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मुक्तक

फूल प्रेम के अगर यहाँ तो बैर भाव के काँटे भी हैं

Dr Archana Gupta
फूल प्रेम के अगर यहाँ तो बैर भाव के काँटे भी हैं कहीं चुभे न [...]

शर्त है

Kapil Kumar
इश्क हो ऐसा की कुछ खास होना चाहिये शर्त है दिल से कुछ एहसास [...]

निरर्थक

डी. के. निवातिया
हूँ अपनों का चहेता मै निरर्थक सामान की तरह फिर भी आ जाता हु [...]

नहीं मिला इंसान यहां।

pradeep kumar
बेहद दुखी मन से एक मुक्तक। खुद को खुदा समझता कोई, और कोई [...]

🌸🌸मुक्तक🌸🌸 माँ का प्यार ही

दुष्यंत कुमार पटेल
🌸🌸मुक्तक🌸🌸 माँ का प्यार ही इस संसार का पहला प्यार है माँ [...]

मुक्तक :– माँ सपनों में आ जाती है !!

Anuj Tiwari
मुक्तक :-- माँ सपनों में आ जाती है !! व्याकुलता तेरे चिंतन की जब [...]

अगले जन्म की जमानत

Kapil Kumar
रखे तू यादों में जिंदा ये इबादत है मेरी यही यादें तेरे पास इक [...]

इज्जत की गऱ हो आरजू

Kapil Kumar
बुलन्दी की गऱ हो आरजू तो मेहनत करना सीखिये बन्दगी की ग़र हो [...]

गजल है

डॉ मधु त्रिवेदी
निछावर जान यारी पर करना गजल है गमें दिल को लफ्जों में [...]

बेटियाँ

रजनी मलिक
"बेटियां" "बेटा हो या बेटी है दोनों खुशियों की पेटी, "वारिस के [...]

राह मुश्किल भरी ,जानती बेटियाँ

Dr Archana Gupta
राह मुश्किल भरी ,जानती बेटियाँ पर न डर कर सुनो हारती बेटियाँ [...]

हम जैसों की नींद उडा दी जाती है

Nasir Rao
पहले दिल से नक़्श मिटाए जाते हैं मेज़ से फिर तस्वीर हटा दी [...]

बेहोश सा जीता हूँ,,,

Lakshya thakur
ये बेचैनी का सबब है क्या मन में उठा बवंडर है क्या कुछ छूटता [...]

जो अहले खिरद न कर् पाये

Kapil Kumar
आने वाली मेरी पुस्तक....इश्क़ मुकम्मल से.....आपकी नजर अहले- खिरद [...]

राखी परदेश में

Kapil Kumar
मन ये मेरा रिश्ते निभाने को करता है दिल अब घर लौट आने को करता [...]

बेवजह ही हम उन्हें मनाने जा रहे थे ।

Priyanshu Kushwaha
न जाने क्यों बेवजह ही उन्हें मनाने जा रहे थे । वो तो किसी और [...]

“श्रीपति दास”

avadhoot rathore
पति जैसे जीव का भैया, इस जग में कोई दूसरा सानी नहीं [...]

दोहा छंदाधारित मुक्तक

Pravin Tripathi
*70वें स्वाधीनता दिवस पर दोहा मुक्तक शैली में देश को समर्पित [...]

बिटिया चल,,,,

Lakshya thakur
बिटिया मेरा बचपन है मेरा अधूरा ख्वाब है आँखे तेरी ख़्वाब [...]

मै रहूँ न रहूँ,,,

Lakshya thakur
मै रहूँ न रहूँ तुम मुस्कराते रहना मै निहारूँगा तारा [...]

तुम्हें कोई जीता है

Lakshya thakur
लिखो एक नज़्म तुम्हें कोई जीता है एहसासों के ढेर से निकालो [...]

आज़ादी

डॉ. अनिता जैन
सभी दोस्तों को स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं [...]

तौहफा समझ के ………..

Ramesh chandra Sharma
तौहफा समझ के झोली में डाली नहीं गयी, आज़ादी इक दुआ थी जो खाली [...]

वतन से इश्क करो …….

Ramesh chandra Sharma
राष्ट्रहित मै ये जीवन हवन तो करो जीत जाओगे दिल से जतन तो करो [...]

जय हिन्द

Dr Archana Gupta
14-08-2016 ये'तन मन वतन पे लुटाते रहेंगे सदा दुश्मनों से बचाते [...]

तुलसी

Dr Archana Gupta
भीनी सी महका करती है तुलसी घर के आँगन की शुभ कर सुख ही सुख [...]

कुछ तो करो इशारा

Kapil Kumar
करो इजहार वरना हम हो दर ब दर जाऐगें नजरों से ही कहो वरना पल ये [...]

मेरे गीत और ग़ज़ले उनके ही नजराने हैं

Kapil Kumar
मेरी आने वाली पुस्तक,इश्क मुकम्मल,से आपकी नजर मेरे गीत और [...]

विडंबना

Deepesh Dwivedi
क्यों कविता पर पहरे लगते?क्यों गीत को कारावास मिले? क्यों [...]

माँ से ये कहकर निकले है

दुष्यंत कुमार पटेल
हम कफन ओढ घर से निकले हैं जान हथेली में रखकर निकले [...]