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Sahitya

रमेशराज के वर्णिक छंद में मुक्तक

कवि रमेशराज
|| मुक्तक ||--1. --------------------------------------- थाने के सिपैयाजी की मूँछ को सलाम [...]

रमेशराज के 8 मुक्तक

कवि रमेशराज
केसरिया बौछार मुबारक होली का त्यौहार मुबारक | जो न लड़ा जनता [...]

रमेशराज का हाइकु-शतक

कवि रमेशराज
-----------------------------------------------------1. नाम लिखा था { 5 वर्ण , 8 मात्राएँ } हमने [...]

रमेशराज के दस हाइकु गीत

कवि रमेशराज
1.कैसे मंजर? -------------------- जुबाँ हमारी तरल नहीं अब कैसे मंजर? [...]

इश्क़ बला क्या है

डी. के. निवातिया
इश्क़ बला क्या है ********************** तुमसे चाहत तो हमे भी बेपनाह [...]

मैं और तू

डी. के. निवातिया
मैं और तू *** शीर्ष लोम से चरण नख तक एक तेरे ही नाम से बंधी हूँ [...]

कतराने लगे है लोग

डी. के. निवातिया
कतराने लगे है लोग अब तो किसी को पानी पिलाने से भी कतराने [...]

मौसम गर्मी का

डी. के. निवातिया
मौसम गर्मी का सूरज ने जब दिखलाई हेकड़ी तरबूज बोला फिर मुँह [...]

व्याकुल इंसान

डी. के. निवातिया
व्याकुल इंसान दरखत झूमे, सरोवर तीर, निर्झर निर्झर बहे [...]

अलबेला हूँ

डी. के. निवातिया
अलबेला हूँ ! भीड़ में खड़ा हूँ, फिर भी अकेला हूँ कदाचित इसीलिए [...]

रांझे की हीर

डी. के. निवातिया
रांझे की हीर कल तक करते देखा था मुहब्बत कि खिलाफत जिनको। आज [...]

इरादे मजबूत रखना

डी. के. निवातिया
इरादे मजबूत रखना *** नफरत करनी है अगर हमसे तो इरादे मजबूत [...]

बड़ा अच्छा लगता है

डी. के. निवातिया
बड़ा अच्छा लगता है उगते सूरज की लालिमा को तकना बैलो के गले [...]

सत्ता कितनी प्यारी

डी. के. निवातिया
सत्ता कितनी प्यारी मेरे देश के हुक्मरानो को सत्ता कितनी [...]

कोई नाराज नहीं चाहिये

डी. के. निवातिया
कोई नाराज नहीं चाहिये कितने अमन पसंद लोग है यहाँ किसी को [...]

चलता रह घिसटता रह….जीवन भर…!

रीतेश माधव
भूल गया मैं अपना पथ और मंजिल भी और ना रही जीवन मे कुछ [...]

चलता रह घिसटता रह…. जीवन भर..!

रीतेश माधव
भूल गया मैं अपना पथ और मंजिल भी और ना रही जीवन मे कुछ [...]

“परिंदे”

Dr.rajni Agrawal
"परिंदे" आँखों में परिंदे पाले थे उम्मीद लगा इंसानों [...]

ग़ज़ल

Suyash Sahu
कोई साज़ है न सुरूर है ये सज़ा किसे मंज़ूर है कुछ पास है कुछ [...]

जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए

Brijesh Nayak
जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए ,जाग्रत हिंदुस्तान चाहिए मानव मन [...]

शून्य पर प्रयास

Pramod Raghuwanshi
🌙शून्य पर मेरा प्रयास------ शुन्य का भी अपना एक अलग स्थान [...]

शहीद की पाती

Anirudh Dubey
मा भारती की पुकार है ये हे वीर सपूतों वार करो।। मातृभूमि की [...]

खुशी

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 खुशी आत्मा की उपज है। सबको मिलती नहीं सहज है। 🌹 कोई [...]

🌞भगवान परशुराम🌞

Tejvir Singh
🌺🌻🌼मनहरण घनाक्षरी🌼🌻🌺 🌹🌼🌻🌹🌼🌻🌹🌼🌻🌹 मिलते हैं *कभी-कभी* [...]

कविताएँ

ashok dard
फैंके हुए सिक्के .... फैंके हुए सिक्के हम उठाते नहीं कभी | अपनी [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
मुझको फिर भूली हुई बात याद आयी है! चाहत की सुलगी हुई रात याद [...]

मित्र की मित्रता..

शालिनी साहू
तुम्हें शब्दों में परिभाषित करना आसान नहीं है मित्र! [...]

यादें~२

कमलेश यादव
आज पूछतीं हुँ सपने से कहाँ थे तुम कहाँ खो गये थे दुनिया की इस [...]

डिअर डेयरी से मेरी बात

pratik jangid
dear diary में तुमको यह बताना चाहता की तुमको मेने बनाया ताकि [...]

परशु-धार-सम ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति

Brijesh Nayak
परशु-धार सम-ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति के शुभ सुंदर मिलन-सम [...]