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मुक्तक

मुक्तक:

DrRaghunath Mishr
तुझे जी-जान से चाहा. मान-सम्मान से चाहा. सजदा न किया-सच है [...]

दोहा मुक्तक

DrRaghunath Mishr
आयी बाढ़ बहे सभी, सपने औ अरमान. छिना खेत-गिरवी हुआ, सर्व [...]

मुक्तक ……नव वर्ष का अभिनंदन

पूनम झा
नव वर्ष का अभिनंदन -------- आशाओं के दीपक जलते रहे दुआएं एक दूसरे [...]

***** ०००० मुक्तक ०००० *****

Kapil khandelwal
1. हिंदी से ही शान, हिंदी से ही मान, हिंदी से हमारी, [...]

नया साल

हेमा तिवारी भट्ट
[12/31/2016, 8:12 PM] bhatthema3: स्वागत नये साल का दिल से मनाइये लेकिन जाता साल [...]

मुक्तक

प्रमिला तिवारी
हिम्मत न रूकता ,कभी आंधियों से ना सहमता कभी , बरबादियों [...]

दिल अपना भी

Kapil Kumar
रुबारु जब भी आइना होगा सच का ही तो सामना होगा ********************* तोड़ोगे [...]

दोहा मुक्तक द्वय

DrRaghunath Mishr
1. जाड़े का आतंक है, सन सोलह का अंत. गरीब का जीवन कठिन,गम है घोर [...]

मुक्तक

प्रमिला तिवारी
हिम्मत न रूकता ,कभी आंधियों से सहमता ना कभी ,बरबादियों [...]

आप सबको नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

Dr Archana Gupta
रंग बिरंगे सपने लेकर,दो हज़ार सत्रह आया है गले इसे भी सोलह [...]

मुक्तक

DrRaghunath Mishr
हों ऐसे हम खिले-खिले। हों न कभी हम हिले-हिले। नए वर्ष - [...]

सत्रह

Kokila Agarwal
छ:छ: पांच सत्रह का एक दांव शकुनि का क्या बोल गया विवश हुआ [...]

नववर्ष 2017 में भी -मुक्तक

DrRaghunath Mishr
नए वर्ष 2017 में भी, हमारी मित्रता में मिठास रहे. आप सब मित्रों [...]

डॉ.रघुनाथ मिश्र के दो मुक्तक :

DrRaghunath Mishr
मुक्तक द्वय 1. आगामी 000 आगामी वर्ष का, स्वागत करेंगे [...]

नर्म धुप

DrRaghunath Mishr
मुक्तक नर्म धूप गर्म हुई कपड़ों में शर्म हुई समय का भरोसा [...]

मेरा देश महान

Ankita Kulshreshtha
शुचि गीता या बाइबल ..या हो पाक कुरान क्या विनती क्या आरती [...]

नमन …..

पूनम झा
हकीकत की दुनियां का हम चयन करते हैं ख्वाबों की दुनियां को [...]

मैं कौन हूँ

Dinesh Kushbhuvanpuri
मैं कौन हूँ यह जानने आया धरा पर। जाने कहाँ अस्तित्व है जाने [...]

नोट बंदी आर्थिक डकैती है

Kapil Kumar
नोट बंदी आर्थिक डकैती है वोट मंडी तो हमारी खेती [...]

दुल्हन अभी नई हूं मैं

MONIKA MASOOM
शीश से पाँव तलक, जंजीर से बंधी हूं मैं फिर भी हो खुश ये कहूं, [...]

डॉ.रघुनाथ मिश्र ‘सहज’ के चुनिन्दा मुक्तक

DrRaghunath Mishr
मुक्तक आओ मिल जुल हंसें-हंसाएं. हर सुख-दुःख में संग हो [...]

मुक्तक

govind sharma
उठा अपनी कलम फिर जंग का आग़ाज़ कर मुश्किलो को तोड़कर अम्बर [...]

सुनो दोस्त …….

पूनम झा
सुनो दोस्त ......... हाले दिल कहा मैंने अब कहो तुम भी अर्शों बाद [...]

बेवजह ही मै सबसे रूठता रहा

Kapil Kumar
बेवजह ही मै सबसे रूठता रहा खुद से खुद का पता पूछता [...]

जब ख़ुशी के पल हैं बहुत ही कम

Kapil Kumar
जब ख़ुशी के पल, हैं बहुत ही कम पालता है दिल कियूं बेवजह के [...]

मुक्तक :– अदाकारी खरीदी जा नहीँ सकती ॥

Anuj Tiwari
मुक्तक :-- अदाकारी खरीदी जा नहीँ सकती ॥ हकीकत है अदाकारी [...]

उन्वान -वजूद/हैसियत

DrRaghunath Mishr
मुक्तक वक्त आने पर बताऊँगा,तुझे मैं हैसियत । जान जाएगा [...]

मुक्तक द्वय -1.धरती 2.आकाश

DrRaghunath Mishr
मुक्तक ----------------------------- 1.धरती. आज आहत है हमारी मातु धरती. जार - [...]

शब्द युग्म मुक्तक

DrMishr Sahaj
मुक्तक शब्द युग्म-चमक/दमक मुक्तक 000 कहाँ लगे है चमक-दमक, [...]