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कुण्डलिया

धमकी करे अनर्थ….. : छंद कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
धमकी अणुबम की हमें, जो हैं देते नित्य. गिरेहबान वे झांककर, [...]

हो जाते माता पिता ,कोमल कभी कठोर

Dr Archana Gupta
हो जाते माता पिता ,कोमल कभी कठोर बच्चों का जिसमे भला ,ले जाते [...]

उल्टी बात

Bhaurao Mahant
कुण्डलिया छंद लम्बूजी छोटे दिखे, छोटूजी छह फीट। सीधेजी [...]

मोटूमल का भोजन

Bhaurao Mahant
खाते रात दिवस रहे, मोटूमल भरपेट। लड्डू पेड़ा और सभी, होता उनको [...]

आज के गीत

Bhaurao Mahant
~~~~~~कुण्डलिया छंद~~~~~~ सुनते राम भजन सभी,,,हो जाते हैं [...]

कुंडलिया

Mahatam Mishra
"कुंडलिया" मानव के मन में बसी, मानवता की चाह दानव की दानत रही, [...]

हैवानों के देश में ,विष की फलती बेल

Dr Archana Gupta
हैवानों के देश में ,विष की फलती बेल भूल तभी अपना धरम ,खेलें [...]

कुंडलिया

Mahatam Mishra
"कुंडलिया" मानव के मन में बसी, मानवता की चाह दानव की दानत रही, [...]

कुंडलिया

Mahatam Mishra
चित्र अभिव्यक्ति- “कुंडलिया” बर्फ़ीले पर्वत धरें, चादर अमल [...]

कुंडलिया

Mahatam Mishra
“कुंडलिया” ढोंगी करता ढोंग है, नाच जमूरे नाच बांदरिया तेरी [...]

आकाश महेशपुरी की कुछ कुण्डलियाँ

आकाश महेशपुरी
आकाश महेशपुरी की कुछ कुण्डलियाँ ★★★★★★★★★★★★★★★ 1- जो [...]

कुंडलिया

Mahatam Mishra
“कुंडलिया” अनंत चतुर्थी पावनी, गणपति गिरिजा नेह विघ्न [...]

हिंदी दिवस

Dr Archana Gupta
हिंदी के उत्थान का ,केवल ये उपचार रोज मना हिंदी दिवस, इसका करो [...]

सरस्‍वती वंदना

Dr. Gopal Krishna Bhatt 'Aakul'
1 वीणापाणि नमन करूँ, धरूँ ध्‍यान निस्‍स्‍वार्थ। यथाशक्ति [...]

जूझ रहे है नित्य…

Ambarish Srivastava
असली गोरक्षक यहाँ, जूझ रहे है नित्य. बदनामी नकली करें, [...]

न्यौछावर हैं प्राण..

Ambarish Srivastava
बहना राखी बाँधती, भैया पढ़ता मंत्र, राजा बलि रक्षा करें, बँधा [...]

कुंडलिया

Mahatam Mishra
“कुण्डलिया छंद” गुरुवर साधें साधना, शिष्य सृजन रखवार बिना [...]

मिलते हैं गुरु से हमें ज्ञान भरे भण्डार

Dr Archana Gupta
कुंडलिया ******** 1 मिलते हैं गुरु से हमें ज्ञान भरे भण्डार जीवन [...]

गुण त्रय

avadhoot rathore
हैं रंगत जग जीव सब, सत रज तम गुण [...]

रहो प्रेम से यार

Dr. Gopal Krishna Bhatt 'Aakul'
अर्थशास्‍त्र ******* श्रम से मजदूरी मिले, भाड़ा भवन [...]

कुंडलिया

Mahatam Mishra
एक कुण्डलिया छंद. ( ढेल- मोरनी, टहूंको- मोर की बोली) नाचत घोर [...]

तिरंगा

Dr. Gopal Krishna Bhatt 'Aakul'
छूते मंजिल को वही,मतवाले रणधीर। हाथ तिरंगा थाम के,करते जो [...]

जीवन के धन

avadhoot rathore
जर जोरू और ज़मीन, जीवन के धन तीन, जिनको ये हासिल नहीं, जीवन [...]

सच्चा सुख

kamni Gupta
काज सभी ऐसे करें,जग का हो कल्याण रहे न कोई भी दुखी,बढ़े सभी का [...]

कुंडलिया :– निन्दा रस (व्यंग)

Anuj Tiwari
कुंडलिया :-- निन्दा रस निन्दा रस में सनी हुई बस औरत की जात [...]

कुण्डलिया छंद

Abhishek Kumar Amber
खिड़की को देखूँ कभी,कभी घड़ी की ओर, नींद हमें आती नहीं ,कब होगी [...]

यारब

avadhoot rathore
उस रब को तू याद कर , सुबह रहे या शाम। राम नाम सुरसरि बहे, प्रभु [...]

सावन

Dr Archana Gupta
सावन भादो तुम जरा ,बरसो दिल के गाँव तपन जरा इसकी हरो , बादल की [...]

सच्चाई रोने लगी

विवेक प्रजापति 'विवेक'
सच्चाई रोने लगी, हँसता देखा झूठ। फिर भी सबकुछ जानकर, बने [...]

धन

विवेक प्रजापति 'विवेक'
धन की खातिर आदमी, करता क्या क्या काम। श्रम बिन धन कहुँ कब [...]