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लेख

हिंदुत्व का राष्ट्रीय एकीकरण एवं सहिष्णुता में योगदान

Prasant Singh
आमतौर पर हिंदुत्व शब्द का अर्थ कई लोग हिंदूवादी वैचारिक [...]

हमारी प्यारी हिन्दी

हेमा तिवारी भट्ट
🌺🌺हमारी हिन्दी🌺🌺 भाषाओं का मानव जीवन में अपना महत्व [...]

नोटबंदी का जहाँ कई लोग विरोध करते थकते नहीं हैं।…

मनहरण मनहरण
नोटबंदी का जहाँ कई लोग विरोध करते थकते नहीं हैं। गरीबों के [...]

वजन नहीं है

बसंत कुमार शर्मा
वजन नहीं है © बसंत कुमार शर्मा, जबलपुर 7 अक्टूबर, 2016 हमें अभी [...]

लेख

प्रमिला तिवारी
"शरद के रंग" सागर का जल शान्त गम्भीर सारी वस्तुऐं स्वभाविक [...]

कतार

रवि रंजन गोस्वामी
लोग कतार में है और वे समझते हैं कि वे क्यों कतार में है । कुछ [...]

एक अपील 500 के नोट वाले हर नागरिक से

कृष्ण मलिक अम्बाला
एक अपील देश के नागरिकों से एक अपील खुद को दिल के साफ बताने [...]

राष्ट्र हित में युवा लक्ष्य निर्धारित करें

Rita Singh
राष्ट्र हित में युवा वर्ग लक्ष्य निर्धारित करे - अनूठी [...]

मोदी जी का ऐलान

Naveen Jain
जितनी भी तारीफ की जाए कम है , क्या योजना है देश समेत सारे विश्व [...]

भारत में राजनीतिक आपातकाल

Vikash Rai 'Rudra'
प्रिय मित्र और भाई कह रहे है रामकिशन जैसा भी था आखिर था तो [...]

आतंकवाद

विजय कुमार अग्रवाल
भारतीय परम्परा के अनुसार देश का सैनिक हमेशा ही देश का [...]

ब्रज के एक सशक्त हस्ताक्षर लोककवि रामचरन गुप्त +प्रोफेसर अशोक द्विवेदी

कवि रमेशराज
हमारे देश में हजारों ऐसे लोककवि हैं, जो सच्चे अर्थों में जनता [...]

लोककवि रामचरन गुप्त के लोकगीतों में आनुप्रासिक सौंदर्य +ज्ञानेन्द्र साज़

कवि रमेशराज
‘जर्जरकती’ मासिक के जनवरी-1997 अंक में प्रकाशित लोककवि स्व. [...]

लोककवि रामचरन गुप्त मनस्वी साहित्यकार +डॉ. अभिनेष शर्मा

कवि रमेशराज
स्व. रामचरन गुप्त माटी के कवि थे। अपने आस-पास बिखरे साहित्य [...]

मेरे बाबूजी लोककवि रामचरन गुप्त + डॉ. सुरेश त्रस्त

कवि रमेशराज
आठवें दशक के प्रारम्भ के दिनों को मैं कभी नहीं भूल सकता। [...]

संघर्षों की एक कथाः लोककवि रामचरन गुप्त +इंजीनियर अशोक कुमार गुप्त [ पुत्र ]

कवि रमेशराज
लोककवि रामचरन गुप्त 23 दिसम्बर 1994 को हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन [...]

दया के सागरः लोककवि रामचरन गुप्त +रमेशराज

कवि रमेशराज
लोककवि रामचरन गुप्त का मन कविता के स्तर पर ही संवेदनशील नहीं [...]

लोककवि रामचरन गुप्त का लोक-काव्य +डॉ. वेदप्रकाश ‘अमिताभ ’

कवि रमेशराज
लोककवि रामचरन गुप्त की रचनाओं को पढकर यह तथ्य बार-बार कौंधता [...]

लोककवि रामचरन गुप्त एक देशभक्त कवि – डॉ. रवीन्द्र भ्रमर

कवि रमेशराज
अलीगढ़ के ‘एसी’ गांव में सन् 1924 ई. में जन्मे लोककवि रामचरन [...]

काश दिल भी जगमगाये होते

डॉ मधु त्रिवेदी
बहुत चहल पहल है बाजारों में हफ्ते भर से पहले । आखिर दीवाली [...]

‘ विरोधरस ‘ [ शोध-प्रबन्ध ] विचारप्रधान कविता का रसात्मक समाधान +लेखक – रमेशराज

कवि रमेशराज
‘ विरोधरस ‘---1. ‘ विरोधरस ‘ [ शोध-प्रबन्ध ] विचारप्रधान कविता [...]

‘ विरोधरस ‘—2. [ काव्य की नूतन विधा तेवरी में विरोधरस ] +रमेशराज

कवि रमेशराज
काव्य की नूतन विधा ‘तेवरी’ दलित, शोषित, पीडि़त, अपमानित, [...]

‘ विरोधरस ‘—3. || विरोध-रस के आलंबन विभाव || +रमेशराज

कवि रमेशराज
तेवरी में विरोध-रस के आलंबन विभाव के रूप में इसकी पहचान इस [...]

‘ विरोधरस ‘—4. ‘विरोध-रस’ के अन्य आलम्बन- +रमेशराज

कवि रमेशराज
‘विरोध-रस’ स्थायी भाव ‘आक्रोश’ से उत्पन्न होता है और इसी [...]

‘ विरोधरस ‘—5. तेवरी में विरोधरस — रमेशराज

कवि रमेशराज
----------------------------------------------------- कवि के रूप में एक तेवरीकार के लिये ऐसा [...]

‘ विरोधरस ‘—6. || विरोधरस के उद्दीपन विभाव || +रमेशराज

कवि रमेशराज
आलंबन विभाव की चेष्टाएं, स्वभावगत हरकतें, उसकी शरीरिक [...]

‘ विरोधरस ‘—7. || विरोधरस के अनुभाव || +रमेशराज

कवि रमेशराज
मन के स्तर पर जागृत हुए भाव का शरीर के स्तर पर प्रगटीकरण [...]

‘ विरोधरस ‘—8. || आलम्बन के अनुभाव || +रमेशराज

कवि रमेशराज
विरोधरस के आलम्बनों के कायिक अनुभाव ---- [...]

‘ विरोधरस ‘—9. || विरोधरस के आलम्बनों के वाचिक अनुभाव || +रमेशराज

कवि रमेशराज
अत्याचारी, दुराचारी व्यक्ति विष के घड़े, कुत्सित इरादों से [...]

‘ विरोधरस ‘—10. || विरोधरस के सात्विक अनुभाव || +रमेशराज

कवि रमेशराज
भाव-दशा में प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाले कायिक [...]