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Sahitya

मुक्तक

MITHILESH RAI
तेरी यादों की जब भी आहट होती है! दिल में जैसे कोई घबराहट होती [...]

अब तुम आती भी हो तो बताती नही

Bhupendra Rawat
अब तुम आती भी हो तो बताती नही एहसास अपने आने का कराती नही हवा [...]

चिंतन की दिशा

Vindhya Prakash Mishra
चिंतन की दिशा । हम सब मानव प्राणी जितने सामाजिक माने जाते [...]

ग़ज़ल

DrRaghunath Mishr
तेरी आँखों की गहराई,मुझे पागल बना देगी. तेरे चेहरे की [...]

अनुप्रास अलंकार

Neelam Sharma
सादर प्रेषित हर पल घटता झीना झरना सम, जीवन जल है। शनै:शनै: [...]

पावस गीत :

DrMishr Sahaj
वाह बदरवा हरसाए हैं 000000000000000000000000 वाह बदरवा हरसाए हैं । खुशियों [...]

बन्द दरवाजों के पीछे

प्रतीक सिंह बापना
मैं दरवाज़े खुल्ले रखता हूँ कि लोग घर में मेरे आ सके हवा को [...]

” क्यों”

aparna thapliyal
आज संभाग में कठपुतली चंद जी का वार्षिक दौरा था,उनके पहुँचने [...]

प्रेम

D.S. JHARIYA
फिर आई रात सुहानी फिर नया गीत गुनगुनायेंगे बिखर गया ज़माने [...]

करुण रस

Neelam Sharma
है बैठी भू,वसुधा,अति सुन्दरी भावुक और [...]

हाइकु

मंजूषा मन
1. भूल जाना तो सरल है बहुत कठिन यादें। 2. छल करना कभी आया ही [...]

” ——————————————- कैसे काटें रतिया ” !!

Bhagwati prasad Vyas
नज़र चुराकर नज़र मिलाते , होते हैं जो छलिया ! खेल खेल में हंसी [...]

गढ़वाली ग़ज़ल

Brijpal Singh
तेरि याद आणिच मिते बार-बार यनि नि सोच्या तुम पहली बार .. हम [...]

इनायत

Neelam Sharma
इनायत,अनुग्रह,सच्ची कृपा, उपकार,दया,मेहरबानी हैं बहुत [...]

प्रेम

arti lohani
प्रेम क्या है? समर्पण मात्र या अर्पण। प्रेम भावों का तीव्र [...]

मुस्कुराती रहो मोनालिसा

राजेश
तेज़ी से बदलती हुई दुनिया में घटनाओं के प्रति हम उदासीन होते [...]

बस्तियाँ

Laxminarayan Gupta
दूर बहुत बस गयी बस्तियाँ, हँसी और मुस्कानों की चौपाटी पर [...]

*हम संसार चाहते हैं वो संसार से पार लगाना*

भूरचन्द जयपाल
कब बिगड़ी है दुनियां उसकी जिसने इंसान से बना के रखी लोग केवल [...]

शर्म आती है

Laxminarayan Gupta
राष्ट्रधर्म को शर्म आती है जब भारत की धरती पर अपने ही [...]

कवि /लेखक /पत्रकार से

रवि रंजन गोस्वामी
कवि/लेखक तुम भावुक हो , संवेदनशील भी हो । किन्तु प्रश्न है । [...]

मजदूरों के बच्चे

Sandeep Kumar Sharma
मजदूरों के बच्चे पूरा दिन गगनचुंबी इमारतों में धमाल करते [...]

कान्हा से श्रीकृष्ण हो जाना

Sandeep Kumar Sharma
कान्हा से भगवान श्रीकृष्ण हो जाना एक यात्रा है, एक पथ है, मौन [...]

…वो बचपन, वो तुम्हारी गुटर-गुटर

Sandeep Kumar Sharma
वो बचपन कैसे भूल सकता हूं और भूल नहीं सकता तुम्हारी [...]

दोहरी जिन्दगी

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 सच-झूठ का मुखौटा पहन खुद से अनजान। दोहरी जिन्दगी जीने [...]

प्रेमपीरा

Rakesh kumar
जब रोम रोम टूट जाये जब ह्रदय मस्तिक्ष की ना सुन पाए जब पीर [...]

खून

डॉ संगीता गांधी
खून -- ------- रफ़ीक़ का दरिंदों जैसा रूप देख मुराद सहम गया । हलक से [...]

ब्रज की रज

guru saxena
सवैया (ब्रज की रज) ब्रज के वन बाग तड़ाग हैं धन्य जहाँ जन्मे [...]

रानी अवंती बाई

guru saxena
रानी अवंतीबाई को श्रद्धांजलि दुर्गा जैसी उतरी रण में रखा [...]

अनुमान प्रमाण

guru saxena
घनाक्षरी छंद अनुमान प्रमाण अलंकार संभव है किसी दिन ऐसी कोई [...]

जिंदगी ने मुझे पाठ पढ़ाया है

Bhupendra Rawat
जिंदगी ने मुझे पाठ पढ़ाया है ठोकरों ने मुझे जीना सीखाया [...]