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मुक्तक

यूं ही

Kapil Kumar
एक नजर......आज यूँ ही पर.................आपकी नजर न दे तू इल्जाम हवाओं को [...]

साथ अगर ….

anand murthy
साथ अगर जो तुम भी होते होता मजा बरसात में शोख़ नज़र की हाला [...]

तुमसे मिलु मैं कुछ इस तरह…

Neeraj Chauhan
तुमसे मिलु मैं कुछ इस तरह, की कोई मुझे आवाज़ ना दे, घुल जाउ [...]

ये जीवन भी क्या हैं?

Neeraj Chauhan
ये जीवन भी क्या हैं, कभी उत्थान तो कभी पतन, कभी गूँज भरी [...]

कवि अंगारे लिख डालो।

pradeep kumar
सरहद पर जो खडे़ हुये हैं शेर हमारे लिख डालो। उठो सपूतों भारत [...]

झूला

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*मुक्तक* झूलती सखियाँ सयानी, गा रहीं मल्हार। प्रेम के इस [...]

वेदना(शहीद की पत्नी)

Ankita Kulshreshtha
1) चूड़ियां रोईं लगा गज़रा सिसकने टूटकर प्रीति की माला भी' [...]

सैनिक शौर्य

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*दो मुक्तक* आतंकी की मौत पर, जिसको लगती चोट। आज उजागर हो गया, [...]

मुक्तक

Anil Uphar
आज गुरु पूर्णिमा है दुर्दिनों के दौर में कमाल होगया । रज [...]

हम सबयकायर कहलायेंगे।

pradeep kumar
*********************************** घर में घुस आये अरि को यदि सबक नहीं [...]

मुक्तक (जान)

मदन मोहन सक्सेना
मुक्तक (जान) ये जान जान कर जान गया ,ये जान तो मेरी जान नहीं जिस [...]

मेरी नजर (मुक्तक)

मदन मोहन सक्सेना
मेरी नजर भटक रही थी मेरी नजर जिस हमसफ़र की तलाश में मैं जी रहा [...]

क़िता

jameel saqlaini
क़िता •••••••••••••••••••••••••••••• मुझपे इतना [...]

मन उजला सा दर्पण हो।

pradeep kumar
काम क्रोध का ढेर नहीं हो मन उजला सा दर्पण हो। उर में सत्य [...]

मोहब्बत के सफर…

पुष्पराज यादव
मोहब्बत के सफर में हमसफर , यूं छूट जाते है | हमारे साथ जो रहते [...]

झनन-झनन वारिस बन

डॉ मधु त्रिवेदी
झनन झनन बारिश की बूँद सी , मैं बरस बरसत जाऊँ । पैर में बाँध के [...]

गगन पार

डॉ मधु त्रिवेदी
गगन के पार है जिनका ठिकाना अछूती यह धरा दिल शामियाना इस लोक [...]

खिला कण कण

Sharda Madra
खिला कण कण,पुष्प महके, भ्रमर बहके, आम्र बौर आये कोयल कूके,पलाश [...]

तन मन धन अर्पण करूं

Sharda Madra
तन मन धन अर्पण करूं, ध्याऊँ तुझे नित श्याम चरणों की चेरी [...]

बो रहा कोई विष बीज

Sharda Madra
^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^^ बो रहा कोई विद्रोही विष बीज, पनपने मत [...]

प्रेम खुमारी

Sharda Madra
पावन सदा पुनीत मृदुल सा जहान हो सुरभित पवन,रंगीन प्रकृति [...]

मन चंचल

Sharda Madra
मन चंचल, अधीन हम,पल-पल में भटकाये कभी चढ़ाये पर्वत , कभी धरा [...]

रहे हम बन्द तालों में,चले गम फिर भी आते हैं

Dr Archana Gupta
रहे हम बन्द तालों में,चले गम फिर भी आते हैं किरण उम्मीद की [...]

रेखाओं के खेल

Sharda Madra
लक्ष्मण रेखा तोड़कर सिया के उर थी पीर रेखाओं के खेल ये कौन [...]

दाना पानी के सिलसिले

Sharda Madra
दाना-पानी के सिलसिले परदेश में ले जाते बच्चे माँ-बाप से बिछड़, [...]

भोला भाला रूप

Sharda Madra
भोला-भाला रूप बना कुछ साधू फैंके जाल कथा-कहानी सुनके जनता [...]

लूट

pradeep kumar
मुक्तक। राष्ट्रवाद का झंडा कुचला, नेताओं ने लातों में। [...]

नयनों की चोट

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*मुक्तक* वो लगाकर घात बैठे आज करने नैन चोट। तृप्ति के आधार [...]

*लूट*

Dharmender Arora Musafir
इंसा इंसा को लूट रहा नश्वर माया ये कूट रहा बेमानी हुए [...]

संविधान पर थूका है।

pradeep kumar
भारत माँ की आन बान औ स्वाभिमान पर थूका है। अलगावी नेताओं ने [...]