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मुक्तक

[[ जो डूबा इश्क़ के दरिया में वो दिलबर नही लौटा ]]

Nitin Sharma
#मुक्तक जो डूबा इश्क़ के दरिया में वो दिलबर नही लौटा गया [...]

1000 का बंद है

Kapil Kumar
1000 का बंद है 500 का बंद है ************** देश हित में कहो अब काला बंद [...]

तीन मुक्तक

Pravin Tripathi
तीन मुक्तक.... इंसान जगा इक आज नया जागा सपना जब टूट गया। थी [...]

रहम कर

डी. के. निवातिया
अरे ओ जाने वाली हवा, सुन ज़रा इन बिखरी यादो को समेट ले ज़रा बहुत [...]

बहकते हैं अक्सर वो जिन्हें प्यार नही होता

Kapil Kumar
ढूंढते हैं वजह वो जिन्हें ऐतबार नही होता बहकते हैं अक्सर वो [...]

पुष्प…..

anand murthy
*********************पुष्प*************************** शरणागत हम शूल हुए....फ़िर भी तो इक फूल [...]

मुक्तक

Ravi Sharma
दर्द के फूल पिरो कर प्रीत डोर में । टाँक यादों के मोती ओर- छोर [...]

■[ मेरा नाकाम होना भी किसी के काम तो आया ]■

Nitin Sharma
【 पुकारा तो नहीं लेकिन जुबां पर नाम तो आया ।। सकूँ दिल को नहीं [...]

दिल्ली की धुंध का इलाज संभव है

Kapil Kumar
दिल्ली की धुंध का इलाज , संभव है कुत्ते की पूछ का भी इलाज संभव [...]

ये होता न था

Kapil Kumar
रूठेगा कोई इस तरह सोचा न था इससे पहले तो कोई ,लोचा न [...]

माँ की अभिलाषा

avadhoot rathore
लाल तू भी काम आजा वीरता की जंग में। नाम तू अपना लिखा दे भारती [...]

फिर आओ गिरधारी

Rajeev 'Prakhar'
घोर तमस छाया है देखो, पाप-ताप लाचारी का l चहुँ ओर है झंडा [...]

मुक्तक: हर सुबह एक नई आस लिए होती है:- जितेंद्रकमलआनंद( १३२)

Jitendra Anand
मुक्तक ::--- ------++ हर सुबह एक नई आस लिए होती है दोपहर एक अमिट [...]

तुम्हारे वास्ते …..

anand murthy
तुम्हारे वास्ते फिर से नयी इक जिन्दगी होगी तुम्हारी [...]

ढूंढ कर लायेगा कैसे हमसा कोई तो बता

Kapil Kumar
ढूंढ कर लायेगा कैसे हमसा कोई तो बता चश्म तर करेगा कैसे हमसा [...]

कृष्ण मैं भी नहीं, राधा तुम भी नहीं..

Neeraj Chauhan
कृष्ण मैं भी नहीं, राधा तुम भी नहीं, प्रेम फिर भी इबादत से, कम [...]

शरारत हो गई

डॉ मधु त्रिवेदी
मिले प्रेमी शरारत हो गयी है जमाने को शिकायत हो गयी है लड़ी [...]

मेरा ठिकाना–१०—मुक्तक—-डी के निवातिया

डी. के. निवातिया
सीना ताने खड़ा रहूँ, हर पल दुश्मन हो निशाना अंत घडी जाये प्राण, [...]

राजनीति का गिरता स्तर

विजय कुमार अग्रवाल
राजनीति का स्तर देखो गिरने की कोई लिमिट नहीँ है । एक सिपाही [...]

इश्क़ को बना लूं कलमा

Kapil Kumar
मेरा इश्क है मुकम्मल तुम्ही से मेरे जानी बना इश्क़ भी इबादत [...]

दाग नफरत का

अंकित शर्मा 'इषुप्रिय'
*मुक्तक* लिखे अल्फाज कुछ नम जिंदगी की इस कहानी में। बहे [...]

छोटे हैं हम मगर ऊँची उड़ान है

Kapil Kumar
माना कि हम परिन्दे ,बेजबान हैं फिर भी हमारी मीठी सबसे जबान [...]

भक्ति- योग से राज- शक्ति का जब हो भण्डारन बाला ( पोस्ट १२८)

Jitendra Anand
मुक्तक :: भक्ति-- योग से राज - शक्ति का जब हो भण्डारन , बाला! असुर [...]

समय बदलते सूखी धरती मुस्काती :: जितेंद्र कमल आनंद

Jitendra Anand
मुक्तक ( पोस्ट १२७) ----------------------- समय बदलते सूखी धरती मुस्काती [...]

घूँट सुरा का तीखा होता प्यालों में : जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट१२६)

Jitendra Anand
घूँट सुरा का तीखा होता प्यालों में माना ,बाला ! यात्रा शभ हो [...]

होता न गऱ इश्क़

Kapil Kumar
होता न गऱ ये जिस्म तो अहसास भी न होता होता न गऱ ये इश्क़ तो कोई [...]

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ : जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट१२५)

Jitendra Anand
मुक्तक --------- आओ मिलकर मनायें दीपावली । ज्योतिर्मयी दीप-- [...]

“दिवाली यूं मनाते हैं..”

Shri Bhagwan Bawwa
चलों, इस बार दिवाली कुछ यूं मनाते हैं ! किसी भूखे को भर पेट [...]

हरेक की यहां जोर आजमाइश है

Kapil Kumar
पल पल इंसा की नई फरमाइश है हरेक की यहां जोर आजमाइश [...]

रहा करते

डॉ मधु त्रिवेदी
जो लोग रहा करते सागर के किनारे है जीते रहते वो पानी पीकर [...]