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कुण्डलिया

कुण्डलियाँ

Laxminarayan Gupta
मानवीय सद्गुणों से, हुए कभी परतंत्र सदियों के संघर्ष से, [...]

बादल की रेख

Devkinandan Saini
भारी बरखा है कहीं , बूँद तरसते लोग सावन का क्या दोष है , [...]

करके मेहनत रात दिन,पाले जो परिवार

Dr Archana Gupta
करके मेहनत रात दिन,पाले जो परिवार मिले बुढापे में उसे ,गैरों [...]

इश्क़ कर सब भटक रहें,

शुभम् वैष्णव
इश्क़ कर सब भटक रहें , अपनी अपनी राह। काम कुछ तो अब कर लो, क्या [...]

कुण्डलिया

Ashok Kumar Raktale
बूँदे लेकर रसभरी , वसुधा को महकाय | क्या है मन में मेघ के, कोई [...]

ममता

ramesh kumar chauhan
ममता ममता होत है, नर पशु खग में एक । खग के बच्चे कह रहे, मातु [...]

कुण्डलिया

Ashok Kumar Raktale
मँहगाई नकदी रहे, होती नहीं उदार | इसका कब शनिवार या, होता है [...]

कुण्डलियाँ

त्रिलोक सिंह ठकुरेला
अपनी अपनी अहमियत, सूई या तलवार । उपयोगी हैं भूख में, केवल [...]

वन्दन है

Ashutosh Vajpeyee
वन्दन है उस गर्भ का जहाँ रहा नौ मास। जननी का मुझको प्रभो! [...]

कुण्डलिया

Deepshika Sagar
बिन मोबाइल हाथ में, रहे न ऊंची शान, जपूँ फेस बुक रोज मैं, [...]

सारा ही जग तप रहा

Dr Archana Gupta
सारा ही जग तप रहा , खिली हुई यूँ धूप अमलतास का पर हुआ , सोने [...]

अँगूरी अर्क

Dr Archana Gupta
लड़का लड़की में दिखे ,यहाँ न कोई फर्क दोनों को भाने लगे , खूब [...]

जीवन सहरा सा हुआ,

Dr Archana Gupta
आज विश्वपर्यावरण दिवस पर जीवन सहरा सा हुआ, दिखे रेत ही [...]

सारा ही जग तप रहा

Dr Archana Gupta
सारा ही जग तप रहा , खिली हुई यूँ धूप अमलतास का पर हुआ , सोने [...]

छंद कुण्डलिया छंद

Ankita Kulshreshtha
""धरती अंबर सज रहे, आया मास वसंत । योगी टेरे योग को, नील गगन में [...]

मन की अपने देखिये

Dr Archana Gupta
मन की अपने देखिये , घोड़े जैसी चाल पंछी जैसे पर लिए, करता खूब [...]

कुंडलियां छन्द

Pushp Lata
कारे बदरा छा गये, छम छम बरसे बूँद राधा देखे श्याम को , अपनी [...]

ऐसा दूल्हा चाहिए(हास्य )

Ankita Kulshreshtha
ऐसा दूल्हा ढूँढना, सुन लो बाबुल बात देय सैलरी हाथ में, मॉल [...]