साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

लेख

प्रगतिशील जीवनस्तर या नैतिक पतन

पं.संजीव शुक्ल
प्रगतिशील जीवनस्तर या नैतिक पतन *******†*†*****†*†******†*†******* सिकुड़ता [...]

आखिर हम किस ओर जा रहे हैं?

पं.संजीव शुक्ल
हम किस ओर जा रहे हैं? अपने वजूद को खोने तो नहीं लगे हैं? सभ्यता [...]

*** दलित बनाम सवर्ण राजनीति ***

भूरचन्द जयपाल
आज दलित राजनीति महज़ दलितों के साथ राजनीति हो गयी है । जिस [...]

इंसान कबसे खाओगे? (मांसाहार पर दो टूक -भाग 1)

Neeraj Chauhan
अपनी जीभ के स्वाद के लिए मूक और निरीह जानवरों को जो अपना [...]

प्रकृति और विकृति

अजय '' बनारसी ''
ईश्वर ने सृष्टि का निर्माण किया है और नाना प्रकार के [...]

भगतसिंह पैदा हो, मगर पड़ोसी के घर में

पारसमणि अग्रवाल
अरे..रे..रे, आप गलत सोच रहे है, हम उत्तेजित नहीं हो रहे है बल्कि [...]

कहते है मुझसे

arpita patel
★■●◆ ★■●◆ कहती है ये हवाएं मुझ से क्यों बैठी हो उदास, आ चल [...]

स्वयं के प्रति सत्यनिष्ठ रहना

arpita patel
स्वयं के प्रति सत्यनिष्ठ रहना ◆●●● ●●●◆ संसार में अनेक [...]

क्या उरई का नाम गिनीज बुक में दर्ज करा पाएंगे मच्छर ?

पारसमणि अग्रवाल
क्या उरई का नाम गिनीज बुक में दर्ज करा पाएंगे मच्छर ? भले ही यह [...]

दोषी कौन…?

पं.संजीव शुक्ल
दोषी वो औरतें नहीं वो बेटी और बहनें नहीं जो आज नग्नता को [...]

पापा कहते हैंं…

पं.संजीव शुक्ल
पापा कहते हैं , आज के बच्चों की यह सबसे बड़ी ब्यथा है पापा कहते [...]

जीवन का उद्देश्य क्या हैं?

Neeraj Chauhan
‌इतनेदिनों से मैं सोच रहा था, चिंतन कर रहा था, औरों को सुन रहा [...]

“घिर आई रे बदरिया सावन की” (लेख)

Dr.rajni Agrawal
"घिर आई रे बदरिया सावन की" ********************** जी चाहे बारिश की [...]

आखिर कब तक…

Kamla Sharma
यात्रा के दौरान मिले खट्टे-मीठे अनुभव जहां सफर को आसान बनाते [...]

दहलीज तक आ पहुंची सांझ

Sandeep Kumar Sharma
ये सांझ कोई गीत गुनगुना रही थी, मेघ आसपास ही मंडरा रहे थे, सूरज [...]

ये गणित और ये जिंदगी

Kamla Sharma
जिंदगी भी गणित के फार्मूले जैसी ही है, समझ में आ जाए तो आसान है [...]

मन से गुजरती ट्रेन

Kamla Sharma
ट्रेन मेरे लिए एक सफर तय करने का संसाधन मात्र नहीं थीं, इसकी [...]

ये भावनाओं का खौफनाक सूखापन

Sandeep Kumar Sharma
हमने क्या कभी अपने बचपन के बारे में बच्चों को बताया है, कभी [...]

बढ़ती बेरोजगारी के लिये सिर्फ सरकार जिम्मेदार नही

पारसमणि अग्रवाल
देश की जटिल समस्याओं की लिस्ट में अपना नाम टॉप समस्याओं में [...]

नाकामियों को छुपाने के लिये किया जाने लगा है मुआवजा का इस्तेमाल

पारसमणि अग्रवाल
भारत को एक कृषि प्रधान देश कहा जाता है लेकिन साहिब, जरा गौर [...]

देखो-देखो…प्रकृति ने अपना घूंघट हटा लिया है…

Sandeep Kumar Sharma
बहुत गर्मी है, लेकिन ये प्रकृति हमारी तरह बैचेन नहीं है, वो [...]

ओ प्रियतम, सुनो ना—

Sandeep Kumar Sharma
...ओ प्रियतम, सुनो ना...। तुम्हारी छुअन के बिना मैं कैसी सूख सी [...]

ये कैसा अनूठा नेह और विश्वास है

Sandeep Kumar Sharma
हमने कभी पेड़ के पीछे से लरजते हुए अहसासों को देखा है, हमने कभी [...]

लेख

Brijpal Singh
बड़ी बिडंमना है साहब ... सच से क्यों मुँह मोड़ते हैं लोग यहाँ ? [...]

ईद मुबारक

Dr.rajni Agrawal
*ईद मुबारक* ********** एकता, प्रेम, सौहार्द, भाईचारे की मिसाल "ईद" को [...]

शिक्षा में सुधार हेतु योजनाओं पर नहीं अपितु वास्तविकता पर ध्यान दें

कृष्ण मलिक अम्बाला
आज और पन्द्रह से बीस वर्ष पहले के समय पर ध्यान दें तो शिक्षा [...]

“कस्तूरी कुंडल बसे , मृग ढूंढे बन माहि” समाधान स्वयं में ही छिपा है

पंकज प्रखर
आज के इस आपाधापी के युग में हर व्यक्ति अनेक प्रकार की [...]

“नज़रे बदलो नज़ारे बदल जायेंगे” आपकी सोच जीवन बना भी सकती है बिगाढ़ भी सकती है

पंकज प्रखर
सकारात्मक सोच व्यक्ति को उस लक्ष्य तक पहुंचा देती है जिसे वो [...]

“योग जीवन की औषधि”

Dr.rajni Agrawal
*योग जीवन की औषधि* [...]

“परिवार का आधार स्तंभ पिता”

Dr.rajni Agrawal
"परिवार का आधार स्तंभ पिता" ********************** माता-पिता यानि [...]