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मुक्तक

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava
. .... मुक्तक .... लहरों के सँग इठलाती मँझधार बहा ले जाती [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
कोई खौफ़ नहीं है मरने से मुझको! दामन में अश्कों के बिखरने से [...]

छलक पड़ती हो तुम कभी.. .

Neeraj Chauhan
छलक पड़ती हो तुम कभी , एक कशिश छोड़ जाती हो भिगाती बारिशें हैं [...]

मुक्तक स्व- भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava
. .... मुक्तक .... घन श्याम सघन घिर आये तन मन उमंग भर जाये [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
अपनी तमन्नाओं पर मैं नकाब रखता हूँ! धड़कनों में यादों की मैं [...]

मुक्तक

रागिनी गर्ग
.............शब्द चूड़ियाँ............ पैरों में पायल ,हाथों में [...]

तुम जिन्दा रहोंगीं….

seervi prakash panwar
तुम जिन्दा रहोगी हर पल इस अज़ीब से रूह में, क्यों कि जिन्दा हूँ [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava
. .... मुक्तक .... उर उदधि उर्मि लहराती किस ओर बहा ले जाती [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
जिन्दगी मिलती नहीं किसी को सस्ती बनकर! कोई तन्हा है कहीं कोई [...]

मेरी कविता…. ।। अमीरी और गरीबी ।।

ishwar jain
अमीरी और गरीबी समाज के दो पहलू तस्वीर के दो [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
कभी वक्त से हारा हूँ कभी हालात से! कभी दर्द से हारा हूँ कभी [...]

कस्तूरी….

sushil sarna
कस्तूरी.... बीती रात की बात वो l .... बादल की बरसात वो l ...... सांसें [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तुमको एक मुद्दत से अपना बना बैठा हूँ! अपनी उम्मीदों का सपना [...]

मुक्तक–घरौंदा

Sajoo Chaturvedi
रेत का घरौंदा सागर का किनारा प्यार से बनाया भूलक्कड़ [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
अपनी तन्हाई को कबतक सहूँ मैं? अपनी बेचैनी को किससे कहूँ [...]

बेटी किस कसूर की सजा पाती हैं

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 बेटी किस कसूर, किस अपराध की सजा पाती है। कभी गर्भ, कभी [...]

लुटेरा

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 चोर और डाकू तो सिर्फ धन लूटते हैं। उससे बड़े अपराधी [...]

मुक्तक भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava
. .... मुक्तक .... गोधूलि सदृश लहराती रञ्जित रजनी सो [...]

मेंहदी : मुक्तक

दिनेश एल०
मेंहदी // दिनेश एल० "जैहिंद" मैं कभी जंगलों में गुमसुम सोई थी [...]

गहना : मुक्तक

दिनेश एल०
गहना // दिनेश एल० "जैहिंद" एक गहना आपका एक गहना शर्मो लाज का [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
जब वादों की जश्ने-रात होती है! ख्वाबों की नजरों से बात होती [...]

मुक्तक स्व- भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava
. .... मुक्तक .... उर- उदधि- उर्मि लहराती किस ओर बहा ले [...]

मरहम लगा दे ज़ख्मो पर….

seervi prakash panwar
मरहम लगा दे ज़ख्मो पर, तड़प रहा में तेरे लफ्ज़ो पर, एक रूप जड़ा था [...]

वजह तुम हो तन्हाई की.. .

Neeraj Chauhan
वजह तुम हो तन्हाई की, मेरा त्यौहार तुम ही हो, भले मैं पैर का [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तेरी याद में हम रो भी लेते हैं! तेरे लिए गमजदा हो भी लेते [...]

अश्रुनाद अँग्रेजी भावानुवाद

Dr. umesh chandra srivastava
. .... मुक्तक .... नीलाम्बर में लहराऊँ नभ यायावर [...]

II जहां मांग खत्म हो जाती है…II

संजय सिंह
जहां मांग खत्म हो जाती है l जहां स्वाद खत्म हो जाता है ll ना [...]

मिलता नही कभी भी, जिंदगी में कुछ मुकम्मल..

Neeraj Chauhan
मिलता नही कभी भी, जिंदगी में कुछ मुकम्मल, कभी पाते भी हो, तो [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
मेरे ख्यालों में सिर्फ तेरी यादें हैं! जिगर में गूँजती दर्द [...]

प्रीत

Neelam Sharma
न तोल प्रीत को मेरी तू धन के तराजू में कभी प्रेमी भी धनी हुआ [...]