साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

अन्य

मशहूर

Manchan Kumari मंचन कुमारी
1)हम तो अब कश्मीर हो गए, बड़े ही हम मशहूर हो गए, भारत पाकिस्तान [...]

!! दुखद हो रहा है सब कुछ !!

अजीत कुमार तलवार
लानत है ऐसे लोगो पर, जिनको आज भी राष्ट्रगान गाना नहीं आता और [...]

“पुस्तक”

Dr.rajni Agrawal
पुस्तक सच्चा मित्र अमिट ज्ञान भंडार विशाल [...]

शांति की ओर……

दिनेश एल०
यादों के झरोखे से ------- शांति की ओर मैं कभी मग़रूरी नहीं हुआ, [...]

समसामयिक

अमरेश गौतम
छोड़ दो कोशिशें किसी को जगाने की, अब कहां फिक्र है किसी को [...]

** एकबार वफ़ा से अपनाकर तो देख लो **

भूरचन्द जयपाल
जिंदगीभर हमसे जो खफ़ा खफ़ा रहा एकबार वफ़ा से अपनाकर तो देख लो [...]

** खाक मालूम होगा **

भूरचन्द जयपाल
गुजरती है जिसपे उसे मालूम होता है जो गुजरा ना हो प्यार के [...]

सिर्फ तेरी चाहत है

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹😊 सिर्फ़ तेरी चाहत है, मेरी दिल की गहराई में.. [...]

चार चोका

प्रदीप कुमार दाश
प्रदीप कुमार दाश "दीपक" --------------------- चार चोका ¤¤¤¤¤¤¤ 01. पूर्वा की [...]

भगवन नाम

लक्ष्मी सिंह
(1)🌹🌹🌹🌹 भगवन नाम सचमुच एक रत्न है। इससे ही शांति और आनंद है। [...]

कुछ तो है

राहत वसीम
ये कैसा रिश्ता है तेरा मेरा तेरे ख्यालो में गुजरती है [...]

* क्या हम शरीफ इतने कमजोर होते हैं *

भूरचन्द जयपाल
कितनी अजीब बात है दोस्तों शरीफ कभी एक नही होते हैं बदमाश एक [...]

मेरा एक दोस्त खो गया है (नज़म )

Hardeep Bhardwaj
पता नहीं कहाँ गुम है वक़्त की गलियों मे वो ही गलियां जिनका शोर [...]

संस्मरण-आरक्षण एक कोढ

Sandhya Chaturvedi
संस्मरण-आरक्षण एक कोढ बात मई 2008 की है,हम मुम्बई रहते थे और [...]

*** संस्मरण ***

दिनेश एल०
संस्मरण / दिनेश एल० "जैहिंद" हम दो भाई हैं, मैं ज्येष्ठ हूँ । [...]

पुस्तक समीक्षा

डॉ०प्रदीप कुमार
   " पुस्तक समीक्षा "           ----------------------------- पुस्तक : बचपन पुकारे ! [...]

भगवान

सुनील पुष्करणा
"भगवान" भूमि गगन वायु अग्नि नीर इन पांच तत्तवों से मिलकर [...]

ईश्वर

सुनील पुष्करणा
भूमि, अग्नि, वायु, गगन, नीर के सम्मिश्रण के साथ ईश्वर [...]

सच्ची बात

Veerendra Krishna
बुद्ध से बुद्धि मिली चन्द्रगुप्त से पहचान। अशोक से गरिमा [...]

** दिल बाग़-बाग होता है **

भूरचन्द जयपाल
दिल बाग-बाग होता है जब हाथ कलम पर चलता है अफ़सोस गुस्ताख़ [...]

लंबे चौड़े दिखें, किंतु है खाली बक्सा

Brijesh Nayak
(मुक्त छंद) "नायक" आधी मुड़ाकर, मार रहे हैं धाँक| ना सज्जन से [...]

मेरी रूह

लक्ष्मी सिंह
(1)🌹🌹🌹🌹 मेरी रूह मुझे छोड़ गई.... मेरे हाथों से निकलकर तेरी [...]

कभी कभी शाम कुछ ….

ANURAG Singh Nagpure
कभी कभी शाम कुछ ऐसे कहीं होती है, जैसे तुम्हारी याद आसमां [...]

शाम..।

ANURAG Singh Nagpure
कभी कभी शाम कुछ ऐसे कहीं होती है, जैसे तुम्हारी याद आसमां [...]

ऐश्वर्या राय का कमरा…!

बृजमोहन स्वामी 'बैरागी'
चला जाता हूँ/ उस सड़क पर जहां लिखा होता है- "आगे जाना मना [...]

नज़्म..

ANURAG Singh Nagpure
सोचता हूँ... दोनो आस्तीनों के सहारे लटके, मज़बूरियों का बैग [...]

यह भी सच है

Manoj Tiwari
यकीनन् गर हम अपनी वर्तमान परिस्थिति में जीना मतलब लुफ्त [...]

ग़ज़ल

Tejvir Singh
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 दुश्मनी भी न हम से निभाई गई। ये नज़र जब नज़र से [...]

मोरे घनश्याम

दिनेश एल०
मोरे घनश्याम दरश दिखा के प्यास जगा के कुछ क्षण मोरे संग [...]