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अन्य

जलसा ………..

डी. के. निवातिया
जलसा ……….. जब जब भी जुबाँ पे तेरा नाम आता है सिहर उठता है बदन [...]

कलम घिसाई 2 **वक्त**

मधुसूदन गौतम
वक्त वक्त की बात है आये सबका वक्त। वक्त जिसके साथ नही वो ही [...]

*छंद*

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*छंद* न चीजें स्वदेशी जरा भा रही वेशभूषा स्वदेशी पै' हँसते रहे [...]

मुस्कुरा के जियो

Dr. pragy Goel
डर के नहीं मुस्कुरा के जियो प्यार को दिल में समों के जियो हाथ [...]

धीरज धर मन श्याम मिलेंगे!

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*पद* धीरज धर मन श्याम मिलेंगे। दीनानाथ कृपा निज करके,कबहूँ [...]

मनहरण घनाक्षरी

Sharda Madra
पिचकारी धरी हाथ ग्वाले भी है संग साथ राधा की वो पूछे बात [...]

सवैया किरीट (मुरलीधर)

Sharda Madra
किरीट सवैया चूनर छीन गयो कित मोहन, ढूंढत हूँ तुझको [...]

मनहरण घनाक्षरी / कैसी सरकार है.

Ashok Kumar Raktale
मेरा भी कहा न माने, तेरा भी कहा न माने, किसी का कहा न माने, कैसी [...]

!! हुस्न !!

Anuj Tiwari
!! हुस्न !! नया अल्फाज होता है ! हसीं अन्दाज होता है ! एक नई सुबह [...]

अन्य

Deepshika Sagar
घनाक्षरी -सभी स्नेही मित्रों को सादर नमन- छम छम बरसात, झूमते [...]

वो तेरी एक भूल

Dr. pragy Goel
सुबह उगते हुए सूरज से मैंने पूछा यहां जो उग रहा है तू कहीं तो [...]

सरस्वती वन्दना

Brijraj Kishore
दे मातु शारदे सबको प्रकाश की किरण, दे मातु शारदे। ख़ुशियों [...]

कसम…………

डी. के. निवातिया
तेरे किये वादे के हम कायल हो गये बिना किसी वार के ही घायल हो [...]

यादो का गुलिस्ताँ……….

डी. के. निवातिया
तुम चले तो गये अजनबी बनकर मगर यादो का गुलिस्ताँ अभी मेरे पास [...]

किस्सा फिर वही पुराना………………

डी. के. निवातिया
नया नया था अपना याराना, हुआ बहुत पुराना सा लगता है कल तक [...]

पर्यावरण

Archana Singh
आज विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रस्तुत मुक्तक.... दिन-दिन बढ़ता [...]

मन निर्विकार

Ankita Kulshreshtha
निर्विकार निराकार एक स्वप्न साकार होता हुआ , तोड़ कर [...]

मुक्तक

MUKESH PANDEY
दिल का वो एक कोना, अब तक पडा़ है खाली पत्ते हैं झड़ गए सब, सूनी [...]

हाइकु

Dr Archana Gupta
कुछ हाइकु अपनी प्रीत जैसे हो बारिश में घुला संगीत देके [...]

मुकरी

Ankita Kulshreshtha
सब दिन पीछे पीछे डोले कभि कुछ मांगे कभि कुछ बोले डांटूं तो रो [...]

जी करता है…..

हरीश लोहुमी
फैला कर बाहें, बिखरे हुए जज्बात को समेट लूं, जी करता है, [...]

तोल-मोल

Sharda Madra
तोल-मोल के बोल ये दुनिया गोल-मोल हंसी उड़ाये पल में देगी पोल [...]