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लेख

चिंतन की दिशा

Vindhya Prakash Mishra
चिंतन की दिशा । हम सब मानव प्राणी जितने सामाजिक माने जाते [...]

कान्हा से श्रीकृष्ण हो जाना

Sandeep Kumar Sharma
कान्हा से भगवान श्रीकृष्ण हो जाना एक यात्रा है, एक पथ है, मौन [...]

…वो बचपन, वो तुम्हारी गुटर-गुटर

Sandeep Kumar Sharma
वो बचपन कैसे भूल सकता हूं और भूल नहीं सकता तुम्हारी [...]

‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का भाव रखने वाली एकमात्र संस्कृति ‘भारतीय संस्कृति’

पंकज प्रखर
हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति समूचे विश्व की संस्कृतियों [...]

प्राकृतिक आपदा

पं.संजीव शुक्ल
जब मनुष्य खुद को सबसे बड़ा बलशाली, सामर्थ्यवान, बुद्धिमान [...]

भगवान ‘को’ मानते हैं, भगवान ‘की’ नहीं।

Neeraj Chauhan
अपने हिसाब से हम भगवान का चुनाव करते है। फिर वो हमारे हो जाते [...]

“बच्चे को बच्चा ही समझे”

Vindhya Prakash Mishra
किसी ने सच कहा है "बच्चों को बच्चा ही समझे" बडो जैसी अपेक्षाए [...]

हिन्द वतन को लाल सलाम

Shalini Tiwari
स्वतंत्रता दिवस हम सबके लिए एक मंगल दिवस और महत्वपूर्ण पर्व [...]

क्या गरीबी वंशानुक्रम से आती रहेगी

Vindhya Prakash Mishra
क्या विडम्बना है जो हाथ लोगो को कमाकर देते हैं ।वही दूसरो की [...]

हिन्द मेरा अभिमान

Ashutosh Jadaun
ये जो हिन्द भूमि है ,वो एक चलता फिरता राष्ट्रपुरुष है । इसके [...]

फ़ौजी बनना कोई मज़ाक नहीं है

जयति जैन
हर देश की सीमा होती है, उसके अपने कानून ही उसे अंतराष्ट्रीय [...]

ज्ञान का भ्रम

ईश्वर दयाल गोस्वामी
जो अज्ञानी व्यक्ति है वह ज्ञानवान व्यक्ति का शत्रु नहीं हो [...]

चोटी के लिए

Vindhya Prakash Mishra
इस समय हमारे देश में एक अजीब सी बेचैनी व्याप्त है । कोई चोटी [...]

हिंदी बनाम अंग्रेजी

जयति जैन
हिंदी हमारी मात्र्भाषा है, लेकिन अन्ग्रेज़ी ना तो मात्र्भाषा [...]

नेता और सैनिक

seervi prakash panwar
साहब, किसी नेता की गाड़ी का काँच तोड़ने से इतना बवाल क्यों मचा [...]

क्या ये नही हो सकता

Himanshu Jain
अभी 7 तारीख को रक्षाबंधन निकला और हमने इसे मनाया भी पर हम [...]

*माता पिता और संतान के बीच घुटते-मरते रिश्ते*

अनुजा कौशिक
*माता पिता और संतान के बीच घुटते-मरते रिश्ते* अक्सर सोचती [...]

प्रेम एक अनुभव

पंकज प्रखर
कबीरा मन निर्मल भया जैसे गंगा नीर पीछे-पीछे हरि फ़िरे कहत [...]

भाई -बहन का प्यारा बंधन : रक्षाबंधन (लेख)

Dr.rajni Agrawal
भाई-बहन का प्यारा बंधन : रक्षा बंधन ****************************** जी चाहे [...]

कसौटी प्रेम और विश्वास की….

शालिनी साहू
तुमको न भूल पायेगें.... मित्रता विशेषण ही नहीं अपने आप में [...]

*** हमारे कर्मों का साक्षी : शरीर ***

भूरचन्द जयपाल
5.8.17 *** प्रातः *** 5.5 हमारे अच्छे और बुरे कर्मों का साक्षी शरीर ही [...]

बहन विरासत है

Ashutosh Jadaun
महज बहन नही हो तुम ,मेरे सपनों की आवाज हो ,मेरे सुनहरे भविष्य [...]

दृष्टि प्रेम पथ

Ashutosh Jadaun
अक्सर कुछ कुछ सुना है और कुछ कुछ जीवन के अनुभव से जाना है , [...]

गोस्वामी तुलसीदास के प्रिय राम

पारसमणि अग्रवाल
संवत 1956 की श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन जन्में हिन्दी साहित्य [...]

तुम मुझसे क्यूँ रूठी हो

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
हर साल तो इस समय तक तुम आ ही जाती थी, पता नहीं इस साल क्या हो गया [...]

जिम्मेदारी किसकी….?

पं.संजीव शुक्ल
आज मै वसुधा जी का एक लेख पढ रहा था फेसबुक पर तभी मेरे दिमाग का [...]

“मैं जो खाऊ तुम्हे क्या!” (मांसाहार पर दो टूक /- भाग 2)

Neeraj Chauhan
कल जब मेट्रो से जा रहा था, तीन संभ्रांत परिवार की लड़कियों को [...]

अब और नहीं यह ‘भ्रष्टाचार’ रोको इसे , मत फलने दो |

Neeru Mohan
आचार भ्रष्ट, व्यवहार भ्रष्ट भ्रष्ट सर्वस्व, भ्रष्ट आचरण [...]

प्रगतिशील जीवनस्तर या नैतिक पतन

पं.संजीव शुक्ल
प्रगतिशील जीवनस्तर या नैतिक पतन *******†*†*****†*†******†*†******* सिकुड़ता [...]

आखिर हम किस ओर जा रहे हैं?

पं.संजीव शुक्ल
हम किस ओर जा रहे हैं? अपने वजूद को खोने तो नहीं लगे हैं? सभ्यता [...]