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मुक्तक

मुक्तक

MITHILESH RAI
जो आती है लबों पर बात तुम वही तो हो! जो तड़पाती है मुलाकात तुम [...]

बेटी

Chandra Prakash
बेटी वो घर मन्दिर है जिस घर में माँ की पूजा होती है , वो नसीब [...]

दीये की बाती …….

seervi prakash panwar
अब उसके बिना जीना दीये की बाती सा लगता! और उसके संग जीना [...]

मुक्तक

पं.संजीव शुक्ल
********* मुक्तक ********* ------------------------------------------ जलमग्न हैं धराये विकल [...]

मेरा कान्हा

लक्ष्मी सिंह
(1)🌹🌹🌹🌹 ललना निहारने मातु यशोदा, अहो भाग्य मैंने पायो [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तुमसे मुलाकात कभी जो हो जाती है! जैसे दिल में अंगड़ाई रो जाती [...]

🌸मुक्तक-कृष्ण कन्हैया🌸

Vedha Singh
आप सभी को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं आपका दिन मंगलमय [...]

दिल वार आया हूँ

Chandra Prakash
कोई बस्ती बदल आया , कोई मकान बदल आया ... उसने एक बार क्या माँगा [...]

***काश्मीर का मूल्य बहुत है***

Abhishek Parashar
पुष्प अपुष्प खिले बहुतेरे, पर गुलाब की महक बहुत है, भ्रष्ट [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तेरे बगैर तन्हा जमाने में रह गया हूँ! तेरी यादों के आशियाने [...]

मनमोहन मुरलीवाला

लक्ष्मी सिंह
🌹🌹🌹🌹 (1) मोर मुकुट पीताम्बर गल बैजन्ती माला। कानों में [...]

एक बार दिल लगाते तो जरा

Bhupendra Rawat
एक बार दिल लगाते तो जरा । दिल लगा कर पास आते तो जरा। तुम तो [...]

तिनका तिनका….

sushil sarna
तिनका तिनका.... तिनका तिनका करके आशियाना बनाया जाता ..है l कतरा [...]

****हनुमान चिन्तन=श्रेष्ठ परिणाम****

Abhishek Parashar
स्वर्ण जैसी कान्ति लिए हैं मेरे हनुमान, मन में विशाल रूप धरि [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
आरजू तेरी बुला रही है मुझे! याद भी तुमसे मिला रही है [...]

विविधता

avadhoot rathore
अलग-अलग उदधि-लहरें,लगतीं हैं पर यार, हिल-मिल सब संग रहतीं,अलग [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava
. .... मुक्तक .... अपलक अभिलाष सुहानी अस्फुट अमृतमय [...]

मुक्तक

Rishav Tomar (Radhe)
कही नफरत कही चाहत कही मुश्किल जमाने में खुदा का नूर बसता है [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
आओ फिर से एक बार नादानी हम करें! नजरों में तिश्नगी की रवानी हम [...]

ज़िस्मानी घर…

sushil sarna
ज़िस्मानी घर... एक पल में हर पल बदल जाता है l ज़िंदगी का हर कल बदल [...]

** मुहब्बत यूं बदनाम नहीं होती **

भूरचन्द जयपाल
चाहत कभी गुमनाम नहीं होती राहे कभी सुनसान नहीं होती [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
मुझको तेरी याद अभी फिर आयी है! चाहत की फरियाद अभी फिर आयी [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava
. .... मुक्तक .... मम व्यथित हृदय से आती अंतर्मन में [...]

मन खट्टा

राजेश
"मन खट्टा" ----------------- मन खट्टा हो गया चल यार कैसी बात करता है मन [...]

हम क्या एहसान कोई करते हैं ?

Rakesh Pandey
झूठ में शान कोई करते हैं हम क्या एहसान कोई करते हैं उस के दर [...]

सिमटती मोहब्बत

Ashutosh Jadaun
साल दर साल सिमटती मोहब्बत इस कदर "आशुतोष" दिल मे धुंआ रख लोग [...]

*दरिया,दोस्ती,तिश्नगी़,खुशी,समंदर,मौजिज़ा,आइना, ज़िंदगी*

Dharmender Arora Musafir
सुहानी ज़िदगी को तुम कभी दुश्वार मत करना ! न हो मालूम गहराई [...]

अश्रुनाद स्व- भावानुवादित

Dr. umesh chandra srivastava
. .... मुक्तक .... लघु बूँदे ले मतवाला नभ से ऐ! [...]

🙏 रक्षाबंधन पर मुक्तक….. 🙏

तेजवीर सिंह
🌹🌻 सभी स्नेही स्वजनों को पावन प्रीत पर्व ''रक्षाबन्धन'' की [...]

मुक्तक

MITHILESH RAI
तुम देखकर भी मुझको ठहरते नहीं हो! तुम सामने मेरे कभी रहते [...]