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लेख

अयोध्या मुद्दे पर मेरी कुछ पंक्तियाँ

RASHMI SHUKLA
क्यों मंदिर और मस्जिद के मुद्दे को इतना प्रबल बनाया है, जबकि [...]

एक व्यंग्य आज की शिक्षा

मधुसूदन गौतम
दो दोस्त मोतीलाल एवं धोती लाल आपस में बातें कर रहे थे। यार [...]

बहू भी बेटी ही होती है

डॉ०प्रदीप कुमार
" बहू भी बेटी ही होती है " ------------------------------------ "नारी" विधाता की [...]

प्राइमरी स्कूल ख़ामोश हैं !

Shalini Tiwari
दास्तान: आज भारत के अधिकतर क्षेत्रों में निःस्वार्थ भाव से [...]

यकीऩ मानिए, आपके शब्द आपको महान बना देंगे

Shalini Tiwari
यह कोई नई बात नही है कि शब्दों में अथाह ऊर्जा होती है. गर हम [...]

समय का सदुपयोग करो।

Rishikant Rao
एक सेकेण्ड जो मौत से बचा हो। एक मिनट जिनकी ट्रेन छूट गयी [...]

भारतीय संस्कृति की विशेषता तथा बचाने के उपाय

डॉ०प्रदीप कुमार
" भारतीय संस्कृति की विशेषता तथा बचाने के उपाय [...]

हौसला

RASHMI SHUKLA
बदलते वो हैं जो अपने मन में संभलने की चाह रखते हैं, सपनों को [...]

ये जीवन है अनमोल

RASHMI SHUKLA
समझ आता ही नहीं किस चीज की जरुरत है इंसान को, बिना मतलब की चीज़ [...]

आत्मा

sudha bhardwaj
आत्मा अपनी आत्मा या रूह को हम उस वक्त अपने पास महसूस कर सकते [...]

राष्ट्र वही है विकसित जागी जहाँँ जवानी

Brijesh Nayak
वर्तमान समाज भौतिकता की चकाचोंध में फँस कर स्वयं को ही दाव पर [...]

स्वयं को जाने

डॉ०प्रदीप कुमार
" स्वयं को जाने " ---------------------- इस मायावी जगत में मानव का [...]

लौटना होगा प्रकृति की ओर

डॉ०प्रदीप कुमार
"लौटना होगा प्रकृति की ओर" -------------------- "होली" शब्द की उत्पत्ति [...]

होली पे कुछ नया

RASHMI SHUKLA
HAPPY HOLI चलो इस बार होली पे कुछ अजब कुछ नया करते हैं, नए कपडे न सही [...]

ये जीवन

RASHMI SHUKLA
तशरीफ़ को अपनी तकलीफ न दो मेरे आशियाने में आने के लिए, मैंने तो [...]

मानव मन का सर्वश्रेष्ठ उल्लास है होली-1

sushil sharma
मानव मन का सर्वश्रेष्ठ उल्लास है होली सुशील शर्मा होली का [...]

मेरा सफर

RASHMI SHUKLA
जब भी हम सफर में जाया करते हैं, हर बार कुछ नया पाया करते [...]

ए मेरे मालिक

RASHMI SHUKLA
ए मालिक मुझे इतना कामयाब बना दे, मेरे अपनों के लिए मुझे तोहफा [...]

होली:भावनाओं के रंग!

मुकेश कुमार बड़गैयाँ
हम घर किसे कहते हैं पता है आपको? चार दीवारें ,चिकना फर्श,गेट पर [...]

जीवन एक खेल है

जयति जैन
विलियम शेक्सपियर ने कहा था कि जिंदगी एक रंगमंच है और हम लोग [...]

सरकार की राजनीती

RASHMI SHUKLA
एक तरफ तो सरकार का ये नारा है, की भ्रष्टाचार रोकना संकल्प [...]

नारी और पुरुष

RASHMI SHUKLA
अगर नारी सम्मान की हक़दार है, तो पुरुष को भी सम्मान का अधिकार [...]

सिर्फ़ एक दिन नारी का सम्मान, शेष दिन …….. ?

रवीन्द्र सिंह यादव
8 मार्च अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मही अर्थात धरती , जिसे [...]

“अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और भारतीय महिलाएँ”

Dr.rajni Agrawal
"अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और भारतीय महिला" [...]

महिला दिवस विशेष- नारी विमर्श का कड़वा सच

पारसमणि अग्रवाल
आधुनिक परिवेश में अधिकांश लेखकों द्वारा नारी विमर्श पर सृजन [...]

चाहिये था रोजगार,मिली बेरोजगारी

पारसमणि अग्रवाल
जी हाँ, "चाहिये था रोजगार मिली बेरोजगारी" ये किसी हास्यपद [...]

काव्य में सत्य, शिव और सौंदर्य

कवि रमेशराज
सत्य का संबंध लोकमंगल या मानवमंगल की कामनामात्र से ही नहीं, [...]

काव्य में अलौकिकत्व

कवि रमेशराज
काव्य का अलौकिकत्व सिद्ध करने के लिए रसाचार्यों ने रस को [...]

विचार, संस्कार और रस-4

कवि रमेशराज
एक कवि द्वारा सृजित काव्य जिन परिस्थितियों में एक सामाजिक [...]

विचार, संस्कार और रस [ तीन ]

कवि रमेशराज
रसमर्मज्ञ डॉ. राकेश गुप्त रसास्वादक के संस्कारों के संबंध [...]