साहित्यपीडिया पर अपनी रचनाएं प्रकाशित करने के लिए यहाँ रजिस्टर करें- Register
अगर रजिस्टर कर चुके हैं तो यहाँ लोगिन करें- Login

कुण्डलिया

II रहो मौन चुप साधि अब II(कुण्डलिया)

संजय सिंह
रहो मौन चुप साधि अब ,समय बड़ा बलवान l बोले बात खराब हो, छोड़ो [...]

मौसम ने भी रँग भरे , लिए पृष्ठ अब खोल

Dr Archana Gupta
मौसम ने भी रँग भरे , लिए पृष्ठ अब खोल कानों में गूँजे मधुर [...]

कुन्डलियां :– माँ

Anuj Tiwari
कुन्डलियां :-- माँ माँ में ममता , वात्स्यना , मोह , मृदुल , [...]

“शिव बारात” कुंडलिया

Dr.rajni Agrawal
"शिव बारात" कुंडलिया त्रिपुरारी दूल्हा बने,स्वागत नगरी [...]

ईश्‍वर कहा बसता है ?

bharat gehlot
न वो मन्‍दिर में बसता है न मस्‍जिद न गुरुद्रारे में , [...]

कुंडलिया – 3

Radhey shyam Pritam
तब हृदय में लगी चोट,देखा चूरन नोट। एटीएम की खूबी,या कर्मी का [...]

कुण्डलियाँ

Rajpal Singh Gulia
पैसे बिन संसार में , हुआ नहीं कुछ काम . मोल लिया है बैर भी , देकर [...]

तीन कुण्डलिया

सतीश तिवारी 'सरस'
(१) आ़यी जीवनसंगिनी,नहीं अब तलक यार. जाने कब देगा सरस,दुलहिन [...]

खामोशी की चीख

Hema Tiwari Bhatt
खामोशी की चीख में,सुन्न हुआ अब शोर लगा रहे सब आंकलन,किसका [...]

होते यहाँ चुनाव के ,ऐसे सुनो प्रचार

Dr Archana Gupta
भाषण में सब कर रहे, तीखे तीखे वार होते यहाँ चुनाव के ,ऐसे सुनो [...]

II मुख खोलें तो बोलिए II

संजय सिंह
मुख खोलें तो बोलिए , कुछ तो मीठे बोल l अपने ही सब हो गए ,कौन [...]

हम सबको ही है पता, चुभ जाते हैं शूल

Dr Archana Gupta
हम सबको ही है पता, चुभ जाते हैं शूल लेकिन अक्सर घाव भी,दे जाते [...]

मिलने के ही साथ में ,देखो जुड़ा विछोह

Dr Archana Gupta
मिलने के ही साथ में ,देखो जुड़ा विछोह दुख होता उतना बड़ा, जितना [...]

रोता बोल पडा़

vinay pandey
वो रोता रोता बोल पडा मेरा भी कब है मोल पडा सुख चैन तुम्हारे [...]

कुँडलिया छंद

Rajendra jain
[12/2, 12:23 pm] राजेंद्र जैन 'अनेकांत': आज वन, वन जीव पर्यावरण से [...]

कुडलिया-छंदक्र.४५ से आगे

Rajendra jain
कुंडलिया छंद ४६ शामा शामा चिड़िया सुर मधुर, जंगल जंगल [...]

कुँडलिया-छंद

Rajendra jain
पशु पक्षी,पर्यावरण पर आधारित कुंडलिया छंद १ विषधर [...]

कुंडलिया

Radhey shyam Pritam
एक भ्रम भूल जाइए,दंभ भरने का तुम। खुशियां ही खुशियां [...]

पाती है यह प्यार की

कौशल कुमार पाण्डेय
पाती है यह प्यार की,पहुँच दे प्रिय पास। आयेंगे मिलने पिया , मन [...]

स्वच्छ मन

विजय कुमार सिंह
मन के बंधन खोलिये, जगत लीजिये जीत I नहीं किसी से बैर हो, रखिये [...]

नेता।कुण्डलिया

राम केश मिश्र
नेता नेता हमको चाहिए,,,,,,,कर्मठ सुधी समूल । जनता की दुविधा [...]

भूकम्प

Rajendra jain
भूकंप पर हमारे भाव सादर... कुंडलिया-छंद ईश्वर तेरे द्वार [...]

कुण्डलियाँ

Aashukavi neeraj awasthi
गल्ली गल्ली होर्डिंग फोटोम जोड़े हाथ। पच्चिस गाड़ी मोटरे [...]

कुण्डलियाँ

Aashukavi neeraj awasthi
दो हजार सत्रह की सर्दी हुयी सियासत गर्म। कल तक अकड़े थे खड़े आज [...]

कहां किसी को दर्द

संजय सिंह
हैं सभी यहां पर मर्द, कहां किसी को दर्द l आंखों से दिखता नहीं [...]

समय सरकता जा रहा

संजय सिंह
समय सरकता जा रहा ,बात पते की जान l मुट्ठी जैसे रेत की ,या गरीब [...]

कुण्डलिया छंद

DrRaghunath Mishr
जागो प्रियवर मीत रे, कर लें रवि से प्रीत। क्या रक्खा उतपात [...]

मात सरस्वती

Dr Archana Gupta
हम पर मात सरस्वती, करना कृपा अपार जीवन में हरदम रहे, खिली [...]

पूरी भाजी छोड़ दी

RAMESH SHARMA
पूरी भाजी छोड़ दी, छोड़ा तवापुलाव बच्चे खावें पास्ता ,ले ले कर [...]

जिसमें सुर-लय-ताल है

महावीर उत्तरांचली
जिसमें सुर-लय-ताल है, कुण्डलिया वह छंद  सबसे सहज-सरल यही, छह [...]