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लघु कथा

आत्मा का राम

ललित नाथ
*आत्मा का राम* फटी हुई कथडी में लेटा आत्मप्रसाद अपने [...]

एक गाती चिड़िया

sushil sharma
*एक गाती चिड़िया* (लघु कथा) सुशील शर्मा एक चिड़िया मस्त गगन में [...]

“सही हूँ मैं”

Hema Tiwari Bhatt
🙋🙋"सही हूँ मैं"🙋🙋 "8मार्च,महिला दिवस,महिला सशक्तिकरण,महिला [...]

जीजा-साली [कहानी ]

rekha mohan
जीजा-साली ( नीना अपनी पति की आशिक मजाजी से बहुत परेशान थी. [...]

खोट (लघुकथा )

Archana Tripathi
पिता और छोटे भाई का अंतिम संस्कार कर गाँव के लम्बे सफर से [...]

जागती आँखों के सपने (लघु कथा )-9

sushil sharma
जागती आँखों के सपने (लघु कथा )-9 सुशील शर्मा सुमन रो रो कर कह [...]

लकी

manisha joban desai
लकी, सुबह के नौ बज़े सृजन चायका कप लिये टीवी देख रहा था की [...]

पहली बार

बसंत कुमार शर्मा
पहली बार © बसंत कुमार शर्मा, जबलपुर * सेठ रामलाल बड़ा सा बैग [...]

इंतज़ार

Rashmi Singh
अक्सर तुम कहा करते थे कि तुम सीधे सीधे शब्दों का इस्तेमाल [...]

पतासी काकी

डॉ०प्रदीप कुमार
" पतासी काकी " (लघुकथा) ----------------------- कहने को तो [...]

भाईचारा

Bijender Gemini
     एक इंजिनियर रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा जाता है। अदालत [...]

बात समझ मे आई

अल्पना नागर
लघु कहानी बात समझ में आयी आज रजिया बहुत खुश नज़र आ रही [...]

कहानी – ‘अहसास’

रामबन्धु वत्स
इस बार नव वर्ष पर वो उमंग कहाँ, उसमे भी बुखार । इसीलिए जब चंदुआ [...]

बेचैन मच्छर ।

Satyendra kumar Upadhyay
कहाँ गया ? कहाँ ग..या ? सारे मच्छर कमरे में रात भर उसे ढ़ूँढ-2 [...]

(लघुकथा ) केयर

Geetesh Dubey
(लघुकथा ) केयर ***** रघ्घू ओ रघ्घू की आवाज लगाते हुए मुकुंदीलाल [...]

बसेरा

jyoti rani
मुझे यहाँ पर नौकरी ज्वाइन किये हुए अभी छ: महीने बीते थे,| मेरे [...]

मातृभाषा

Bijender Gemini
     अपने ओफिस के पास चाय की दुकान पर हिन्दी दैनिक अकबार की जगह [...]

“भंडारा”

हरीश लोहुमी
"भंडारा"......एक लघु कथा [...]

मन को शन्ति

Bijender Gemini
मैं मन्दिर जा रहा हूँ। सामने से मेरा मित्र आहुजा मिल जाता है [...]

फ़ोकट का तमाशा

आशीष त्रिवेदी
आज फिर कामिनी बाहर गली में आकर चिल्ला रही थी 'कोई भी नही बचेगा, [...]

उचकन ।

Satyendra kumar Upadhyay
क्या ? हुआ रघु ! हॅसते हुए उसके मित्र श्यामू ने पूॅछा ही था कि [...]

चुगली ।

Satyendra kumar Upadhyay
नंद और भौजाई साथ-2 एक ही जगह नौकरी करतीं थी।एक दिन नंद को पता [...]

“😊रुका जीवन और रुका हुआ पानी दुर्गन्ध देता है”😊

Ritu Asooja
"😊रुका जीवन और रुका हुआ पानी दुर्गन्ध देता है"😊 हर दिन की [...]

*** छूआ-छूत का अंत ***

दिनेश एल०
छुआ-छूत का अंत #दिनेश एल० "जैहिंद" सोनहो गाँव में हर [...]

धार्मिक कौन

Sunder Singh
धार्मिक कौन (लघु कथा) नवरात्रों की शुरुआत हो चुकी थी। घर घर [...]

दूध सी सफेदी

डॉ०प्रदीप कुमार
"दूध सी सफेदी" (सत्य लघुकथा) """""""""""""""""""" मैं नित्य की तरह [...]

जीवन दान

jyoti rani
रोज की तरह मैं आज भी अपने क्लीनिक में समय पर पहुँच गयी थी | [...]

प्यारी बहना (लघुकथा)

sudha bhardwaj
प्यारी बहना(लघुकथा) क्या हुआ बाबू रो क्यो रही है ? अब तेरी [...]

खतरा

sudha bhardwaj
खतरा (लघुकथा) उफ्फ आज तो मैं बाल -बाल बचा हूँ। यदि मैं [...]