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अन्य

तमाशा…..

CM Sharma
तालियों की गड़गड़ाहट हो रही थी… सब खड़े हो के ताली बजा रहे [...]

“`एक सोच ***

अजीत कुमार तलवार
क्यूँ होती हैं आँखें नम क्यूँ बिछड जाते हैं लोग कैसा खेल [...]

वादा आज तुम तोड़ देना

पारसमणि अग्रवाल
वादा आज तुम तोड़ देना। बेवफाओं में नाम जोड़ देना। लिखी थी [...]

चन्दा का धन्धा

Zo Zo Sandeep Yadav
ये चन्दा का धन्धा तू कब तक करेगा, मरे को ही जिन्दा तू कब तक [...]

मेरा साथ निभाना तुम

सौरभ कुमार प्रजापति
💐मैं बसंत हूँ,मेरी बहार बन जाना तुम। मैं सूरज बनूँ [...]

छन्न पकैया ……

CM Sharma
छन्न पकैया छन्न पकैया, बसंत राजा आये... बगिया में फूल खिले हैं, [...]

गधी का दूध

डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
गधों को गदहा कहने पर लोग मुस्करा देते हैं. ऐसे सीधे-साधे [...]

” मैं पुष्प बनना चाहता हूँ “

अमित नैथानी 'मिट्ठू'
मैं पुष्प बनना चाहता हूँ, मैं प्रकृति के रंगों में रंगना [...]

मैं इन्सान हूँ

रागिनी गर्ग
मैं इन्सान हूँ... मुझे आजाद रहने दो.. मुझे न धर्म की बेड़ियों [...]

विजेता

kamlesh goyat
माफी चाहती हूँ। अति व्यस्तता के चलते कई दिनों बाद पोस्ट कर [...]

मैं बाट देखूंगा तेरी (मैं इंतजार करूँगा तेरा)

S Kumar
आज तो तू मज़बूरी का बहाना बना के चाल पड़ी, एक दिन खुद लौट के [...]

माँ

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 हर मोहब्बत आँखों में पानी ला देती है, एक माँ की ममता [...]

ऐ जिन्दगी

लक्ष्मी सिंह
(1)🌹🌹🌹🌹 ऐ जिन्दगी किससे शिकायत करूँ सोना भी छुआ तो कोयला बन [...]

सच्ची दोस्ती

लक्ष्मी सिंह
(1)🌹🌹🌹🌹 सच्ची दोस्ती को वक्त बार-बार परखता है, सच्चा दोस्त [...]

दुर्मिल सवैया :- भाग 6 -चितचोर बड़ा बृजभान सखी ॥

Anuj Tiwari
*दुर्मिल सवैया छंद* :-- भाग -5 चित चोर बड़ा बृजभान सखी ॥ 8 सगण / 4 पद [...]

दुर्मिल सवैया :– भाग –5 चितचोर बड़ा बृजभान सखी ॥

Anuj Tiwari
*दुर्मिल सवैया छंद* :-- भाग -5 चित चोर बड़ा बृजभान सखी ॥ 8 सगण / 4 पद [...]

“आँखें” सायलीछंद

Dr.rajni Agrawal
"आँखें" सायली छंद शिल्प-१, २, ३, २, १ शब्द आँखें हमेशा [...]

प्रकृति

Prashant Sharma
बादलों की गरजती ध्वनि में,बरसा की छमछम सुहानी लगती है [...]

दुर्मिल सवैया :- भाग 5

Anuj Tiwari
*दुर्मिल सवैया छंद* :-- भाग -5 चित चोर बड़ा बृजभान सखी ॥ 8 सगण /4 पद [...]

*** सच तो यही है ***

अजीत कुमार तलवार
लोग क्या कहते हैं इस की फ़िक्र क्यों करून वो तो तब भी कहेंगे [...]

!!! जन कल्याण की बात करो !!

अजीत कुमार तलवार
जन कल्याण की बात करो खुद की तो बात करते हो रोज मानव हो मानव [...]

दुर्मिल सवैया :– चितचोर बड़ा बृजभान सखी- भाग 4

Anuj Tiwari
*दुर्मिल सवैया छंद* :-- भाग -4 चित चोर बड़ा बृजभान सखी [...]

स्तुति * शिव शंभो शिव शंभो *

भूरचन्द जयपाल
शंभो शिव शंभो प्रभो शूलपाणे प्रभो शंभो शिव शंभो प्रभो [...]

महादेव

डी. के. निवातिया
पाप पुण्य के युद्ध में जो खुद को मिटाता है। त्याग कर अमृत [...]

बेटियाँ

Vivek Tiwari
बेटी तो बेटी होती है वो जग से प्यारी होती है फिर कष्ट उसे [...]

~~मैखाने का साथ ~~

अजीत कुमार तलवार
रोजाना बैठता था मेरे साथ साथ गुजर जाता था समा, बस मिलकर [...]

~~~जब केजरीवाल उभर रहे थे ~~~

अजीत कुमार तलवार
प्रिय मित्रो, यह कविता इन दो महान विभुतिओं के नाम जिन्होंने [...]

प्रमुख तेवरीकार रमेशराज से प्रसिद्ध ग़ज़लकार मधुर नज़्मी की अनौपचारिक बातचीत

कवि रमेशराज
तेवरी जन-जन की उस भाषा की अभिव्यक्ति है, जो सारे भारतीयों की [...]

ऐसे मात-पिता पाए (ताटक छंद)

लक्ष्मण रामानुज लड़ीवाला
सुंदर घर ये देखो अपना, माँ बापू की यादे है वही बसाता घरको [...]

%% ख्यालात %%

अजीत कुमार तलवार
मैने पूछ ही लिया , ख्यालात से तेरा भी जवाब नहीं न जाने कौन सी [...]