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मुक्तक

मुक्तक

प्रमिला तिवारी
संकट मे कोई साथ दे , ऐसा होता कहाँ मदद पर कोई आ जाए , ऐसा होता [...]

*गुलाब *…….सुर्ख लाल कली मैं गुलाब की।

पूनम झा
**गुलाब** --------- सुर्ख लाल कली मैं गुलाब की। खिली बाग में,नहीं [...]

बिना मेरे अधूरी तुम..

Neeraj Chauhan
मेरा हर सुर अधूरा हैं, अधूरी गीत की हर धुन, स्वप्न वो तुम नहीं [...]

वो ही देश पे शहीद हुआ

Kapil Kumar
नमन शहीदों और उनके परिवारों को ... कोई नोटों पे शहीद हुआ कोई [...]

“अपने” कितने अपने :- ———————– कई अपनों को पराये होते देखा है हमने।

पूनम झा
"अपने" कितने अपने :- ----------------------- कई अपनों को पराये होते देखा है [...]

मुक्तक

Bhaurao Mahant
वक्त हँसाता है वक्त रुलाता है। जो वक्त गँवा दे वो पछताता [...]

मुक्तक

Bhaurao Mahant
आज कैसा सवाल आया है उन अमीरों पे काल आया है। नोट जिनके करीब [...]

मुक्तक

Bhaurao Mahant
विलोम शब्द आस्था:- 2122 1212 22 आस्था पे सवाल आया है जाने' कैसा [...]

मुक्तक

Bhaurao Mahant
2212 2212 2212 2212 ये भूल मानव की कहूँ ,या काल की मैं [...]

मुक्तक

Bhaurao Mahant
समंदर के किनारों पर निशां गर हम बनायेंगे मगर उसकी लहर को हम [...]

मुक्तक

Bhaurao Mahant
122 122 122 122 मेरे साथ में एक हलचल हुआ है बताऊँ मैं कैसे बड़ा छल [...]

मुक्तक

Bhaurao Mahant
कोई बादशाह यहाँ, कोई बना गुलाम करे गुलामी रात दिन,करते रहे [...]

मुक्तक

हेमा तिवारी भट्ट
"आखिर कोई कितना रोए अश्रु से दुख क्यों भिगोए भारी होते भीग [...]

■ तुम जिंदगी हो मेरी ■

Nitin Sharma
■ मुक्तक ■ तुम जिंदगी। हो' मेरी तुम ही मे'रे खुदा हो [...]

◆◆ हमेशा प्यार करेंगे ◆◆

Nitin Sharma
■ मुक्तक ■ है प्यार मेरे यार ना इनकार करेंगे करते हैं [...]

कुछ मुक्तक -आधार छंद (दोधक)

Dr Archana Gupta
बाबुल के मन की बिटिया हूँ आँचल में लिपटी गुड़िया हूँ है बदली [...]

मुक्तक – रोला छन्द में

Chhaya Shukla
***** तुमसे मिलकर बात , समझ मेरे ये आई | जीवन है सुर ताल , नहीं [...]

रुकी रुकी हैं हसरते

Kapil Kumar
रुकी रुकी हैं हसरते सरहदों पे ही कहीं दिल ही बता तू अब तेरी [...]

[[ मुहब्बत के फ़क़त हमने , कई महताब देखे है ]]

Komal Gupta
⚛👉 मुहब्बत के फ़क़त हमने , कई महताब देखे है कहे कुछ अनकहे [...]

मुहब्बत की निशानी

Sukant Tiwari
वो पतझड़ में भी अक्सर ऋतु सुहानी भेज देते हैं .......कभी फिर याद [...]

मुक्तक

Ravi Sharma
मुक्तक - कौन यह कहता है कि ख्वाब तो झूठे होते हैं । इनसे ही [...]

सुर्ख जोडे में वो इक बोसा दे गया

Kapil Kumar
देखा मायूस तो इक भरोसा दे गया पतझड़ मे बहार का झोंका दे [...]

न सोच की मकान ये अभी कच्चे हैं

Kapil Kumar
न सोच कि मकान ये अभी कच्चे हैं न दिल में गिला कोई सभी अच्छे [...]

बस्ती दूर कहाँ थी मेरी नजर उठा के देखा तो होता

Kapil Kumar
बस्ती दूर कहाँ थी मेरी उठा के नजर देखा तो होता चूमता तेरे [...]

प्यार में होता कभी छोटा बड़ा कुछ भी नहीं

Dr Archana Gupta
प्यार में होता कभी छोटा बड़ा कुछ भी नहीं झोपड़ी है या महल ये [...]

प्रीत तपस्या है उसकी पर बात किसी ने कब मानी

Dr Archana Gupta
प्रीत तपस्या है उसकी पर बात किसी ने कब मानी विष का प्याला भी [...]

हे मुरारि, जय राधे कृष्ण ,श्याम जपूं।

पूनम झा
हे मुरारि, जय राधे कृष्ण ,श्याम जपूं। गोपाल जपूं,घनश्याम [...]

आतंकित है बेईमान,जारी इस फरमान से। मुँह लटकाये गद्दार,चलते थे जो अभिमान से।

पूनम झा
मुक्तक : ...... आतंकित है बेईमान,जारी इस फरमान से। मुँह लटकाये [...]

बात न होती गऱ

Kapil Kumar
बात न होती गऱ बात ही कियूं होती नजर जुदा न कभी किसी से यूं [...]

माना कि बेखबर हूँ

Kapil Kumar
माना कि बेखबर हूँ,मगर बेसबर नही माना कि बाख़बर हूँ मगर बेहुनर [...]