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लघु कथा

ए.टी.एम.

आशीष त्रिवेदी
महेश जैसे ही घर में घुसा माँ ने सवाल दागा "मेरी चार धाम यात्रा [...]

बस नं. 13

आशीष त्रिवेदी
बस के रुकते ही सभी जो रोज़ इस स्टॉप से चढ़ते थे चढ़ गए. किंतु [...]

हरफनमौला

आशीष त्रिवेदी
विपिन की एक आदत उसके जानने वालों को अच्छी नहीं लगती थी. वह यह [...]

खोया पाया

आशीष त्रिवेदी
सरिता स्टोर रूम की सफाई करवा रही थी. जो सामान काम का नहीं था [...]

बचत

आशीष त्रिवेदी
बबलू ने ददाजी के कमरे में चारों तरफ नज़र दौड़ाई. सब कुछ [...]

कट्टी बट्टी

आशीष त्रिवेदी
शाम हो गई थी बंटू बाहर खेलने जाने की बजाया एक किताब पढ़ रहा था. [...]

अनाम पल

Anil Shoor
_लघुकथा_ अनाम पल *अनिल शूर आज़ाद वह चौंक उठा! सचमुच उसका [...]

बिजिनेस पॉइंट

Anil Shoor
_लघुकथा_ बिजिनेस पॉइंट *अनिल शूर आज़ाद इस प्राइवेट स्कूल [...]

अनुकरण

Anil Shoor
_लघुकथा_ अनुकरण *अनिल शूर आज़ाद अभी-अभी वह फिल्म 'दीवार' का शो [...]

दुश्मन

Anil Shoor
_लघुकथा _ दुश्मन युद्ध के अग्रिम मोर्चे पर लड़ते हुए वे दोनों, [...]

उनका लिखना

Anil Shoor
_लघुकथा_ उनका लिखना *अनिल शूर आज़ाद तेज गति से आती एक [...]

अन्तर

Anil Shoor
_लघुकथा_ अन्तर *अनिल शूर आज़ाद आज वह बहुत खुश था। थोड़ी देर [...]

उसका बेटा

Anil Shoor
_लघुकथा_ उसका बेटा *अनिल शूर आज़ाद अपने पुत्र कलुआ को [...]

चटर-पटर

Anil Shoor
__लघुकथा__ चटर-पटर *अनिल शूर आज़ाद पहले पूजनीय मां और अब..पापा [...]

डंडा

Anil Shoor
_लघुकथा_ डण्डा *अनिल शूर आज़ाद " आज फिर गलत लिखा..बेवकूफ [...]

श्रीकृष्ण

Anil Shoor
_लघुकथा _ श्रीकृष्ण *अनिल शूर आज़ाद मैट्रिकुलेशन की परीक्षा [...]

वाक्यांश- बख्शीश

राकेश श्रीवास्तव
वाक्यांश- बख्शीश रामाकांत दसवीं पास कर सेठ हजारीलाल के यहाँ [...]

लघु कथा :- ” अंधममत्व नौनिहाल के लिए खतरा “…………

पूनम झा
लघु कथा :- " अंधममत्व नौनिहाल के लिए खतरा "............ ----- --------- ---------- " [...]

जज्बात

डॉ मधु त्रिवेदी
जज्बात (लघुकथा) ✍✍✍✍✍✍✍✍ कपिल की माँ को वह दिन याद आ गया [...]

मनी मनी मनी

डॉ मधु त्रिवेदी
मनी मनी मनी ------@@@------- यूनेस्को द्वारा "द [...]

महाराज ! कालाधन चाहिए (व्यंग्य )

डॉ मधु त्रिवेदी
एक बार भोलू पहलवान समुद्र मंथन से निकले धन्वन्तरि को अपने घर [...]

चारदीवारी

सन्दीप कुमार 'भारतीय'
"चारदीवारी" “ तुम लोग रोज रोज इतनी देर तक कहाँ गायब रहते हो [...]

भोले भक्त

डॉ मधु त्रिवेदी
भोले- भक्त ✍✍✍✍✍✍ बचपन में माँ जब देवी - देवताओं की [...]

आज भी याद है वो रात

डॉ मधु त्रिवेदी
रवि को फिर वहीं रात याद आ गयी , मूसलाधार बरसात हो रही थी और [...]

एक मुलाकात(लघु कथा)

Mandeep Kumar
"एक मुलाकात" "साई"फिर से वो गली से निकली और मै छुप कर देख रहा था [...]

चोट

मनहरण मनहरण
चोट _____________________________________________________________________________________________________________________ बेटा [...]

बारिश वाली रात

डॉ मधु त्रिवेदी
रवि को फिर वहीं रात याद आ गयी , मूसलाधार बरसात हो रही थी और [...]

अभी बाकी है

Kapil Kumar
अभी बाकी है................... हिन्दुस्तां को बुलंदियों पर ले जाना अभी [...]

अपने बाप से बाप कहूंगा

Dr. Vijendra Pratap Singh
अपने बाप को बाप कहूंगा अमर दलित समुदाय का एक नौकरीपेशा [...]

बेटियां

रजनी मलिक
"पुनीत जी आपकी बेटी बहुत प्रतिभावान है ,उसे अच्छे से अच्छे [...]