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कुण्डलिया

उलझे उलझे बाल

RAMESH SHARMA
मैंने अपने हाथ पर,ज्यों ही रखा गुलाल ! याद किसी के आ गये, .गोरे [...]

बने व्याधि के पूत, हाँफते पीकर गाँजा

Brijesh Nayak
गाँजा-चरस-अफीमची,बन सिकुड़ी है खाल| जब-बंधन की खाट पर, ठोक रहे [...]

सदा ज्ञान जल तैर रूप माया का जाया

Brijesh Nayak
जाया करवा-चौथ व्रत, रख देती उपदेश| फिक्र कि अगले जनम में ,पुनि [...]

मारे ऊँची धाँक,कहे मैं पंडित ऊँँचा

Brijesh Nayak
ऊँचा मुँह कर बोलते, गुटखा खा श्रीमान| गाल छिले, फिर भी फँसे, [...]

* कुण्डलिया *

surenderpal vaidya
* कुण्डलिया * १. चारवाक का देखिए, मनमोहन अवतार। कहता है बस आज [...]

गया मुलायम राज

बसंत कुमार शर्मा
टोली बबुआ की गई, गया मुलायम राज योगी जी अब हो गए, यू पी के [...]

“नारी की महत्ता “(कुण्डलियाँ छंद)

ramprasad lilhare
"नारी की महत्ता " (कुण्डलियाँ छंद " 1.नारी तुम ये न समझो, तुम हो [...]

“होली की कुण्डलियाँ “(कुण्डलियाँ छंद)

ramprasad lilhare
"होली की कुण्डलियाँ " (कुण्डलियाँ छंद) 1. सजना,सजनी से कहे, [...]

मनाओ मिलकर होली

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
टेसू, सेमल खिल उठे, बजे बसन्ती राग मस्ती, रंग, गुलाल से, देखो [...]

देख फिर आई होली

लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
पीली सरसों ने किया, स्वर्ण कनक मनुहार नीली अलसी मिल हुआ, अजब [...]

होली

Kaushlendra Singh Lodhi
होली पर्व है प्रेम का, भाई चारा धर्म। मन का कलुष मिटाइए, समझ [...]

बिखर रहे हैं रंग

surenderpal vaidya
बिखर रहे हैं रंग। (कुण्डलिया) १. देखो होली आ गई, बिखर रहे हैं [...]

खेलें ऐसी होली

AWADHESH NEMA
होली के त्यौहार पर, खुशियां मिले अपार । झूम उठे मन आपका, हो [...]

होली उत्सव प्रसंग पर…

सतीश तिवारी 'सरस'
तीन कुण्डलिया छंद (1) बहे बसंती पवन ले,अपने उर में प्यार. कोयल [...]

होली

Dr Archana Gupta
बंदर जैसा मुख हुआ, गर्दभ जैसी चाल रंगो ने मिल भाँग से , ऐसा [...]

नारी शक्ति

Rajni Ramdev
नारी फौलादी समझ, सुकुमारि नही मान उमा रमा सीता सती, ...रानी [...]

नारी

Dr Archana Gupta
नारी के इस दर्द को , कौन सका पहचान जननी होकर सृष्टि की, मिला [...]

II सबसे बड़ा है पैसा..II(कुंडलिया)

संजय सिंह
कुण्डलिया छंद ----- सबसे बड़ा है पैसा ,संबंधों को त्याग l हम [...]

II रहो मौन चुप साधि अब II(कुण्डलिया)

संजय सिंह
रहो मौन चुप साधि अब ,समय बड़ा बलवान l बोले बात खराब हो, छोड़ो [...]

मौसम ने भी रँग भरे , लिए पृष्ठ अब खोल

Dr Archana Gupta
मौसम ने भी रँग भरे , लिए पृष्ठ अब खोल कानों में गूँजे मधुर [...]

कुन्डलियां :– माँ

Anuj Tiwari
कुन्डलियां :-- माँ माँ में ममता , वात्स्यना , मोह , मृदुल , [...]

“शिव बारात” कुंडलिया

Dr.rajni Agrawal
"शिव बारात" कुंडलिया त्रिपुरारी दूल्हा बने,स्वागत नगरी [...]

ईश्‍वर कहा बसता है ?

bharat gehlot
न वो मन्‍दिर में बसता है न मस्‍जिद न गुरुद्रारे में , [...]

कुंडलिया – 3

Radhey shyam Pritam
तब हृदय में लगी चोट,देखा चूरन नोट। एटीएम की खूबी,या कर्मी का [...]

कुण्डलियाँ

Rajpal Singh Gulia
पैसे बिन संसार में , हुआ नहीं कुछ काम . मोल लिया है बैर भी , देकर [...]

तीन कुण्डलिया

सतीश तिवारी 'सरस'
(१) आ़यी जीवनसंगिनी,नहीं अब तलक यार. जाने कब देगा सरस,दुलहिन [...]

खामोशी की चीख

Hema Tiwari Bhatt
खामोशी की चीख में,सुन्न हुआ अब शोर लगा रहे सब आंकलन,किसका [...]

होते यहाँ चुनाव के ,ऐसे सुनो प्रचार

Dr Archana Gupta
भाषण में सब कर रहे, तीखे तीखे वार होते यहाँ चुनाव के ,ऐसे सुनो [...]

II मुख खोलें तो बोलिए II

संजय सिंह
मुख खोलें तो बोलिए , कुछ तो मीठे बोल l अपने ही सब हो गए ,कौन [...]

हम सबको ही है पता, चुभ जाते हैं शूल

Dr Archana Gupta
हम सबको ही है पता, चुभ जाते हैं शूल लेकिन अक्सर घाव भी,दे जाते [...]