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Sahitya

चाँद- सितारों में हैं क्या चर्चे चलकर देखा जाये

suresh sangwan
चाँद- सितारों में हैं क्या चर्चे चलकर देखा जाये ज़मीं का [...]

ज़िंदगी धुआँ -धुआँ शाम सी लगती है

suresh sangwan
ज़िंदगी धुआँ -धुआँ शाम सी लगती है हर बात खास मुझे आम सी [...]

झुकती हैं पलकें कभी उठ- उठ देखती हैं

suresh sangwan
झुकती हैं पलकें कभी उठ- उठ देखती हैं हसरतें उन्हीं गलियों [...]

मंज़िल कोई और मुझे बताये ही क्यूँ

suresh sangwan
मंज़िल कोई और मुझे बताये ही क्यूँ यहाँ बुलाकर वाइज़ को [...]

गुजरेगा यहीं से घर खुदा के रास्ता कोई

suresh sangwan
गुजरेगा यहीं से घर खुदा के रास्ता कोई राह-ए-मुहब्बत में [...]

खुश्बू-ए-गुल को हवाओं से मिल जाने दे

suresh sangwan
खुश्बू-ए-गुल को हवाओं से मिल जाने दे रम जाने दे ज़रा सा और रम [...]

ये मोहब्बत है पनाह में नहीं रहती

suresh sangwan
ये मोहब्बत है पनाह में नहीं रहती बहुत देर ख़ुश्बू गुलाब [...]

चाँद की बस्ती में काफ़िला सितारों का मिले

suresh sangwan
चाँद की बस्ती में काफ़िला सितारों का मिले उठा दो जहाँ [...]

यकीं उसकी उल्फ़त का मुझे आने तो दे

suresh sangwan
यकीं उसकी उल्फ़त का मुझे आने तो दे हँस भी लेंगे पहले [...]

जी रही हूँ फिर से दिन बचपन वाले मैं

suresh sangwan
भूल गई हूँ अब वो दिन पचपन वाले मैं जी रही हूँ फिर से दिन बचपन [...]

जीती हूँ फिर से वे दिन बचपन वाले

suresh sangwan
भूल गई हूँ अब वे दिन पचपन वाले जीती हूँ फिर से वे दिन बचपन [...]

किताबों में दिल की कहानी रहेगी

suresh sangwan
किताबों में दिल की कहानी रहेगी किसी प्यार की खुश निशानी [...]

चाँद सितारों से बढ़ कर लिख

suresh sangwan
चाँद सितारों से बढ़ कर लिख फूलो काँटों तक चल कर लिख महफ़िल [...]

खुश्बूओं में खो रहे हैं

suresh sangwan
खुश्बूओं में खो रहे हैं मुहब्बतो में जो रहे हैं आज मिला है [...]

हाथ हाथों में हम लिये साथी

suresh sangwan
हाथ हाथों में हम लिये साथी दूर दुनिया से चल दिये साथी आज है [...]

मर्ज़ भले कोई हो ट्रीटमेंट ज़रूरी है

suresh sangwan
मर्ज़ भले कोई हो ट्रीटमेंट ज़रूरी है जंक फूड के साथ [...]

बदल लेती है रहगुजर कोई गिला नहीं करती

suresh sangwan
बदल लेती है रहगुजर कोई गिला नहीं करती ठोकरें जहान की खाके [...]

डबडबाई सी आँखों को ख़्वाब क्या दूं

suresh sangwan
डबडबाई सी आँखों को ख़्वाब क्या दूं चेहरा पढ़ने वालों को [...]

प्यास का मतलब ये पानी ही समझते हैं

suresh sangwan
प्यास का मतलब ये पानी ही समझते हैं बात दुनियाँ वाले पुरानी [...]

इक बार नहीं मैने उसे सौ बार कहा

suresh sangwan
इक बार नहीं मैने उसे सौ बार कहा इश्क़ आतिश है उसने आबशार [...]

रुकती साँसों को ठहरने ना दिया अब तक

suresh sangwan
रुकती साँसों को ठहरने ना दिया अब तक क्यूँ मैने खुद को मरने [...]

हंसता है दिल इश्क़ में या रो रहा है

suresh sangwan
हंसता है दिल इश्क़ में या रो रहा है या कोई आँखों को धोखा हो [...]

रंग बहारों के उतर क्यूँ जाते

suresh sangwan
रंग बहारों के उतर क्यूँ जाते ख़ुश्बू के तेरी असर क्यूँ [...]

मेरे ख्वाबों का क़ातिल बता दो

suresh sangwan
मेरे ख्वाबों का क़ातिल बता दो या बीते पल यादों से मिटा [...]

बातों में बनावट सी नज़र आती है

suresh sangwan
बातों में बनावट सी नज़र आती है मतलब की मिलावट सी नज़र आती [...]

ज़बरन ही हामी भराई गई थी

suresh sangwan
ज़बरन ही हामी भराई गई थी शादी के मंडप बिठाई गई थी अजीब [...]

खिजाओं में भी जो फूल खिला देती है

suresh sangwan
खिजाओं में भी जो फूल खिला देती है मायूसियों में उम्मीद [...]

बिके न सच और झूठ की दुकान बहुत हैं

suresh sangwan
बिके न सच और झूठ की दुकान बहुत हैं वो इसलिए की दिल छोटा अरमान [...]

हर गली हर कूचे में बाग़बान मिल जाये

suresh sangwan
हर गली हर कूचे में बाग़बान मिल जाये गर इंसान के भीतर इंसान [...]

उल्फ़त में ग़म के ख़ज़ाने क्या- क्या निकले

suresh sangwan
उल्फ़त में ग़म के ख़ज़ाने क्या- क्या निकले हम अपनी आँखों को [...]