों में। [...]

वतन की शान लगते हैं।

pradeep kumar
एक गजल मापनी ---1222 1222 1222 1222 कभी हैवान लगते हैं कभी शैतान लगते [...]

मैं जीतता हूँ पर लगता है हार जाता हूँ

Yashvardhan Goel
अंदर से लड़ता हूँ बहार से हार जाता हूँ मैं जीतता हूँ पर लगता [...]

नवगीत

Ramkishore Upadhyay
मुसाफिर ! देख समय की ओर मुसाफिर !देख समय की ओर .......... - गहरी नदिया [...]

*गीतिका*

LOVE PRANAY
समन्दर प्यास कब किस की कभी देखो मिटाता है हमेशा प्यास तो [...]

नयनों की चोट

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*मुक्तक* वो लगाकर घात बैठे आज करने नैन चोट। तृप्ति के आधार [...]

अनोखा प्यार का बंधन

मदन मोहन सक्सेना
अर्पण आज तुमको हैं जीवन भर की सब खुशियाँ पल भर भी न तुम हमसे [...]

मैं सड़क हूँ

डॉ मधु त्रिवेदी
मैं सड़क हूँ ✍✍✍✍✍✍ स्थिर अस्थिर टूटी-फूटी निरन्तर घाव सहन [...]

जिस गली जिस शहर में चला सीखना , दर्द उसके मिटाने भी जाया करो

मदन मोहन सक्सेना
दूर रह कर हमेशा हुए फासले ,चाहें रिश्तें कितने क़रीबी क्यों [...]

ग़ज़ल (आये भी अकेले थे और जाना भी अकेला है)

मदन मोहन सक्सेना
पैसोँ की ललक देखो दिन कैसे दिखाती है उधर माँ बाप तन्हा हैं [...]

ग़ज़ल ( खुद से अनजान)

मदन मोहन सक्सेना
ग़ज़ल ( खुद से अनजान) जानकर अपना तुम्हे हम हो गए अनजान खुद [...]

ग़ज़ल (लाचारी )

मदन मोहन सक्सेना
ग़ज़ल (लाचारी ) कुछ इस तरह से हमने अपनी जिंदगी गुजारी है जीने [...]

वीणा बोलती है

Dr Archana Gupta
एक गीत ********* गीत ------ प्रीत ने छेेड़े जो दिल के तार वीणा बोलती [...]

*लूट*

Dharmender Arora Musafir
इंसा इंसा को लूट रहा नश्वर माया ये कूट रहा बेमानी हुए [...]

सुर ! इक साज का मोह ………..

Sagar Saini
मै तेरी मौहब्बत के ख़याल से किनारा तो कर लू मगर तेरी हर अदा [...]

लाहौर तिरंगा देखोगे।

pradeep kumar
कश्मीर के ताजा हालातों से व्यथित होकर दिल से निकलीं कुछ [...]

संविधान पर थूका है।

pradeep kumar
भारत माँ की आन बान औ स्वाभिमान पर थूका है। अलगावी नेताओं ने [...]

पैग़ाम

SANJAY SANAM
शब्द डगर का पथिक जब भी जुड़ता है एक और शब्दों की नई राह [...]

प्रेम सेतु (कहानी ) —–मेरी पुस्तक प्रेम सेतु से

निर्मला कपिला
प्रेम सेतु (कहानी ) -----मेरी पुस्तक प्रेम सेतु से जीना तो कोइ [...]

प्यार की कसम//गीत//

दुष्यंत कुमार पटेल
प्यार की कसम आ जा लौट के सनम खज़ा आ गई हैं ज़िंदगी में तेरा जाने [...]

छोटा सा गांव हमारा

दुष्यंत कुमार पटेल
पुरवईया की महकी हवाँ बागो से चुराती खुशबू लोगो की आने [...]