साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

कुण्डलिया

हिंदी दिवस

Dr Archana Gupta
हिंदी के उत्थान का ,केवल ये उपचार रोज मना हिंदी दिवस, इसका करो [...]

सरस्‍वती वंदना

Dr. Gopal Krishna Bhatt 'Aakul'
1 वीणापाणि नमन करूँ, धरूँ ध्‍यान निस्‍स्‍वार्थ। यथाशक्ति [...]

जूझ रहे है नित्य…

Ambarish Srivastava
असली गोरक्षक यहाँ, जूझ रहे है नित्य. बदनामी नकली करें, [...]

न्यौछावर हैं प्राण..

Ambarish Srivastava
बहना राखी बाँधती, भैया पढ़ता मंत्र, राजा बलि रक्षा करें, बँधा [...]

कुंडलिया

Mahatam Mishra
“कुण्डलिया छंद” गुरुवर साधें साधना, शिष्य सृजन रखवार बिना [...]

मिलते हैं गुरु से हमें ज्ञान भरे भण्डार

Dr Archana Gupta
कुंडलिया ******** 1 मिलते हैं गुरु से हमें ज्ञान भरे भण्डार जीवन [...]

गुण त्रय

avadhoot rathore
हैं रंगत जग जीव सब, सत रज तम गुण [...]

रहो प्रेम से यार

Dr. Gopal Krishna Bhatt 'Aakul'
अर्थशास्‍त्र ******* श्रम से मजदूरी मिले, भाड़ा भवन [...]

कुंडलिया

Mahatam Mishra
एक कुण्डलिया छंद. ( ढेल- मोरनी, टहूंको- मोर की बोली) नाचत घोर [...]

तिरंगा

Dr. Gopal Krishna Bhatt 'Aakul'
छूते मंजिल को वही,मतवाले रणधीर। हाथ तिरंगा थाम के,करते जो [...]

जीवन के धन

avadhoot rathore
जर जोरू और ज़मीन, जीवन के धन तीन, जिनको ये हासिल नहीं, जीवन [...]

सच्चा सुख

kamni Gupta
काज सभी ऐसे करें,जग का हो कल्याण रहे न कोई भी दुखी,बढ़े सभी का [...]

कुंडलिया :– निन्दा रस (व्यंग)

Anuj Tiwari
कुंडलिया :-- निन्दा रस निन्दा रस में सनी हुई बस औरत की जात [...]

कुण्डलिया छंद

Abhishek Kumar Amber
खिड़की को देखूँ कभी,कभी घड़ी की ओर, नींद हमें आती नहीं ,कब होगी [...]

यारब

avadhoot rathore
उस रब को तू याद कर , सुबह रहे या शाम। राम नाम सुरसरि बहे, प्रभु [...]

सावन

Dr Archana Gupta
सावन भादो तुम जरा ,बरसो दिल के गाँव तपन जरा इसकी हरो , बादल की [...]

सच्चाई रोने लगी

विवेक प्रजापति 'विवेक'
सच्चाई रोने लगी, हँसता देखा झूठ। फिर भी सबकुछ जानकर, बने [...]

धन

विवेक प्रजापति 'विवेक'
धन की खातिर आदमी, करता क्या क्या काम। श्रम बिन धन कहुँ कब [...]

कुण्डलियाँ

Laxminarayan Gupta
मानवीय सद्गुणों से, हुए कभी परतंत्र सदियों के संघर्ष से, [...]

बादल की रेख

Devkinandan Saini
भारी बरखा है कहीं , बूँद तरसते लोग सावन का क्या दोष है , [...]

करके मेहनत रात दिन,पाले जो परिवार

Dr Archana Gupta
करके मेहनत रात दिन,पाले जो परिवार मिले बुढापे में उसे ,गैरों [...]

इश्क़ कर सब भटक रहें,

शुभम् वैष्णव
इश्क़ कर सब भटक रहें , अपनी अपनी राह। काम कुछ तो अब कर लो, क्या [...]

कुण्डलिया

Ashok Kumar Raktale
बूँदे लेकर रसभरी , वसुधा को महकाय | क्या है मन में मेघ के, कोई [...]

ममता

ramesh kumar chauhan
ममता ममता होत है, नर पशु खग में एक । खग के बच्चे कह रहे, मातु [...]

कुण्डलिया

Ashok Kumar Raktale
मँहगाई नकदी रहे, होती नहीं उदार | इसका कब शनिवार या, होता है [...]

कुण्डलियाँ

त्रिलोक सिंह ठकुरेला
अपनी अपनी अहमियत, सूई या तलवार । उपयोगी हैं भूख में, केवल [...]

वन्दन है

Ashutosh Vajpeyee
वन्दन है उस गर्भ का जहाँ रहा नौ मास। जननी का मुझको प्रभो! [...]

कुण्डलिया

Deepshika Sagar
बिन मोबाइल हाथ में, रहे न ऊंची शान, जपूँ फेस बुक रोज मैं, [...]

सारा ही जग तप रहा

Dr Archana Gupta
सारा ही जग तप रहा , खिली हुई यूँ धूप अमलतास का पर हुआ , सोने [...]

अँगूरी अर्क

Dr Archana Gupta
लड़का लड़की में दिखे ,यहाँ न कोई फर्क दोनों को भाने लगे , खूब [...]