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मुक्तक

नशा……………२

डी. के. निवातिया
नशा……………२ नशा शराब का हो तो दिमाग के पट खोलता है दिल मे दबे [...]

नशा……………३

डी. के. निवातिया
नशा……………३ नशा इश्क का हो तो मुहबब्त से दामन जोडता है, जुबान [...]

नशा……………..४

डी. के. निवातिया
नशा……………..४ नशा जवानी का अक्सर होश खो देता है अच्छे – बुरे मे [...]

नशा……………(5)

डी. के. निवातिया
नशा…………… नशा करना है तो ईश भक्ति का करो मादकता मे क्या रखा [...]

जहाँ वजूद नही तेरा

Kapil Kumar
खुशबु तेरी के लिये ही तो तरसता हूँ मै जहाँ वजूद नही तेरा कहाँ [...]

शिव वंदन

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*मुक्तक* भोले तो निश्छल भावों के प्यासे हैं। सुमिरन से पावन [...]

मैं खुश थी

डॉ सुलक्षणा अहलावत
मिट्टी का कच्चा घर बनाकर ही खुश थी, कागज की कश्ती चलाकर ही खुश [...]

हर दफा वो ऊँगली हम पर ही उठाता कियुं है

Kapil Kumar
बिठा के पलकों पर नजरों से गिराता क्यूं है दाव ये सारे वो हम पर [...]

हुंकार

dr. pratibha prakash
कई छिपे गद्दार कन्हैया से घर में कई ज़ाकिर कई मीर है कहीँ [...]

जिस रोज बनी दुर्गा मेरे मुल्क की माँ बहने

Kapil Kumar
जिस रोज मेरे मुल्क का बाशिंदा जाग जायेगा उस रोज मेरे मुल्क [...]

न पाल जमाने के गम

Kapil Kumar
न पाल जमाने के गम उससे कया होगा आज नहीं कल तू खुद से ही खफा [...]

*रहमत*

Dharmender Arora Musafir
छाया है इक समां सुहाना  आया लब पर एक तराना  हँसवाहिनी की रहमत [...]

कहाँ अब वो मौसम पुराना रहा है

Kapil Kumar
कहाँ अब वो मौसम पुराना रहा है नही तेरा मेरा अब जमाना रहा [...]

गर दे एक ही वजह तू मुस्कराने की

Kapil Kumar
गर दे इक ही वजह तू मुस्कराने की वार दूँ मै तुझपे हर ख़ुशी जमाने [...]

स्वागत है,,,

shuchi bhavi
01.08.16 नसीब में मिली सिर्फ़ तन्हाई,स्वागत है, बुराई गर है ईनामे [...]

आसरा

Deepesh Dwivedi
जिंदगी के हर ज़हर को मय समझकर पी गया, दर्द जब हद से बढ़ा तो होंठ [...]

सृजन

Deepesh Dwivedi
जब सतरंगी सपना कोई,अक्सर मन को छल जाता है; जब शहनाई के मधुर [...]

सबक

dr. pratibha prakash
सबक रोज ज़िन्दगी देती है हमें मिलती नहीं दोस्ती कहती है [...]

*बचपन*

Dharmender Arora Musafir
खुशियों का खजाना बचपन हर ग़म से अंजाना बचपन कोशिश कोई लाख [...]

सावन-भादो

Dr Archana Gupta
सावन भादो तुम जरा ,बरसो दिल के गाँव तपन जरा इसकी हरो , बादल की [...]

इश्क

अभिषेक पाण्डेय
किसी दिल से नहीं करना कभी औकात की बातें, जब रिश्ते टूट जाते [...]

फूलों से जरा बचकर रहना

Kapil Kumar
मिल जाते हैं रहम परायों के, अपनों से जरा बचकर रहना भर जाते [...]

देश के वीरों को सलाम

kamni Gupta
है सलाम देश के वीरो तुम्हें शत शत नमन तुम्हीं से कायम आन खिला [...]

धरा

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*मुक्तक* धधकती धरा धैर्य खोने लगी है। हृदय से कटुक आज [...]

हमें

dr. pratibha prakash
सबक रोज ज़िन्दगी देती है हमें मिलती नहीं दोस्ती कहती है [...]

सावन भादों जितना बरसे

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*मुक्तक* व्याकुल प्रिय से मिलने को मन, करता है प्रभु से [...]

रिश्ते भी हर किसी को ………

Ramesh chandra Sharma
आंसू भी गम की आग बुझाने नहीं आते , दुःख दर्द में भी दोस्त [...]

हया में लिपटा ….

sushil sarna
हया में लिपटा .... तन्हाई में तूने जब खुद को संवारा होगा [...]

मौत का नाम तो मुफ़्त ही बदनाम है

Kapil Kumar
इस गमें जिंदगी मे और भी तो काम है जिंदगी के साथ -2 मौत भी बेलगाम [...]

तुम

dr. pratibha prakash
तुम प्रेम के मीठे अहसास में भक्ति के तुम दुरूह मार्ग [...]