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मुक्तक

***** एक मुक्तक : श्रृंगारिक दर्शन *****

Sureshpal Jasala
***** एक मुक्तक : श्रृंगारिक दर्शन ***** एक तरफ तो अर्द्ध नग्नता थी, [...]

**** नमन करगिल के वीरों को *****

Sureshpal Jasala
**** नमन करगिल के वीरों को ***** करगिल के वीर जवानें का , दिल से [...]

***** मुक्तक : फाँसी दो *****

Sureshpal Jasala
***** मुक्तक : फाँसी दो ***** जो पाकिस्तान से हमदर्दी रखते ,,,,,उनको तो [...]

खिलखिलाने पे न जा

Kapil Kumar
अश्क़ करें बेशक चश्म नम नहीं भिगोते रूह को मेरी वो कम [...]

श्रम की सार्थकता

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*कुंडलिनी* कण कण मधु संचित किया, लेकर सतत पराग। मधुमक्खी का [...]

प्रेम

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*मुक्तक* भेद नहीं कुछ प्रेम में, है तो बस अनुराग। मूर्ति [...]

बेटियां…….

Ramesh chandra Sharma
उदासी छाई हो तो खुशनुमा मंजर बनातीं हैं, हमारी ज़िंदगी को और [...]

चन्द अल्फाज

Kapil Kumar
चन्द अल्फाजो को संवार लेता हूँ याद तेरी यूं दिल में उतार [...]

माँ,,,,,,,

Ramesh chandra Sharma
मुक्तक (1) मोहब्बत से भरा एक पल भी वो खोने नहीं देती, मेरे ग़म [...]

सावन

डॉ. अनिता जैन
मुक्तक ◆◆◆◆◆◆ झूले पड़े मन के बागों में सुर बरसे सुरीली [...]

मुक्तक :– आज मेरे ख़त का जवाब आया है !!

Anuj Tiwari
मुक्तक :-- आज मेरे ख़त का जवाब आया है ! मात्रा भार -- 2122 2122 2122 आज [...]

अश्रु-नाद

Dr. umesh chandra srivastava
खो गयी प्रेम की नगरी झंझा-झंकोर घन घेरे । हो हाहाकार [...]

*लम्हों*

Dharmender Arora Musafir
गुजरे लम्हों को जाने दो इक नयी सुबह को आने दो दिल से अब सारे [...]

*सावन*

Dharmender Arora Musafir
सावन की है छटा निराली छाये सभी और हरियाली बागों में अब झूला [...]

वतन की खातिर

Kapil Kumar
कारगिल विजय दिवस पर......आपकी नज़र. शहीदों की अनमोल धरोहर [...]

राधा श्याम

Manas mishra
हमारे साथ में अब तुम गगन के पार आ जाओ तुम्हारे द्वार हम आयें [...]

ज़िन्दगी

kamni Gupta
है खूबसूरत ज़िन्दगी, सब जानते यह बात फिर क्यों गँवाते हैं [...]

मुक्तक

kamni Gupta
मन में छुपे हुए कुछ राज़ अभी गहरे हैं पँख पसारते परिंदों की [...]

अंदाजे इश्क़

Kapil Kumar
बेफ़वाई की भी न थी वो शर्म सारी छोड़ बैठे कस्मे तोड़ी भी न थी ,वो [...]

सियासी दांव पेंच

Kapil Kumar
फैला के नफ़रतें प्यार के पैगाम न आएंगे लगा के आग दिलों मे भी [...]

मुक्तक

Manas mishra
हमारी प्यास का ये अब खुला समर्पण है हमारे पास था जो सब [...]

मुक्तक

Manas mishra
सुखन के नाम से ही बज़्म की रवानी है सुखन के नाम से ही आशिकों [...]

पत्थर हूँ नींव का ..नींव में ही रहूँगा

Dinesh Dave
दो मुक्तक .... 1.. पत्थर हूँ नींव का ,नींव में ही रहूँगा मेरी गौरव [...]

मुक्तक

Manas mishra
गमों की आँच में हम गीत लिख नहीं पाए मिले जो आपसे वो प्रीत लिख [...]

मुक्तक

Manas mishra
गमों के खेत में जो हौंसलों कि डाली है इसी ने उस खुदा की बन्दगी [...]

मुक्तक

Manas mishra
जो चरागों से रौशन दुआरे रहे वो हमारे नहीं वो तुम्हारे [...]

मुक्तक

Manas mishra
चिराग जल रहें हैं रोशनी की ख्वाहिश में किसी को क्या पता है [...]

एक दोस्त पुराना

Kapil Kumar
वो जो एक दोस्त पुराना आ गया याद फिर गुजरा जमाना आ [...]

यूं ही

Kapil Kumar
एक नजर......आज यूँ ही पर.................आपकी नजर न दे तू इल्जाम हवाओं को [...]

साथ अगर ….

anand murthy
साथ अगर जो तुम भी होते होता मजा बरसात में शोख़ नज़र की हाला [...]