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मुक्तक

गुल खिलते हैं पर उनको खिलकर मुरझाना पड़ता है

Dr Archana Gupta
गुल खिलते हैं पर उनको खिलकर मुरझाना पड़ता है काँटों में रहते [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तेरा ख्याल जब भी बार-बार आता है! दिल में बेचैनी का किरदार आता [...]

सुप्त तरुण, निज मातृभूमि को हीन बनाकर के विभेद दें

Brijesh Nayak
आत्मशुद्धिमय सजग सिपाही, बनकर युवजन लक्ष्य भेद दें| बिना [...]

रमेशराज के वर्णिक छंद में मुक्तक

कवि रमेशराज
|| मुक्तक ||--1. --------------------------------------- थाने के सिपैयाजी की मूँछ को सलाम [...]

रमेशराज के 8 मुक्तक

कवि रमेशराज
केसरिया बौछार मुबारक होली का त्यौहार मुबारक | जो न लड़ा जनता [...]

रांझे की हीर

डी. के. निवातिया
रांझे की हीर कल तक करते देखा था मुहब्बत कि खिलाफत जिनको। आज [...]

सत्ता कितनी प्यारी

डी. के. निवातिया
सत्ता कितनी प्यारी मेरे देश के हुक्मरानो को सत्ता कितनी [...]

कोई नाराज नहीं चाहिये

डी. के. निवातिया
कोई नाराज नहीं चाहिये कितने अमन पसंद लोग है यहाँ किसी को [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
मुझको फिर भूली हुई बात याद आयी है! चाहत की सुलगी हुई रात याद [...]

परशु-धार-सम ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति

Brijesh Nayak
परशु-धार सम-ज्ञान औ दिव्य राममय प्रीति के शुभ सुंदर मिलन-सम [...]

आदमी

Lakshya thakur
कभी टूटे खिलोने के लिए रोये कभी टूटे दिल से भी [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तुम बिन कैसे हम जी सकेंगे? जहर अश्क का हम पी सकेंगे! बेशुमार [...]

प्रगतिमय सद्कोश भारत,मानव सुगति-विज्ञान का

Brijesh Nayak
निज रुधिर में हिंदी बसी, उर भाव देता ध्यान का| कुछ भी कहो, हम [...]

तुम साथ हो तो वक्त भी क्या खास होता है

Dr Archana Gupta
तुम साथ हो तो वक्त भी क्या खास होता है वरना कदम भी मील का [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तेरी याद जब भी आस पास होती है! मेरी जिन्दगी खामोशी से रोती [...]

** सिर्फ प्यार ही प्यार हो **

भूरचन्द जयपाल
याद आते हैं क्यूं बीते लम्हे जो गुजारे थे उनके साथ रुलाते [...]

तरुण जाग जाए

Brijesh Nayak
तरुण जाग जाए स्वराष्ट्र का, तब ही तो सचमुच विकास है | जन जन के [...]

अच्छी पत्नियां

Yogita Tiwari
देखती हूं, बहुत अच्छी पत्नियां बनी वो सारी लडकियां जिनके [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
जो साथ नहीं देते वे रूठ जाते हैं! रास्तों में अक्सर हमसे छूट [...]

कलम लिख दे, गीत गाए भारती |

Brijesh Nayak
कलम लिख दे,गीत गाए भारती| आम-जन दौड़े-उतारे आरती| दिव्यता [...]

मुक्तक

Govind Kurmi
🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀 तड़प ऐ इश्क की दिल से कही नहीं जाती चंद कदमों [...]

सहज बने गह ज्ञान,वही तो सच्चा हीरा है |

Brijesh Nayak
जोब विष को पीना जाने, वह ही तो मीरा है| मूरख के आगे, अक्ली की [...]

** कुरेदा है लफ्जो से **

भूरचन्द जयपाल
कुरेदा है लफ्ज़ो से ज़ख्मो को इस क़दर तन्हाई में रोका,आज महफ़िल [...]

इन्सानियत गरीबी में ही पलती है

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 इन्सानियत गरीबी में ही पलती है। थोड़ी सी ही खुशी मिल [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
मैं भूला था कभी तेरे लिए जमाने को! मैं भूला था कभी अपने [...]

बघेली मुक्तक और समसामयिक शायरी

अमरेश गौतम
आंधर बनें बटइया,अपनेन क बांटत हं, सुधबन के मुंहु, कुकुरबे [...]

भारत माता

sunny gupta
गंगा सी पावनता जिसमे,सरयू सी पहचान है। कंठ में जमुना जैसी [...]

होठ की लाली

sunny gupta
सुबह के सूर्य के जैसे,तेरे होठो की लाली है। किसी सावन की [...]

दोस्ती

sunny gupta
वो पैसे के है सौदागर,हम दिल से काम करते है। ज़माने में है कुछ [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तेरी चाहत मेरे गुनाह जैसी है! तेरी चाहत दर्द की आह जैसी [...]