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मुक्तक

छः मुक्तक

आकाश महेशपुरी
छः मुक्तक ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ 1- तड़पता हूँ मैँ रोजाना [...]

चन्द मुक्तक

आकाश महेशपुरी
चन्द मुक्तक ★★★★★★★★★★★★★★★★★★ 1- भाषा बलशाली होती उनकी, जो [...]

सात मुक्तक

आकाश महेशपुरी
सात मुक्तक ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ 1- आज भी है गुलामी बड़ी देश मेँ हर घड़ी [...]

दोहा मुक्तक

Mahatam Mishra
दोहा मुक्तक......आप सभी गुणीजनों को हिंदी दिवस की हार्दिक [...]

इश्क़ का फलसफ़ा

Deepesh Dwivedi
मुहब्बत तो इबादत है तिजारत इसको मत कहिए ये जज़बाती हक़ीक़त है [...]

विडम्बना

रवि रंजन गोस्वामी
मैं साँस ले रहा हूँ , सूंघ रहा हूँ निर्वात l कड़ी धूप में देख [...]

ईश छंद

Dr Archana Gupta
जब चाँद से ठनी है छिटकी न चाँदनी है गमगीन हैं सितारे मिलती [...]

हमारी हिंदी

Deepesh Dwivedi
नानक कबीर सूर तुलसी बिहारी मीरा जायसी रहीम रसखान की ये भाषा [...]

मुक्तक – 2

Bhaurao Mahant
चुल्हों में सभी के नहीं रोटियाँ बदन पे सभी के नहीं [...]

मुक्तक

Bhaurao Mahant
माँ को मेरे ऐसा अक्सर लगता है। मेरा बेटा अब तो अफ़सर लगता है [...]

रूठे जब प्रेयसी

Rajan Kaushik (Yagya)
प्रेम में जब कभी रूठ जाए प्रेयसी, प्रेम से उनको आप मना [...]

इन सबको ख़ाक कर दो!

Ambarish Srivastava
नयनों में अश्रुधारा, मन में कुँवर कन्हाई. इन आँसुओं से हरि ने, [...]

मौन हो चुप ही रहें!

Ambarish Srivastava
आस छूटी बिन मदद असहाय हाथों को मला| प्रियतमा का संक्रमित शव [...]

गणेश वंदना.

Ambarish Srivastava
हे गजबदन गणेश गजानन गणनायक गुरु स्वामी हो. प्रथम पूज्यवर [...]

मौत खुलकर कह गयी…

Ambarish Srivastava
चल बसा निर्दोष घायल चीख कातर सह गयी. खून सड़कों पर बहा जब मौत [...]

चल रही हैं आँधियाँ जो रुख पलटकर मोड़ दो.

Ambarish Srivastava
पुष्प मसले और कुचले जा रहे अधिकार से. आसुरी ये कृत्य दानव [...]

अनुमान क्यों लिक्खूं।

pradeep kumar
मुझे मालूम है सच तो भला अनुमान क्यों लिक्खूँ। मैं पूँजीवाद [...]

मुझे सारा संसार हिन्‍दुस्‍तान लगता है

Dr. Gopal Krishna Bhatt 'Aakul'
1 कुछ यूँ चले अम्‍नोवफ़ा की ताज़ा हवा शामोसहर। फ़स्‍ले [...]

कीट-पतंगे

डी. के. निवातिया
बात इंसानो की क्या पूछो विस्फोटक बम बनाते है । अपने ही हाथो [...]

रूहानी लगे

डी. के. निवातिया
तेरे गाँव की गालिया बड़ी रूहानी लगे मिटटी से निकली सुगंध [...]

समय

avadhoot rathore
समय बदलते देर न लगती, क्यों खोवे है आस ? नव प्रभात फिर से [...]

मुक्तक (सब अपनी अपनी किस्मत को ले लेकर खूब रोते हैं)

मदन मोहन सक्सेना
रोता नहीं है कोई भी किसी और के लिए सब अपनी अपनी किस्मत को ले [...]

जारी है

डॉ मधु त्रिवेदी
अस्मत इनकी तार -तार करना जारी है रूह इक पर अनगिनत जिस्म [...]

ग़मो ख़ुशी

avadhoot rathore
रहती नहीं मिठास,ज़ुबाँ पर देर तक, रहती मुई खटास,ज़ुबाँ पर देर [...]

कृष्ण की मुरली

avadhoot rathore
मधुबन बजत मुरलि मधुर, सुनि सुनि सुधि बिसारी है। बजाय पुनि [...]

माता से बढ़कर नही गुरूवर कोई होय

Dr Archana Gupta
जन्माष्टमी ********** सलोने लाल को कान्हा जैसा मैंने बनाया है [...]

मुक्तक

Mahatam Mishra
प्रदत शीर्षक- अलंकार, आभूषण, भूषण, विभूषण, गहना, जेवर सादर [...]

गुरु को प्रणाम

डी. के. निवातिया
करे जीवन को साकार रूप प्रदत्त का काम पत्थर से मानव को तराशे [...]

मासूम क़ातिल

avadhoot rathore
क़ातिल कभी मासूम नहीं होता है, मासूम कभी क़ातिल नहीं होता [...]

रब की रहमत

Rekha Rani
रंग औ नूर जो,बरसा है रब के दर से, रंग औ नूर वो,न मिला दुनिया के [...]