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कुण्डलिया

पैसा

avadhoot rathore
पैसे से ही जगत में, आन बान और शान। पैसे की ही जुगत में, फिरता [...]

कृष्ण पर एक कुंडलिनी

Pravin Tripathi
कृष्ण पर एक कुंडलिनी... हे कृष्णा मुरली तेरी, मन को रही [...]

500 और 1000 के नोट बंद होने पर –

Dr. Seema Agrawal
कैसी विवशता आई, खुल गयी भरी तिजोरी पाई- पाई निकल गयी जोड़ी जो [...]

सभी पत्नियों को समर्पित एक रचना कुण्डलिया

Dr Archana Gupta
जीवन भर कर हम बचत ,करते संचित कोष सुनकर उसको गुप्त धन होता [...]

कुण्डलिया (समसामयिक)

ईश्वर दयाल गोस्वामी
मोदी के फ़रमान पर ,बंद हुए जो नोट । यू.पी.मेें फीके पड़े , अग्र [...]

500 और 1000 के नोट बन्द होने पर एक कुण्डलिया

Dr Archana Gupta
काला धन सब लुट गया, कैसे लोगे वोट रद्दी के जैसे हुए, काले धन के [...]

दिल्ली में फैला धुआँ

Dr Archana Gupta
दिल्ली में फैला धुआँ , होती सबको पीर आँखों में ऐसी जलन, टप टप [...]

कुण्डलिया- दिल्ली की वायु

आकाश महेशपुरी
कुण्डलिया- दिल्ली की वायु ●●●●●●●●●●●●●● देखो रहकर गाँव [...]

कुन्डलियां :– सर्व धर्म सन्मति रहे ॥

Anuj Tiwari
कुन्डलिया :-- सर्व धर्म सन्मति रहे ॥॥॥ सर्व धर्म सन्मति रहे [...]

कुन्डलिया :– सरहद (नातों की )-2 ॥

Anuj Tiwari
कुन्डलियां :-- सरहद -2 !! सरहद भावों से बनी , बड़ी विकट विकराल [...]

कुन्डलिया :– घट यूँ घट पनघट गए !!

Anuj Tiwari
कुंडलिया :-- घट यूँ घट पनघट गये !! घट यूँ घट पनघट गये, सरपट बहता [...]

कुन्डलियां :– सरहद (व्यंग) भाग -1 !!

Anuj Tiwari
कुन्डलियां :-- सरहद -1!! हद की सरहद लांघ कर , गदगद हुआ अधीर ! चार [...]

वाह वाह क्या बात….छंद कुण्डलिया.

Ambarish Srivastava
___________________________________ लड़ते हैं गोमांस पर, भक्षक, श्वान [...]

वाह! कमाया नाम…..: छंद कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
________________________________ कुण्डलिया: पेरिस पर हमले किये, वाह! कमाया [...]

रंग हरा यदि किन्तु….: छंद कुण्डलिया.

Ambarish Srivastava
केसरिया सविता उगे, केसरिया हो अस्त. हरियाली उस सूर्य से, [...]

जड़े होठों पर ताले…:शाश्वत कुण्डलिया छंद

Ambarish Srivastava
बहता क्योंकर अनवरत पक्षपात का द्रव्य. अर्जुन अवसर पा रहा, [...]

सॅंभले मानव जाति…कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
ईश्वर से प्रतिभा मिले, सत्संगति से ख्याति. अहंकार उपजे [...]

यहीं यमलोक दिखा दे….हास्य-कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
सोती पत्नी के निकट, बैठी नागिन झूम. बोला पति डस ले वहीं, मत [...]

छमिया, मुखड़ा तो दिखा…:हास्य-कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
कपड़ा मुँह पर था बँधा. दोपहिया पर नार. छमिया, मुखड़ा तो दिखा, खोल [...]

पति ने पटका देखकर….:हास्य ‘कुण्डलिया’

Ambarish Srivastava
पत्नी घूमे यार सँग, करे प्रेम व्यवहार. पति ने पटका देखकर, [...]

झूठ की अम्मा रो दी…:हास्य कुण्डलिया :

Ambarish Srivastava
मोदी, राउल भूख में, भटके रेगिस्तान. मस्जिद देखी सामने. संकट [...]

समझ सकें यदि मर्म…: छंद कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
दुविधा में चन्दा बहुत, कैसे कह दे मर्म. रहे प्रकाशित सूर्य से, [...]

‘सामने होगा सागर’ …: छंद कुंडलिया.

Ambarish Srivastava
सागर खोजा ज्ञान का, किन्तु मिली दो बूँद. उन बूंदों में [...]

आखिर हम कब तक सहें….: छंद कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
छंद कुंडलिया (दोहा +रोला, प्रारंभिक व अंतिम शब्द एक [...]

जागृत करें विवेक … :छंद कुंडलिया

Ambarish Srivastava
(१) दानवता के दौर की महिमा बहुत विचित्र, आतंकी ट्रक आ रहा, हटें [...]

अपने गुरु हैं देवगुरु…: छंद कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई ..... अपने गुरु हैं देवगुरु, [...]

आप विश्व सिरमौर…: छंद कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
जय हिंद की सेना ... सेना दिवस १९ जुलाई... (छंद कुंडलिया) आतंकी [...]

जिसके गुट में एकता…..: छंद कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
शाश्वत कुण्डलिया- गुटबंदी में है बँटा, भारत राज समाज. जिसके [...]

आगे आयें आप…छंद कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
जम्मू कश्मीर में अब मिलिट्री शासन की जरूरत है यहाँ की [...]

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई…: छंद कुण्डलिया

Ambarish Srivastava
आजादी का यह दिवस, इस पर हमको नाज. मिलें हाथ में हाथ जब, उन्नत [...]