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मुक्तक

बात तो तब होती

Yogita Tiwari
बात तो तब होती जब तेरे मेरे दरमियां कुछ बात होती। जब भीतर [...]

सकारात्मक सोच

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 नकारात्मक लोग, नकारात्मक बाते, नकारात्मक [...]

1.विहग ..,, 2.रोटी …

sushil sarna
1.विहग .. ले अरमान मधुर से मन ..में ...उड़े जा रहे विहग ..गगन में [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तेरी आरजू है फिर करीब आयी सी! तेरे हुस्न की तस्वीर [...]

अश्रुनाद

Dr Chandra
. .... मुक्तक .... भव- सिन्धु प्रलापित फेरे लहरें [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
कबतक जी सकूँगा नाकाम होते होते? कबतक जी सकूँगा गुमनाम होते [...]

रमेशराज के 2 मुक्तक

कवि रमेशराज
गुलशन पै बहस नहीं करता मधुवन पै बहस नहीं करता वो लिए सियासी [...]

रमेशराज के दो मुक्तक

कवि रमेशराज
जटा रखाकर आया है, नवतिलक लगाकर आया है मालाएं-पीले वस्त्र पहन, [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
कैसे कहूँ कि अब तुमसे प्यार नहीं रहा! कैसे कहूँ कि तेरा [...]

ज़माल…

sushil sarna
ज़माल... इक यक़ीं इक ख़्वाब हो गया हर सवाल बे-हिज़ाब .हो गया थे [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
मैं यादों का कभी कभी जमाना ढूँढता हूँ! मैं ख्वाबों का कभी कभी [...]

🙏 माँ के साथ…माँ के बाद…

तेजवीर सिंह
🙏 दो मुक्तक 🙏 *माँ के साथ* मिली माँ मुझको सजदे में कभी जब भी [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
शाम होते ही तेरी याद आ गयी है! शबनमी लम्हों की फरियाद आ गयी है! [...]

रोज

अभिषेक सिंह ठाकुर (अंजन )
रोज विखरता हू मोती की तरह अब पीरोने वाला धागा नही [...]

एक मुक्तक..

मंजूषा मन
दिल को इसमें बड़ी ही राहत हो। रात दिन तेरी ही इबादत हो। सौ [...]

** गुनाह तो नहीं था **

भूरचन्द जयपाल
14.5.17 दोपहर 1.41 मेरा इश्क महज़ एक हादसा तो नहीं था जुल्म करे मैं [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तेरे हुस्न का मैं अफसाना लिए रहता हूँ! तेरे प्यार का मैं [...]

मां मुझको भी प्यार करो

Yogita Tiwari
मां किसी बेटी ने न कहा होगा जो आज मैं कहती हूं क्यों सब [...]

माँ और बेटियाँ

बसंत कुमार शर्मा
पाप अपने कुछ मिटाने चल दिए लोग गंगा में नहाने चल दिए तीर्थ [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
मैं दफ्न उजालों का डूबा हुआ शहर हूँ! मैं वक्ते-तन्हाई में [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
कबतलक तेरा इंतजार मैं करूँ? दर्द की नुमाइश हर बार मैं [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
जब तेरी नजरों से मुलाकात होती है! चाहत की दिल से रूबरू बात [...]

परदेशी

Pritam Rathaur
🌹🌹🌹🌹🌹🌺🌺🌺🌺🌺💐💐 जाते हो तुम जिस तरह जल्दी आना जी। प्यारे [...]

परदेशी

Pritam Rathaur
🌹🌹🌹🌹🌹🌺🌺🌺🌺🌺💐💐 जाते हो तुम जिस तरह जल्दी आना जी। प्यारे [...]

हिचकी . ..

sushil sarna
हिचकी . .. रुख़्सत हुए जहान से तो ये हयात हंसने लगी लाश अधूरी [...]

जिन्दगी के लिये ………… “मनोज कुमार”

मनोज कुमार
मैं तो छोड़ दूँ दुनिया उन्हीं के लिये उनके क़दमों में खुशियाँ [...]

पहले ही पन्ने अब……………. “मनोज कुमार”

मनोज कुमार
खबर आयी है क आने लगे आने लगे हैं अब नयन से वो ही अब दिल में उतर [...]

कभी जागीर लगती है……………. “मनोज कुमार”

मनोज कुमार
कभी शोला, कभी शबनम, कभी तू आग लगती है कभी जन्नत, परी कोई, कभी [...]

छोड़ के नही तुम हमें जा सकते…………….. “मनोज कुमार”

मनोज कुमार
छोड़ के नही तुम हमें जा सकते मैं चाँदनी हूँ तेरी छोड़ नही [...]

* ** ऋतु पावस ***

भूरचन्द जयपाल
ऋतु पावस थी निकट अमावस थी यौवन की वह घटा-छटा विकट थी मन- [...]