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रावण

डी. के. निवातिया
रावण हर वर्ष जलाते है हम सैकड़ो रावण के पुतले क्या जाने कब [...]

आओ ऐसे मनाये दिवाली

डी. के. निवातिया
आओ ऐसे मनाये दिवाली आओ सब मिलकर हम ऐसे मनाएंगे अब [...]

मनोविनोद

डी. के. निवातिया
मनोविनोद क्या कहे जमाने के हाल यंहा पर खुदा की खुदाई हमने [...]

दिखावे का दौर

डी. के. निवातिया
दिखावे का दौर दिखावे का दौर प्रदर्शन अभिनय दिखावे का आया [...]

!!!—क्यों छोड़ा था तूने अपना ये गाँव जरा लिखना–!!!

डी. के. निवातिया
!!!—क्यों छोड़ा था तूने अपना ये गाँव जरा लिखना–!!! शहर जाकर ऐ [...]

आनदं की खोज मैं

डी. के. निवातिया
क्यों जूझ रहा इंसान आनदं की खोज मैं, गवाँ बैठा है होश दुनिया [...]

जिन्दगी

Neeraj Purohit
विधा - मनोरम छंद मापनी - 2122 2122 तुकान्त - (1) एली, अते (2) एरा, आगे (3) [...]

यथार्त व्यंग—उल्लू का मन जीत लिया

राजकिशोर मिश्र 'राज' प्रतापगढ़ी
यथार्त व्यंग ========= मात्रभार /१६-१४ देख जमाने की आदत को , राज [...]

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सन्नाटे और चुप्पियों के द्वार पर मेरी छाती की धड़कनें बच बच [...]

शारदे स्तुति में एक कवित्त छंद

कवि शिवम् कुमार 'आजाद'
शारदे स्तुति में एक छंद :::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::::: विनती करूं मैं आज [...]

खौफ ……….

डी. के. निवातिया
खौफ ………. खौफ नही मुझे अपने दुश्मन का, उससे निपटना के गुर हमे [...]

तुम्हारी अहमियत

Amaresh Mishra
मत पूछा करो हमसे. कि तुम मेरे लिए क्या हो..? दिल के लिए धड़कन [...]

व्यथा

Amaresh Mishra
सूखे पत्तोँ की तरह बिखरा हुआ था मैँ, किसी ने समेटा भी तो केवल [...]

झूठ

Amaresh Mishra
न जाने कितनी अनकही बाते कितनी हसरते साथ ले जाएँगे लोग झूठ [...]

सावन

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*कुंडलिनी छंद* सावन आया देखकर, दादुर भरी छलांग। पोखर के तट [...]

“पिता”

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
सदोका रचनायें "पिता" (१) वट का वृक्ष पिता की [...]

पानी की बून्द!

Dinesh Dave
सागर कहलाती हो तुम होकर भी पानी की बून्द मत होना अलग तुम सागर [...]

लग गई किसकी नजर…..

Ankita Kulshreshtha
परत चढ रही है, अवसाद की, प्यार पर, [...]

मुझे इतिहास लिखना है

अभिषेक पाण्डेय
चलते-चलते तेरे और मेरे हुनर में फर्क बहुत है ऐ मेरे [...]

युवती की अभिलाषा

डी. के. निवातिया
अभिलाषा (भाग एक ) अभिलाषा (भाग एक ) @–युवती की अभिलाषा—@ हे [...]

युवक की अभिलाषा

डी. के. निवातिया
अभिलाषा ( भाग दो ) @——युवक की अभिलाषा —-@ पत्नी ऐसी दीजीए, हमको [...]

भक्ति भाव

dr. pratibha prakash
कुछ भी कर सकते हो तुम सर्वश्रेष्ठ सर्व समर्थ हो तुम शब्दों [...]

आभास (वर्ण पिरामिड )

sushil sarna
आभास (वर्ण पिरामिड ) मैं तुम यथार्थ और हम एक विश्वास जीवन [...]

वर्ण पिरामिड….

sushil sarna
वर्ण पिरामिड में प्रथम प्रयास : है धूप ही धूप हर ओर हुआ [...]

स्टेशन मास्टर

dr. pratibha prakash
कल एक संस्मरण पड़ रही थी यही फेसबुक पर जो रेलवे से सम्बंधित [...]

सन्दीप की त्रिवेणियाँ

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
सन्दीप की त्रिवेणियाँ ***************** (१) सबका था अनमोल हुआ करता था [...]

मॉर्निंग वॉक पर कुछ पंक्तियाँ..

Dinesh Dave
सेहत के वास्ते मॉर्निंग वॉक ... कुछ पंक्तियाँ .. 1....कलियाँ फूल [...]

मॉर्निंग वॉक..

Dinesh Dave
1....कलियाँ फूल पत्ते झुकी डालियाँ और बहती शीतल हवायें सुबह [...]

कागा केंद्रित पद

Laxminarayan Gupta
(१) सखी री पहुँन भये पिया कागा जब जब गाये अटरिया, आते तबहि [...]

एक प्रयास…..

Shankki Sharma
मिल जायेगा भगवान इसी धरती पर माँ बाप को भगवान समझ कर तो देखो [...]