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मुक्तक

मुक्तक

Rashmi Shrivastav
बने बैठे थे पत्थर से , कभी जो खार मंज़र से , दिवाने बन के निकले [...]

जोड़ना

Alok Mittal
जोड़ना ही जोड़ना हमको घटाना ही नहीं। दुश्मन अपने तो कभी कही [...]

छल फरेब

Alok Mittal
टूटता साथ अब बनाना है ! दूरियाँ आज सब मिटाना है ! हो न अब छल [...]

जुगनुओं के खेत में

हरीश लोहुमी
जुगनुओं के खेत में (मुक्तक) **************************************** साँझ होते देख [...]

*कलम से सिर कलम कर दो*

Dharmender Arora Musafir
जुबां से तुम वफा कर लो सुनो दिल के तरानों को भुला कर वैर तुम [...]

*विश्वास*

Dharmender Arora Musafir
जब विश्वास अटल होता उजला हर इक पल होता हर मुश्किल बनती [...]

*रहमत*

Dharmender Arora Musafir
सहरा भी गुलज़ार हैं होते दरिया ग़म के पार हैं होते खुदा की [...]

*प्रेरक*

Dharmender Arora Musafir
हर ग़म में जो मुस्काते हैं खुशियों के नगमे गाते हैं तोड़े मन [...]

माँ तुम ही हो

Dr Archana Gupta
खड़ा हूँ मैं बुलंदी पर, मगर आधार तुम ही हो सुनो माँ मेरे जीवन [...]

जलाता सूर्य है हमको

Dr Archana Gupta
जलाता सूर्य है हमको जरा घिर मेघ आओ तुम बहुत प्यासी धरा अपनी , [...]

*मन मयूर*

Dharmender Arora Musafir
खुशियों का मौसम आया है सुखों का आलम छाया है मन मयूर ने चहक [...]

*विरह वेदना*

Dharmender Arora Musafir
नयन मेरे निहारें पथ सुहाने गीत गाओ तुम खिलें फिर फूल गुलशन [...]

*दोस्ती*

Dharmender Arora Musafir
दोस्ती का रिश्ता कभी पुराना नहीँ होता ख़त्म कभी भी ये [...]

*प्रेरक*

Dharmender Arora Musafir
मायूस होके न यूँ साँझ की तरह ढलते रहिये भोर है ज़िंदगी सूरज की [...]

अनगिनत चाहत

Dr Archana Gupta
हमारे दिल में रहती हैं , हमेशा अनगिनत चाहत न लेने चैन देती ये [...]

मुक्तक

Dharmender Arora Musafir
अम्बर को चूमे है बेटी ग़म में भी झूमे है बेटी घर के सूने से [...]

*नारी का सम्मान*

Dharmender Arora Musafir
नारी का सम्मान करो भूल से न अपमान करो मन से समझो तुम इसको [...]

लिपियाँ सूखे की

Sharda Madra
ये जल विहीन धरा की लिपियाँ सूखे की निशानी कुंभ सिर, हाथ धर चली [...]

कर्म फल

Sharda Madra
सपने ने मुझसे कहा पाने की सदा तमन्ना रख परिश्रम हर्ष से बोला, [...]

अमलतास

Sharda Madra
हल्दी चढ़ी दुल्हन सरीखी सुशोभित डाल है चंदन सी सुनहरी [...]

बचपन

Alok Mittal
खेल में आज भी लगा है मन ! है अभी भी यही कही बचपन ! भूलते ही नहीं [...]

दो मुक्तक –आँख से बहते समन्दर …

Dr Archana Gupta
आँख से बहते समंदर की रवानी है बहुत प्यास फिर भी बुझ न पायी [...]

जीवन लीला

Ankita Kulshreshtha
जीवन - लीला रहे अधूरी सुख - दुख के संयोग बिना .. प्रीति कहाँ हो [...]

मुक्तक

Kokila Agarwal
गांठ दिल की तुम कहो तो खोल दूं देख ली दुनिया बहुत क्या मोल [...]

मैं नीर भरी दुख की बदली महादेवी की पीड़ा लिख दूँ

Kavi DrPatel
🌹 प्रिय मित्रों 🌹 मैं अपने काव्य लेखन के माध्यम से सदैव यही [...]

मुक्तक

Deepshika Sagar
उडी है नींद आँखों से, हुआ अब चैन भी है गुम, चमन में आज दिल के, [...]

मुक्तक

Deepshika Sagar
मान सम्मान से नही डरता, खतरा ए जान से नही डरता। तैर के दरिया [...]

मुक्तक

Deepshika Sagar
हर कली सहमी हुई, गायब हुई हैं शोखियाँ, चल पड़ी हैं आग लेकर, जाने [...]

जान बेजान थी मुस्कुराने लगी ।

Kavi DrPatel
🐚 सुप्रभात मित्रों 🐚 एक मुक्तक में प्रकृति चित्रण [...]

प्रथम कविता प्रणय की जब किसी कवि ने कही होगी ।

Kavi DrPatel
🌻 शुभ प्रभात मित्रों 🌻 मित्रों कवि हृदय ने जब प्रेम की प्रथम [...]